जनवरी 2026 की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में सैन्य ऑपरेशन के बाद मैक्सिको के ड्रग कार्टेल्स पर लैंड स्ट्राइक्स (जमीनी हमलों) की धमकी दी है. उन्होंने कहा कि कार्टेल्स मैक्सिको को चला रहे हैं. अमेरिका को कुछ करना पड़ेगा. यह धमकी वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने और वहां ड्रग तस्करों पर हमलों के बाद आई.
ट्रंप ने कोलंबिया और क्यूबा को भी चेतावनी दी, लेकिन मैक्सिको पर सबसे ज्यादा फोकस है. अभी तक कोई वास्तविक हमला नहीं हुआ है, लेकिन ट्रंप की टीम ड्रोन स्ट्राइक्स और स्पेशल फोर्सेस के जरिए कार्टेल्स के ड्रग लैब्स और लीडर्स को निशाना बनाने की योजना बना रही है.
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मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने इसे मैक्सिको की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. एक्स (ट्विटर) पर कई पोस्ट्स में ट्रंप की इस धमकी की चर्चा है, जहां कहा गया है कि मैक्सिको पर हमला संभावित है.
मैक्सिको की सेना कितनी बड़ी और मजबूत है?
मैक्सिको अमेरिका का दक्षिणी पड़ोसी देश है. उसकी सीमा अमेरिका से लगती है. मैक्सिको की सशस्त्र सेनाएं (Mexican Armed Forces) मुख्य रूप से देश के अंदर सुरक्षा, ड्रग कार्टेल्स से लड़ाई और प्राकृतिक आपदाओं में मदद के लिए काम करती हैं. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के अनुसार मैक्सिको की सेना दुनिया में 32वें स्थान पर है.

सक्रिय सैनिकों की संख्या: लगभग 4.12 लाख सक्रिय सैनिक. इसमें थल सेना, वायु सेना और नौसेना शामिल हैं. थल सेना में करीब 2.61 लाख सैनिक हैं.
रिजर्व सैनिक: करीब 98,000
बजट: मैक्सिको की सेना का सालाना बजट लगभग 10 अरब डॉलर है, जो अमेरिका के मुकाबले बहुत कम है.
हथियार और उपकरण: मैक्सिको के पास सीमित संख्या में टैंक (करीब 100-200), बख्तरबंद वाहन और लड़ाकू विमान हैं. अमेरिका से कुछ मदद मिलती है, लेकिन सेना का फोकस बड़े युद्ध की बजाय घरेलू सुरक्षा पर है. ड्रग कार्टेल्स से लड़ाई में सेना को भ्रष्टाचार और संसाधनों की कमी की वजह से मुश्किलें आती हैं.
मैक्सिको की सेना कार्टेल्स जैसे सिनालोआ और जलिस्को न्यू जेनरेशन से लड़ने में सक्षम है, लेकिन यह एक क्षेत्रीय सेना है, न कि वैश्विक ताकत.
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अमेरिका और मैक्सिको की सेनाओं की तुलना
अमेरिका की सेना दुनिया की सबसे ताकतवर है (ग्लोबल फायरपावर में नंबर 1), जबकि मैक्सिको की सेना मध्यम स्तर की है. अमेरिका के पास आधुनिक तकनीक जैसे स्टेल्थ फाइटर जेट, परमाणु हथियार और वैश्विक पहुंच है. मैक्सिको की सेना घरेलू कामों के लिए बनी है, इसलिए सीधा मुकाबला असंभव है. अगर हमला होता है, तो अमेरिका आसानी से जीत सकता है.

अमेरिका मैक्सिको पर हमला क्यों करना चाहता है?
फेंटानिल क्राइसिस: मैक्सिको के कार्टेल्स अमेरिका में फेंटानिल तस्करी करते हैं, जो हर साल हजारों अमेरिकियों की मौत का कारण बनती है. ट्रंप कहते हैं कि मैक्सिको सरकार कार्टेल्स को रोक नहीं पा रही.
कार्टेल्स को आतंकवादी मानना: ट्रंप कार्टेल्स को टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन कहते हैं. उन्हें खत्म करने के लिए सैन्य कार्रवाई चाहते हैं.
बॉर्डर सिक्योरिटी: ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति में बॉर्डर पर ड्रग्स और अवैध प्रवास रोकना शामिल है. वे कहते हैं कि कार्टेल्स मैक्सिको को चला रहे हैं, इसलिए अमेरिका को खुद एक्शन लेना चाहिए.
वेनेजुएला का असर: वेनेजुएला में सफल हमलों के बाद ट्रंप पूरे लैटिन अमेरिका में ड्रग तस्करों पर हमला बढ़ाना चाहते हैं. ट्रंप की टीम का मानना है कि मैक्सिको सरकार कमजोर है.सहयोग नहीं कर रही है इसलिए सीधा हमला जरूरी है.
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अमेरिका को मैक्सिको से क्या मिलेगा?
ट्रंप के अनुसार, हमलों से अमेरिका को ये फायदे हो सकते हैं...

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि फायदे से ज्यादा नुकसान होंगे...
कुल मिलाकर, ट्रंप की धमकियां दबाव बनाने के लिए हैं, लेकिन वास्तविक हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा. मैक्सिको सरकार सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ट्रंप की नीति आक्रामक है.