अमेरिकी के हमले में वेनेजुएला की एयर डिफेंस सिस्टम को बड़ा झटका लगा है. हिगुएरोटे एयर बेस (काराकस से 75 किमी पूर्व, मिरांडा राज्य) पर तैनात रूसी निर्मित 9K317M2 Buk-M2E मध्यम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह नष्ट हो गई है. यह दूसरा नुकसान है. इस हमले में एक विमान और एयरपोर्ट की इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं.
वीडियो फुटेज से पता चलता है कि Buk-M2E का लॉन्चर व्हीकल सीधे निशाने पर था. मिसाइलें अभी लोडेड थीं, लेकिन कोई जवाबी फायर नहीं हुआ. अमेरिकी हमलों की पहली लहर में ही वेनेजुएला की एयर डिफेंस सिस्टम दबा दिए गए या नष्ट कर दिए गए. बक सिस्टम कुछ भी करने में नाकाम रहा.
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Buk-M2E (नाटो नाम: SA-17 ग्रिजली) रूस की अल्माज-एंटे कंपनी द्वारा बनाई गई आधुनिक मध्यम दूरी की सर्फेस-टू-एयर मिसाइल (SAM) प्रणाली है. यह निर्यात संस्करण (9K317E) है, जो पहिएदार चेसिस (MZKT-6922) पर लगी होती है, जिससे यह तेजी से जगह बदल सकती है.
वेनेजुएला ने 2015 के आसपास रूस से 12 Buk-M2E सिस्टम खरीदे थे. लेकिन रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की कमी से कई सिस्टम पहले से ही काम नहीं कर रहे थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल 5-6 ही ऑपरेशनल थे.
3 जनवरी की रात को अमेरिकी हमलों में काराकस और आसपास के एयर बेस को निशाना बनाया गया. हिगुएरोटे एयर बेस पर बड़ा धमाका हुआ, जहां Buk-M2E तैनात था.
वेनेजुएला की एयर डिफेंस ने कोई जवाबी गोलीबारी नहीं की. विशेषज्ञ कहते हैं कि अमेरिका ने पहले ही रडार और कमांड सिस्टम को दबा दिया था. रूसी बक सिस्टम "असमानी लड़ाई" में पूरी तरह असफल रहा.
यह घटना वेनेजुएला की सैन्य क्षमता पर बड़ा सवाल उठाती है. अमेरिकी अभियान में मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब देश की एयर डिफेंस कमजोर हो गई है. रूस के लिए भी यह झटका है, क्योंकि उसके हथियारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं.