मध्य पूर्व में जारी तनाव रोजाना बढ़ता जा रहा है. जहां ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध ने हालात को और गंभीर बना दिया है. इस बीच ईरान के भीतर हर युवा के लिए सैन्य सेवा केवल एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन गया है. ऐसे समय में जब सीमाओं पर तनाव है और लगातार हमले हो रहे हैं, ईरानी सशस्त्र बल और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की भूमिका और भी अहम हो जाती है. लेकिन इसके पीछे एक मानवीय पहलू भी है कि वे परिवार, जिनके बेटे इस संघर्ष में शामिल हैं या शहीद हो जाते हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि ईरान में किस तरह से सेना में भर्ती करता है और शहादत के बाद परिवारों को किस तरह का सहारा मिलता है.
कैसे होती है भर्ती?
बता दें कि ईरान में अधिकांश पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है. यह व्यवस्था ईरान के सैन्य सेवा कानून (Conscription Law) के तहत लागू होती है. इसमें भर्ती के लिए भी अलग नियम हैं जैसे 18 साल की आयु पूरी करने के बाद युवाओं को सेवा के लिए रजिस्ट्रेशन करना होता है. इस दौरान उन्हें 18 से 24 महीनों के बीच (औसतन लगभग 21 महीने) की पोस्टिंग और शिक्षा के आधार पर बदल सकती है. चयन प्रक्रिया के लिए मेडिकल जांच में सफल होना अनिवार्य है. इसके साथ ही शारीरिक फिटनेस टेस्ट और शुरुआती ट्रेनिंग आवश्यक होती है. यह पर लोग अपनी मर्जी से नौकरी की तरह आवेदन नहीं कर सकते हैं बल्कि उनके लिए ये कानूनी नियम होता है. वहीं, भर्ती के बाद व्यक्ति खुद नहीं तय कर सकते हैं कि उन्हें कौन से क्षेत्र में जाना है. इसका फैसला सेना की केंद्रीय व्यवस्था करती है और जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग विभागों – थल सेना, नौसेना, वायु सेना या रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) में भेजा जाता है. ट्रेनिंग की बात करें तो पहले 2 महीने की ट्रेनिंग दी जाती है और बाद में अलग-अलग जगहों पर पोस्टिंग की जाती है.
IRGC में होती है स्वैच्छिक भर्ती
वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स में हायरिंग पूरी तरह से वहां के लोगों पर निर्भर करता है. इसमें वैचारिक निष्ठा (ideological commitment) को विशेष महत्व दिया जाता है. इसमें शामिल होने वाले जवानों को अतिरिक्त प्रशिक्षण और विशेष मिशनों में भाग लेने का अवसर मिलता है.
शहीद होने पर परिवार को क्या मिलता है?
ईरान में अगर कोई सैनिक ड्यूटी के दौरान शहीद होता है, तो सरकार उसके परिवार को कई तरह की सहायता देती है. इनमें-
आर्थिक सहायता- परिवार को सरकार की ओर से निर्धारित पेंशन और फाइनेंशियल सहायता दी जाती है.
शिक्षा और नौकरी में प्राथमिकता- शहीदों के बच्चों को शिक्षा में विशेष रियायत और सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है.
स्वास्थ्य सुविधाएं- परिवार के सदस्यों को मुफ्त या रियायती चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है.
आवास और अन्य लाभ- कई मामलों में आवास या आवासीय सहायता भी प्रदान की जाती है.
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