बंटवारे के समय पर कई लोग ऐसे थे जो पाकिस्तान से भारत आ गए थे. इनमें से एक हैं रजनी बेक्टर, जिनका परिवार कराची से भारत आ गया. कराची में जन्मी रजनी ने लुधियाना के कारोबारी परिवार में शादी कर ली. शादी के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी. बच्चे हुए और जब वह बड़े हो गए तो, उन्हें बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया गया और फिर रजनी ने पंजाब कृषि विश्विद्यालय से बेकरी का कोर्स किया. इस दौरान उन्होंने अपनी कुकिंग स्किल पर ध्यान दिया.
300 रुपये से की बिजनेस की शुरुआत
जैसे-जैसे बेकिंग का शौक बढ़ा और वह अपनी बेकिंग रेसिपी के दोस्तों और आस पड़ोस के लोगों को बीच मशहूर होने लगी. इस प्रशंसा को प्रेरणा लेकर उन्होंने केवल 300 रुपये से एक छोटा सा बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. 300 रुपये का उन्होंने ओवन खरीदा और अपने घर में ही आइसक्रीम बनाया.
पति बने सहारा
रजनी का आइसक्रीम बिजनेस तो चला लेकिन कोई प्रॉफिट नहीं हो रहा था. तब उनके पति ने उनकी मदद की. धर्मवीर ने 1978 में रजनी को 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी. रजनी ने अपने ब्रांड के लिए क्रेमिका नाम चुना क्योंकि यह सुनने में क्रीम (यानी क्रीम से बना हुआ) जैसा लगता था.
जब फैल गया बिजनेस
इस बाद से रजनी ने आइसक्रीम से प्रॉफिट कमाना शुरू कर दिया लेकिन वह यहीं पर नहीं रुकी. उन्होंने अपने बिजनेस को धीरे-धीरे बढ़ाने शुरू कर दिया. आइसक्रीम के साथ-साथ उन्होंने ब्रेड, बिस्किट और सॉस बनाने भी शुरू कर दिया.
यहीं नहीं रुका सफर
धीरे-धीरे कारोबार का विस्तार घरेलू उत्पादों से आगे बढ़ने लगा. 1985 में रजनी ने पंजाब में एक ब्रेड बनाने की यूनिट शुरू की. शुरुआत में यहां रोजाना करीब 5,000 ब्रेड तैयार होती थीं. समय के साथ उत्पादन बढ़कर करीब 50,000 ब्रेड प्रतिदिन हो गया. इस बढ़ते उत्पादन के साथ कंपनी ने छोटे स्तर के कारोबार से बड़े खाद्य कारोबार की ओर कदम बढ़ाया.
बाद में यह कारोबार क्रेमिका ब्रांड से जुड़ गया. क्रेमिका बिस्कुट और दूसरे खाद्य उत्पादों के लिए जाना जाने लगा. इसके अलावा कंपनी ने इंग्लिश ओवन नाम से अपना बेकरी ब्रांड भी शुरू किया, जिसके तहत ब्रेड और प्रीमियम बेकरी उत्पाद बेचे जाते हैं.
7000 करोड़ का वैल्यूएशन
माना जाता है कि आज रजनी का क्रेमिका ब्रांड 60 से अधिक देशों में मौजूद है. साथ ही कंपनी का सालाना टर्नओवर 1600 करोड़ रुपये से अधिक है और टोटल वैल्यूएशन 7000 करोड़ रुपये है.
भारत सरकार से मिला सम्मान
पंजाब की कारोबारी रजनी बेक्टर को साल 2021 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया. उन्हें यह सम्मान व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में योगदान के लिए दिया गया. पद्म श्री मिलने के बाद रजनी बेक्टर ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी बनाई हुई रेसिपी का स्वाद चखने की इच्छा जताई थी.