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अमेरिकी हमलों में वेनेजुएला का रूसी Buk-M2E एयर डिफेंस सिस्टम तबाह

अमेरिकी हमलों में वेनेजुएला का दूसरा रूसी Buk-M2E एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट हो गया. हिगुएरोटे एयर बेस पर तैनात यह मध्यम दूरी की मिसाइल प्रणाली (50 किमी रेंज) पूरी तरह तबाह हो गई. कोई जवाबी फायर नहीं हुआ. एक विमान और इंफ्रास्ट्रक्चर भी क्षतिग्रस्त हुआ है. रूस के हथियार असफल साबित हुए हैं.

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बाएं- रूसी बक डिफेंस सिस्टम. दाएं- वेनेजुएला बर्बाद हुआ एयर डिफेंस सिस्टम. (Photo: Wikipedia/X/@Archer83Able)
बाएं- रूसी बक डिफेंस सिस्टम. दाएं- वेनेजुएला बर्बाद हुआ एयर डिफेंस सिस्टम. (Photo: Wikipedia/X/@Archer83Able)

अमेरिकी के हमले में वेनेजुएला की एयर डिफेंस सिस्टम को बड़ा झटका लगा है. हिगुएरोटे एयर बेस (काराकस से 75 किमी पूर्व, मिरांडा राज्य) पर तैनात रूसी निर्मित 9K317M2 Buk-M2E मध्यम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह नष्ट हो गई है. यह दूसरा नुकसान है. इस हमले में एक विमान और एयरपोर्ट की इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं.

वीडियो फुटेज से पता चलता है कि Buk-M2E का लॉन्चर व्हीकल सीधे निशाने पर था. मिसाइलें अभी लोडेड थीं, लेकिन कोई जवाबी फायर नहीं हुआ. अमेरिकी हमलों की पहली लहर में ही वेनेजुएला की एयर डिफेंस सिस्टम दबा दिए गए या नष्ट कर दिए गए. बक सिस्टम कुछ भी करने में नाकाम रहा.

यह भी पढ़ें: मादुरो ने किया था चैलेंज- मुझे आकर पकड़ो, देर मत करो कायरों... और अमेरिका ने कर दिखाया

Buk-M2E क्या है: तकनीकी जानकारी

Buk-M2E (नाटो नाम: SA-17 ग्रिजली) रूस की अल्माज-एंटे कंपनी द्वारा बनाई गई आधुनिक मध्यम दूरी की सर्फेस-टू-एयर मिसाइल (SAM) प्रणाली है. यह निर्यात संस्करण (9K317E) है, जो पहिएदार चेसिस (MZKT-6922) पर लगी होती है, जिससे यह तेजी से जगह बदल सकती है.

  • रेंज: हवाई लक्ष्यों के लिए 45-50 किमी तक, ऊंचाई 25 किमी तक.
  • मिसाइल: 9M317E – एक लॉन्चर पर 4-6 मिसाइलें.
  • लक्ष्य: एक बैटरी एक साथ 24 लक्ष्यों को ट्रैक और मार सकती है. यह लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, क्रूज मिसाइलें, ड्रोन और कुछ बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है.
  • रडार: उन्नत फेज्ड ऐरे रडार, जो इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग में भी काम करता है.
  • मोबाइल: पूरी तरह स्वचालित और मोबाइल, अकेले या नेटवर्क में काम कर सकती है.

वेनेजुएला ने 2015 के आसपास रूस से 12 Buk-M2E सिस्टम खरीदे थे. लेकिन रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की कमी से कई सिस्टम पहले से ही काम नहीं कर रहे थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल 5-6 ही ऑपरेशनल थे.

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क्या हुआ: हमले की डिटेल

3 जनवरी की रात को अमेरिकी हमलों में काराकस और आसपास के एयर बेस को निशाना बनाया गया. हिगुएरोटे एयर बेस पर बड़ा धमाका हुआ, जहां Buk-M2E तैनात था.  

वेनेजुएला की एयर डिफेंस ने कोई जवाबी गोलीबारी नहीं की. विशेषज्ञ कहते हैं कि अमेरिका ने पहले ही रडार और कमांड सिस्टम को दबा दिया था. रूसी बक सिस्टम "असमानी लड़ाई" में पूरी तरह असफल रहा.

यह घटना वेनेजुएला की सैन्य क्षमता पर बड़ा सवाल उठाती है. अमेरिकी अभियान में मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब देश की एयर डिफेंस कमजोर हो गई है. रूस के लिए भी यह झटका है, क्योंकि उसके हथियारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं.

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