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नोएडा में 3 लाख सैलरी के लिए 8 घंटे इंटरव्यू! फिर भी नहीं मिली जॉब, कैंडिडेट ने साझा की आपबीती

नोएडा जैसे शहर में नौकरी पाना किसी जंग से कम नहीं है. यहां पर हर दिन हजारों लोग आते हैं और चले जाते हैं. लेकिन कई बार कुछ ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो यहां के वर्क कल्चर के बारे में सोचने पर मजबूर कर देती हैं. एक टेक प्रोफेशनल ने अपने साथ हुए एक किस्सा शेयर करते हुए बताया कि करीब 100 में से 6 उम्मीदवार को सीईओ राउंड के लिए चुने गए थे. लेकिन किसी ने भी ऑफर नहीं लिया. उम्मीदवार ने बताया कि लंबे समय बैठे रहने के बाद सब जाने लगे. आखिरकार शाम 6.45 बजे सीईओ राउंड शुरू हुआ, तो बातें सामने आई वह हैरान कर देने वाली थी. 

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3 लाख रुपये सालाना नौकरी के लिए करना पड़ा 8 घंटे का इंतजार. (Photo : Pexels)
3 लाख रुपये सालाना नौकरी के लिए करना पड़ा 8 घंटे का इंतजार. (Photo : Pexels)

जब एक सॉफ्टवेयर डेवलपर नोएडा स्थित एक सॉफ्टवेयर कंपनी में आयोजिन वॉक इन इंटरव्यू देने पहुंचा तो उसे यह नहीं मालूम था कि 8 घंटे के लंबे इंतजार के बाद उसे बिना इंटरव्यू दिए अपमानित होकर लौटना होगा. नोएडा जैसी जगह पर जॉब खोजना किसी बड़े टॉस्क से कम नहीं है. यहां पर रोजाना हजारों लोग आते हैं और बिना जॉब के वापस चले जाते हैं. लेकिन इस टेक प्रोफेशनल के साथ जो हुआ वह आए दिन यहां की कहानी बन चुकी है. रेडिट पर वायरल हो रहे पोस्ट ने लोगों के बीच एक नई चर्चा छेड़ दी है. टेक प्रोफेशनल ने बताया कि करीब 100 लोग में से 6 लोगों को सीईओ राउंड के लिए चुना गया था, एक ऐसी नौकरी के लिए जिसमें हर साल 3 लाख रुपये (25 हजार रुपये) की सैलरी दी जा रही थी. 

सीईओ राउंड सुबह 11 बजे से शुरू होने वाला था जिसमें एक ग्रुप डिस्कशन, दो टेक्निकल राउंड और एचआर राउंड शामिल था. शुरुआत में तो सब कुछ ठीक लग रहा था लेकिन बाद में जो हुआ उसने काम के कल्चर पर कई सवाल खड़े कर दिए. 

शुरू हुआ इंटरव्यू 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने रेडिट पर लिखा कि दोपहर दो बजे तक ग्रुप डिस्कशन और पहला टेक्निकल राउंड पूरा हो गया. इसके बाद शाम 4 बजे तक दूसरा टेक्निकल राउंड पूरा हो चुका था. तब तक ज्यादातर उम्मीदवार बाहर हो चुके थे. केवल 100 में से 6 लोगों को सीईओ राउंड के लिए चुने गए थे. उन्होंने कहा कि हमें लगा हम अंत के करीब हैं. तब से ही इंतजार शुरू हुआ. समय बीतता गया लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. एक-एक करके उम्मीदवार भी जाने लगे. आखिरकार शाम 6.45 बजे सीइओ राउंड शुरू हुआ. तब तक इस राउंड के लिए चुने गए 6 उम्मीदवार ही मौजूद थे. तब मालूम चला कि मीटिंग की वजह से सीईओ लेट हुए. 

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कुछ सेकंड में ही खत्म हो गया इंटरव्यू 

जब आखिरकार उनकी बारी आई, तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि बातचीत कुछ ही सेकंड तक चली. सीईओ ने रिज्यूमे देखा और कहां कि यह क्या है, मुझे तो इसमें कुछ दिख नहीं रहा है? इसपर उम्मीदवार ने उत्तर दिया कि सर सब साफ लिखा है. एक भी सवाल किए बिना सीईओ ने उम्मीदवार को कहा कि हो गया तुम्हारा इंटरव्यू. किसी बात पर कोई चर्चा नहीं हुई कोई सवाल नहीं किया गया. उम्मीदवार ने लिखा कि एक पल के लिए मुझे ऐसा लगा कि ये इंटरव्यू मेरे स्किल के बारे में नहीं बल्कि इस बारे में था कि मैं कितना अपमान सह सकता हूं. वहां पर कुछ देर रुकने के बाद उम्मीदवार ने वहां से जाने का फैसला किया. 

कभी-कभी चयन न होने ही सही होता है...

बता दें कि उम्मीदवार ने पोस्ट में आगे लिखा कि मैं यह बात निराशा में आकर नहीं लिखा रहा हूं. कभी- कभी हम उन चीजों को सामान्य मान लेते हैं जिन्हें नहीं मानना चाहिए. इंटरव्यू दोतरफा प्रोसेस है. लेकिन अगर कोई कंपनी आपके समय का सम्मान नहीं कर रही है, तो आपको आपका जवाब मिल जाता है. कभी-कभी सिलेक्ट होना जरूरी नहीं होता है. 

लोग कर रहे हैं कमेंट 

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इस पोस्ट के वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि 25 हजार रुपये के लिए इतनी सारी परेशानी. दूसरे ने कहा कि जब आपने पांच राउंड, 3 लाख रुपये प्रति वर्ष और एक बॉन्ड देखा तो आपको समझ जाना चाहिए था और घर पर ही रहना चाहिए था. 

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