अगर आपका बॉस आपसे कहे कि जरूरत पड़े तो उसका मजाक उड़ाओ, छुट्टी के दिन काम करने पर दोगुनी सैलरी लो और किसी परेशान करने वाले कस्टमर के लिए अपनी परेशानी मत बढ़ाओ, तो शायद आपको यकीन ही न हो. लेकिन एक जेन जी फाउंडर अपने ऑफिस में कुछ इसी तरह की सोच के साथ काम कर रहे हैं.
चंडीगढ़ के 25 साल के प्रथम जिंदल ने इंस्टाग्राम पर बताया कि वो अपनी कंपनी कैसे चलाते हैं. उनकी पोस्ट में ऐसी कई बातें हैं, जो आम दफ्तरों से काफी अलग हैं. प्रथम के लिए कंपनी चलाने का मतलब सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना नहीं है. वो अपनी टीम के अनुभव और अच्छे माहौल को भी उतनी ही अहमियत देते हैं.

यहां बॉस की भी रोस्ट किया जाता है
प्रथम ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'I let my team roast me.' यानी वो अपनी टीम को उनका मजाक उड़ाने की पूरी आजादी देते हैं.
उन्होंने बताया कि उनकी टीम में ऐसे मौके भी होते हैं, जहां एम्प्लॉयज खुलकर उनके ऊपर मजाक कर सकते हैं. आमतौर पर एम्प्लॉयज अपने बॉस से बात करते वक्त काफी सोच-समझकर बोलते हैं. लेकिन प्रथम चाहते हैं कि उनकी टीम उनके साथ सहज रहे और बिना डरे अपनी बात कह सके.
छुट्टी का मतलब छुट्टी, काम किया तो ज्यादा पैसे
प्रथम की सोच सिर्फ मजाक और बातचीत तक सीमित नहीं है. अगर कोई एम्प्लॉय अपनी छुट्टी छोड़कर काम करता है, तो उसके लिए भी उनका तरीका अलग है.
उन्होंने लिखा, 'If someone gives up their day off to work, I believe they should be paid 2X for it.'
यानी अगर अपनी छुट्टी में कंपनी के लिए काम कर रहा है, तो उसे उस काम के बदले दोगुना पैसा मिलना चाहिए. प्रथम के हिसाब से एम्प्लॉय का प्राइवेट टाइम भी जरूरी है और अगर वो टाइम काम के लिए दिया जा रहा है, तो उसकी सही कीमत मिलनी चाहिए.
कंपनी के आंकड़े टीम से नहीं छिपते
प्रथम अपनी टीम से कंपनी की स्थिति के बारे में भी खुलकर बात करते हैं. उन्होंने लिखा, 'I talk openly about our numbers.'
उनका मानना है कि एम्प्लॉयज को यो पता होना चाहिए कि कंपनी किस स्थिति में है. इससे उन्हें सिर्फ आदेश मानने वाले एम्प्लॉय के बजाय कंपनी का हिस्सा होने का एहसास होता है.
कस्टमर से ज्यादा एम्प्लॉय जरूरी
प्रथम की पोस्ट की एक और बात काफी अलग है. उन्होंने लिखा, 'I always choose to let go of a client than an employee.'
यानी अगर कोई कस्टमर उनकी टीम के लिए परेशानी बन रहा है, तो वो एम्प्लॉय को परेशान करने के बजाय कस्टमर को छोड़ना पसंद करेंगे. उन्होंने साफ कहा कि वो अपनी टीम को किसी खराब ग्राहक का बुरा व्यवहार सहने नहीं देते.
पैसा सिर्फ कमाई वाली जगह नहीं
प्रथम ने ये भी बताया कि वो ऐसी चीजों पर पैसा खर्च करते हैं, जिनसे सीधे कमाई नहीं होती. इनमें टीम के साथ बिताया टाइम, ऑफिस का माहौल और महीने के आखिर की पार्टियां शामिल हैं.
उन्होंने लिखा, 'I spend more money on things that don't directly make money.' उनके लिए अच्छी टीम और अच्छा माहौल भी कंपनी की सफलता का हिस्सा है.
प्रथम ने आखिर में कहा कि ये किसी कंपनी को चलाने के तय नियम नहीं हैं. ये वे बातें हैं, जिन पर वह पिछले कुछ सालों में कंपनी बनाते हुए विश्वास करने लगे हैं. उनकी सोच से यह साफ है कि उनके लिए अच्छा कार्यालय सिर्फ काम कराने की जगह नहीं, बल्कि ऐसा माहौल है जहां कर्मचारी अपनी बात कह सकें, अपने टाइम की कीमत पा सकें और खुद को सम्मानित महसूस करें.