1 करोड़ का पैकेज!
भारत में इस एक लाइन को सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में आलीशान घर, लग्जरी गाड़ियां और एक सुखी, संपन्न जिंदगी की तस्वीर सामने आ जाती है. खासकर अगर यह नौकरी अमेरिका में हो, तो इसे कामयाबी का शिखर मान लिया जाता है. लेकिन क्या वाकई सात समंदर पार बैठकर कमाए गए 1 करोड़ रुपये उतनी ही बड़ी रईसी देते हैं, जितना हम भारत में बैठकर सोचते हैं? हाल ही में न्यूयॉर्क में रहने वाले एक भारतीय पेशेवर, यश शर्मा के एक सोशल मीडिया वीडियो ने इस चमकीले ख्वाब की जमीनी हकीकत से लोगों को वाकिफ कराया है. उनका यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने न सिर्फ लोगों को हैरान कर दिया है, बल्कि एक नई बहस भी छेड़ दी है.
उनके वीडियो ने लोगों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या अमेरिका में 1 करोड़ रुपये की सैलरी आखिर आराम की गारंटी क्यों नहीं देता है?
इंस्टाग्राम पोस्ट में खुलासा
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में यश शर्मा ने बताया कि न्यूयॉर्क में हाई सैलरी होना वाकई में कैसा होता है और रहने-सहने का खर्च कुल बचत को कैसे प्रभावित करता है? उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क शहर में मेरे एक रिश्तेदार के बच्चे को 1 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है. अब, इस पैकेज की असलियत क्या है? चलिए, देखते हैं. यहां आपको संघीय टैक्स, राज्य टैक्स, न्यूयॉर्क शहर टैक्स, सामाजिक सुरक्षा और मेडिकेयर सब कुछ देना पड़ता है. मतलब, आपके 1 करोड़ रुपये के पैकेज का 35% से 40% हिस्सा सीधे टैक्स में चला जाता है. उन्होंने आगे बताया कि न्यूयॉर्क में घर बेहद महंगा है. ये आपके कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च करा देती है.
घर है बहुत महंगा
यश शर्मा ने बताया कि अगर आप न्यूयॉर्क में रहना चाहते हैं, तो आपको किराए का घर लेना पड़ेगा और यहां किसी भी अच्छे इलाके में घर का किराया 2 से 3 लाख रुपये प्रति महीने हो सकता है. इसलिए मेरे हिसाब से भारत में 25 से 30 लाख रुपये कमाने वाला शख्स न्यूयॉर्क में 1 करोड़ रुपये के पैकेज वाले व्यक्ति से ज्यादा खुश है.
वीडियो के कैप्शन ने खींचा लोगों का ध्यान
इस दौरान केवल यश की ओर से शेयर की गई वीडियो की ही चर्चा में नहीं है बल्कि वीडियो के कैप्शन ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है. कैप्शन में लिखा है कि न्यूयॉर्क (अमेरिका) में 1 करोड़ रुपये पैकेज का काला सच.
लोगों के बीच छिड़ गई नई बहस
अब ये वीडियो तेजी से लोगों के बीच वायरल हो रही है जिसने एक नए मुद्दे पर बहस छेड़ दी है. पोस्ट देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स कमेंट कर रहे हैं. इस बीच एक यूजर ने लिखा कि भारत पश्चिमी देशों से कहीं बेहतर है क्योंकि यहां पीपीपी प्रणाली लागू है. वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा कि शाबाश, इसी तरह इस धारणा को तोड़ते रहो. अब लोग सोच रहे हैं कि अच्छे करियर और सैलरी की होड़ में कहीं हम कोई गलत कदम तो नहीं उठा रहे हैं.