रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे में आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर 10 फीसद का आरक्षण लागू करने का ऐलान किया है. इसी के साथ रेल मंत्री ने अगले 2 साल में रेलवे में 4,00,000 लोगों को नौकरी देने का भरोसा भी दिया. रेल मंत्री की मानें तो मौजूदा डेढ़ लाख पदों की भर्ती अभियान को मिलाकर अगले 2 साल में तकरीबन ढाई लाख पदों पर लोगों की भर्ती की जाएगी. उन्होंने कहा कि आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर दिए जाने वाले आरक्षण SC/ST और ओबीसी को दिए जाने वाले आरक्षण से अलग होगा.
रेल मंत्री ने कहा कि अगले 3 महीनों में 1,30,000 और पदों के लिए भर्ती अभियान शुरू कर दिया जाएगा. इसके बाद अगले 2 साल में एक लाख लोग रिटायर हो रहे हैं, उन पदों के एवज में भर्ती की प्रक्रिया को भी रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. इस तरह से अगले 2 सालों में 2,30,000 अतिरिक्त पदों के लिए रेलवे में भर्ती की जाएगी.
आज देश में 22 रेलसेवाओं के विस्तार को मंजूरी देने तथा देश और रेलवे में नौकरियों के बढते अवसर के संबंध में संवाददाताओं के साथ बातचीत की, अकेले रेलवे में हमने 4 लाख नौकरियों के अवसरों को मंजूरी दी है
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal)
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया इन भर्तियों में 10 फ़ीसदी यानी 23,000 पद आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए आरक्षित रखे गए हैं उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय पहला ऐसा सरकारी विभाग है, जिसने आर्थिक पिछड़ों के लिए सबसे पहले आरक्षण की घोषणा की है.
आरक्षण के मसले पर कोई कंफ्यूजन ना हो इसलिए रेल मंत्री बार-बार जोर देकर यह कह रहे थे कि आर्थिक पिछड़ों के लिए आरक्षण SC/ST और ओबीसी के लिए आरक्षित पदों से अतिरिक्त होगा. पीयूष गोयल ने कहा कि उनकी सरकार लोगों के लिए रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर मुहैया करा रही है.
इसके साथ ही रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि मौजूदा समय में रेलवे में 1,50,000 पदों पर चल रही है. भर्ती का काम अगले दो-तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि मार्च-अप्रैल इस भर्ती अभियान के तहत लोगों की जॉइनिंग भी शुरू हो जाए.