scorecardresearch
 

IAS-IPS का कैडर सिस्टम... ये कैसे तय होता है, किस ऑफिसर को कहां मिलेगी पोस्टिंग?

यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया है. इससे पहले आयोग की ओर से आईएएस, आईपीएस के कैडर अलोकेशन पॉलिसी में भी बदलाव किया गया था.

Advertisement
X
IAS, IPS के कैडर अलॉकेशन सिस्टम में हाल ही में बदलाव हुआ था. (Photo: PIB)
IAS, IPS के कैडर अलॉकेशन सिस्टम में हाल ही में बदलाव हुआ था. (Photo: PIB)

संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है. यूपीएससी ने आईएएस, आईएफएस पदों पर चयनित उम्मीदवारों के वापस परीक्षा देने पर रोक लगा दी है. इसके आईपीएस उम्मीदवारों को सिर्फ एक मौका देने का फैसला किया है. इसके बाद से यूपीएससी की सेलेक्शन प्रोसेस की काफी चर्चा हो रही है. क्या आप जानते हैं यूपीएससी की ओर से इन नियमों में बदलाव से पहले आईएएस, आईपीएस के कैडर अलोकेशन सिस्टम में भी बदलाव किया गया है.

पहले जिस तरह से सिविल सेवा परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों को कैडर अलॉट किया जाता था, उस सिस्टम को अब बदल दिया गया है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर अभ किस तरह से होम कैडर मिलता है और कैडर बांटने के क्या नियम हैं... 

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग(DoPT) की ओर से अब पुराने पांच जोनल सिस्टम को खत्म कर दिया है. पहले देश को जोन में बांटा गया था और उस जोन में ही अफसर घूमता रहता था. जैसे किसी ने उत्तर प्रदेश मांगा और उसे नहीं मिला तो उसे हरियाणा, राजस्थान मिलने की संभावना रहती थी. हालांकि, अब इस सिस्टम को ग्रुप के आधार पर बांट दिया गया है, जिसमें एल्फाबेट के आधार पर स्टेट शामिल किए गए हैं. 

पहले आपको बताते हैं कि कौन-कौन से ग्रुप हैं...

अब देश के चार ग्रुप बनाए गए हैं, जिसमें पहले ग्रुप में आंध प्रदेश, असम- मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़ है. दूसरे ग्रुप में गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश है. ग्रुप-3 में महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और तमिलनाडु है. वहीं, ग्रुप-4 में तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल है. 

Advertisement

UPSC ग्रुप

ऐसे में नए नियमों के अनुसार, अब ग्रुप के अंदर ट्रांसफर हो सकता है. अगर कोई ग्रुप-3 का ऑफिसर है तो उसे गुजरात ना मिलने पर कर्नाटक, केरल, हरिणायाण कहीं भी जाना पड़ सकता है. पहले आस-पास के राज्यों में नियुक्ति के चांस रहते थे. 

हालांकि, अभी भी उम्मीदवारों को होम कैडर का ऑप्शन दिया जाएगा. बता दें कि इनसाइडर और आउटसाइडर नियुक्ति को लेकर नियम पुराने ही हैं और सीटें पहले की तरह ही तय की जाएगी. बता दें कि जो राज्य जिस उम्मीदवार का होम स्टेट है, अगर वहीं कैडर मिल जाए तो वो ऑफिसर इनसाइडर कहलाते हैं. अगर होम स्टेट के अलावा किसी दूसरे राज्य का कैडर मिलता है, तो आउटसाइडर होते हैं. इनकी नियुक्ति का एक कोटा होता है.

इसके साथ ही अलग अलग ग्रुप से कैडर अलॉकेशन प्रोसेस शुरू होगा. इससे हर ग्रुप में अफसर की पूर्ति होगी. पुराने सिस्टम से कुछ राज्यों में ज्यादा स्पेशल ऑफिसर हो जाते थे. 

---- समाप्त ----
Live TV

TOPICS:
Advertisement
Advertisement