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SpaceX में बनना है इंजीनियर, तो पास होनी चाहिए ये योग्यता, अप्लाई करने से पहले हो न जाए कोई गलती

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स में काम करना लाखों युवा इंजीनियर का सपना होता है लेकिन कई बार कैपेबिलिटी होने के बाद भी वह इंटरव्यू में फेल हो जाते हैं. लेकिन कभी सोचा है क्यों? इसके पीछे आपकी योग्यता भी बड़ी भूमिका निभाती है. इसके साथ ही अच्छी टेक्निकल स्किल, रियल प्रोजेक्ट्स का अनुभव समेत कई स्किल शामिल हैं. ऐसे में अगर आप भी यहां पर इंजीनियर के रूप में काम करना चाहते हैं, तो चलिए इससे जुड़ी कुछ बातों पर ध्यान दें. 

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How To Became Engineer In SpaceX
How To Became Engineer In SpaceX

इस समय हर ओर एलन मस्क की चर्चा हो रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि वह हाल ही में दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बने हैं. इसके साथ ही उनकी कंपनी स्पेसएक्स की भी अमेरिकी शेयर बाजार में अच्छी लिस्टिंग हुई है. इसके बाद से ही लोगों के मन में इस कंपनी के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ गई है. एलन मस्क ने कहा है कि साल 2030 तक स्पेसएक्स का रेवेन्यू 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. ये दुनिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेस कंपनी है जिसमें काम करना लाखों युवा का सपना होता है पर ये उतना भी आसान नहीं है. कई राउंड के इंटरव्यू होने के बाद भी लोग इसमें सफल नहीं हो पाते हैं जिसके पीछे कभी स्किल वजह होती है तो कभी योग्यता. ऐसे में अगर आप भी इस कंपनी में इंजीनियर बनना चाहते हैं, तो एक बार इन योग्यता को ध्यान से पढ़ लें. 

कैसे बन सकते हैं इंजीनियर? 

स्पेसएक्स में इंजीनियर बनने के लिए  उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग या साइंस से जुड़ी डिग्री होनी चाहिए. कंपनी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और फिजिक्स जैसे विषयों की पढ़ाई करने वाले उम्मीदवारों को ज्यादा प्राथमिकता देती है. वहीं, अगर कॉलेज के दौरान किसी छात्र ने इंजीनियरिंग से जुड़े प्रोजेक्ट या रिसर्च में हिस्सा लिया हो, तो उनके लिए ये रास्ता और आसान हो सकता है. 

एयरोडाइनेमिक्स इंजीनियर बनने के लिए योग्यता 

  • इस पद के लिए छात्रों के पास किसी भी इंजीनियरिंग के विषय में डिग्री होना अनिवार्य है. 
  • इसके अलावा एयरोस्पेस या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री. 
  • वॉटरटाइट 3D मॉडल और CFD ग्रिड बनाने, Linux/Unix सिस्टम पर CFD चलाने और Tecplot या ParaView से डेटा की पोस्ट-प्रोसेसिंग करने की अच्छी नॉलेज होना जरूरी है. 
  • साथ ही NASA की ओर से एंट्री व्हीकल्स के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सॉल्वर्स की नॉलेज होना. 
  • एक्सपेरिमेंटल टेस्टिंग एक्सपीरियंस. 
  • MATLAB या Python में डेटा प्रोसेसिंग और एनालिसिस. 
  • एक्सटर्नल, कंप्रेसिबल फ़्लूइड डायनामिक्स में अच्छी पकड़ होना चाहिए. 
  • सेल्फ मोटिवेटेड, साथ ही बेहतरीन ऑर्गनाइजेशनल, कम्युनिकेशन और डॉक्यूमेंटेशन स्किल्स. 

केमिकल इंजीनियर के लिए ये है योग्यता 

  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, फिजिक्स या किसी अन्य इंजीनियरिंग विषय में बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है. 
  • फ्लुइड, मैकेनिकल या कम वोल्टेज वाले इलेक्ट्रिकल सिस्टम के साथ काम करने का कम से कम 1 साल का अनुभव. 
  • रॉकेट लॉन्च/टेस्ट सुविधा में काम करने और लॉन्च/टेस्ट अभियानों में मदद करने का अनुभव. 
  • रिमोट ऑपरेशन और इंस्ट्रूमेंटेशन फीडबैक के लिए कंट्रोल सिस्टम का अच्छे से इस्तेमाल करने और उनमें आने वाली समस्याओं को सही करने का भी स्किल होना चाहिए. 
  • SOLIDWORKS, Siemens NX या इसी तरह के CAD सॉफ्टवेयर का यूज आना चाहिए. 
  • हाई प्रेशर, हाई एनर्जी और खतरनाक गैसों के साथ या उनके आस-पास टेस्टिंग और ऑपरेशन का अनुभव. 
  • इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल कंपोनेंट्स से जुड़े टर्म्स की जानकारी और उन्हें यूज करने का अनुभव भी होना चाहिए. 
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