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राफेल से पनडुब्बी और हैमर मिसाइल तक... मोदी-मैक्रों की मुलाकात में होगी बड़ी डील!

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय भारत यात्रा पर मुंबई पहुंचे. पीएम नरेंद्र मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों नेताओं की मुलाकात में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर फोकस रहेगा. प्रमुख मुद्दे हैं- राफेल विमान, स्कॉर्पीन पनडुब्बियां, हैमर मिसाइलों का संयुक्त निर्माण और हेलीकॉप्टर उत्पादन.

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फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों तीन दिन की यात्रा पर भारत आए हैं. (Photo: Reuters)
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों तीन दिन की यात्रा पर भारत आए हैं. (Photo: Reuters)

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिन की भारत यात्रा पर मुंबई पहुंच चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया है. दोनों नेताओं के बीच रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रणनीतिक साझेदारी पर गहन चर्चा होने वाली है. यह मैक्रों की भारत की चौथी यात्रा है. इस बार फोकस रक्षा क्षेत्र में नए सौदों और संयुक्त निर्माण पर है. आइए समझते हैं कि इस मुलाकात में क्या-क्या महत्वपूर्ण मुद्दे हैं? 

यात्रा का कार्यक्रम और स्वागत

मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत में रहेंगे. वे अपनी पत्नी ब्रिजित मैक्रों के साथ मुंबई पहुंचे, जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका स्वागत किया. 

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर मैक्रों को स्वागत करते हुए लिखा...

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भारत आपका स्वागत करता है! हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना चाहते हैं. जल्द ही मुंबई और फिर दिल्ली में मिलेंगे, मेरे प्रिय मित्र.

मैक्रों ने भी विमान से भारत आते समय पोस्ट किया कि वे व्यापार, अर्थव्यवस्था, उद्योग, संस्कृति और डिजिटल क्षेत्र के नेताओं के साथ आए हैं ताकि दोनों देशों का सहयोग और गहरा हो. इस यात्रा में मैक्रों मुंबई में AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और फिर दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता होगी.

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AI से लेकर रक्षा तक

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)

दोनों देश AI के क्षेत्र में मिलकर काम करना चाहते हैं. भारत और फ्रांस मिलकर नई तकनीक विकसित करना और इसका वैश्विक स्तर पर सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना चाहते हैं. मुंबई का AI समिट इसी दिशा में बड़ा कदम है.

रक्षा सहयोग: पुराने सौदे और नए प्रस्ताव

भारत और फ्रांस के रक्षा संबंध बहुत पुराने और मजबूत हैं. फ्रांस भारत का विश्वसनीय रक्षा साझेदार है. इस बार की चर्चा में मुख्य फोकस इन मुद्दों पर है...

Modi Macron India Visit Rafale

राफेल लड़ाकू विमान

2016 में भारत ने फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीदने का सौदा किया था. ये विमान भारतीय वायुसेना में पहले से ही सेवा दे रहे हैं. अब चर्चा हो रही है कि क्या भारत और राफेल खरीदेगा या मौजूदा राफेल के लिए नए हथियार और अपग्रेड लिए जाएंगे. राफेल भारत की हवाई ताकत को बहुत मजबूत बनाता है.

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स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां

2005 में भारत और फ्रांस ने प्रोजेक्ट-75 के तहत 6 स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का सौदा किया. ये पनडुब्बियां मुंबई के मझगांव डॉक में भारतीय तकनीशियनों द्वारा फ्रेंच तकनीक से बनाई जा रही हैं. अब तक 5 पनडुब्बियां भारतीय नौसेना में शामिल हो चुकी हैं. छठी पनडुब्बी भी जल्द तैयार हो जाएगी. अब बात हो रही है कि क्या प्रोजेक्ट-75 इंडिया (अगली 3 पनडुब्बियां) में भी फ्रांस के साथ सहयोग बढ़ेगा. पनडुब्बियां समुद्र में छिपकर दुश्मन पर हमला करने की क्षमता देती हैं.

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हैमर (HAMMER) मिसाइल

Modi Macron India Visit Rafale

हैमर एक बहुत सटीक एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल है, जिसे फ्रांस की कंपनी MBDA बनाती है. यह राफेल विमान से लॉन्च की जाती है. दूर से दुश्मन के बंकरों या ठिकानों को नष्ट कर सकती है. भारत इसे राफेल पर एकीकृत करने की योजना बना रहा है. संभवतः भारत में ही इसका संयुक्त निर्माण हो सकता है. यह मिसाइल भारत की सैन्य ताकत को और सटीक बनाएगी.

हेलीकॉप्टरों का संयुक्त निर्माण

चर्चा में हेलीकॉप्टरों के संयुक्त उत्पादन का मुद्दा भी है. फ्रांस की कंपनी एयरबस हेलीकॉप्टर्स भारत में निवेश करना चाहती है और मेक इन इंडिया के तहत हेलीकॉप्टर बनाए जा सकते हैं. इससे भारतीय सेना को नए हेलीकॉप्टर मिलेंगे और रोजगार भी बढ़ेगा.

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ये सौदे भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?

  • आत्मनिर्भर भारत: ज्यादातर नए प्रस्तावों में भारत में ही निर्माण की बात है. इससे भारतीय कंपनियां तकनीक सीखेंगी और हम विदेशी हथियारों पर कम निर्भर होंगे.
  • रणनीतिक साझेदारी: फ्रांस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत का मजबूत साथी है. दोनों देश चीन की बढ़ती ताकत के सामने संतुलन बनाना चाहते हैं.
  • विश्वसनीयता: कई देशों के उलट फ्रांस सौदों में देरी नहीं करता और तकनीक ट्रांसफर करने में उदार रहता है.

मोदी-मैक्रों की यह मुलाकात भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई देगी. रक्षा सौदों के अलावा AI, व्यापार, संस्कृति और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनेगी. दोनों नेता पुराने मित्र हैं और उनकी मुलाकात से दोनों देशों को फायदा होगा. आने वाले दिनों में कई बड़े ऐलानों की उम्मीद है.

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