भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का मारुति सुजुकी सियाज कार से उतरने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. खास बात ये है कि ये वीडियो पाकिस्तान के X हैंडल्स पर सबसे ज्यादा चर्चा में है. वहां के यूजर्स खुद अपने आर्मी चीफ और जनरलों की लग्जरी लाइफस्टाइल पर सवाल उठा रहे हैं.
ये वीडियो 25 जुलाई 2026 का है. विजय दिवस से पहले जनरल धीरज सेठ द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचे थे. वहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और सैनिकों से मुलाकात की. इसी दौरान वो अपनी मारुति सुजुकी सियाज से उतरते दिखे. कोई बड़ा काफिला नहीं, कोई फैंसी गाड़ी नहीं. बस सादगी.
ये सीन पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स को बहुत चुभ गया. कई हैंडल्स पर पोस्ट वायरल हो गए, जहां लोग लिख रहे हैं कि भारत जैसे बड़े देश का आर्मी चीफ 10-11 लाख रुपए कीमत वाली सिंपल सुजुकी कार में घूम रहा है, जबकि कर्ज और महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान के जनरल मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, प्राडो और लैंड क्रूजर में घूमते हैं.
Indian Army Chief (5th largest economy): Professional outlook, modest travel, focuses on mission over optics.
— Sameena Sultana (@SameenaSultan16) July 27, 2026
Pakistani Army Chief (top debtor nation): Lavish convoys, luxury protocol, heavy security even for routine events. 1/3 @odysseuslahori pic.twitter.com/nID1SoNRIH
एक यूजर ने लिखा, “इंडियन आर्मी चीफ की सुजुकी राइड वायरल हो रही है. अब इस देश के एलिट को समझ आना चाहिए कि जनता उन्हें कैसे देखती है. अरबों के प्लेन और लग्जरी कारें खरीदने वाले अपना सोच बदलें.”
दूसरे ने सीधे पूछा, “भारतीय आर्मी चीफ सुजुकी में क्यों घूम रहा है? पाकिस्तानी आर्मी को इतने पर्क्स क्यों मिलते हैं जब वो अपना बेसिक ड्यूटी भी नहीं निभा पा रहे? प्राडो-लैंड क्रूजर क्यों जब देश भारत से गरीब है?”
कुछ लोग मजाक भी उड़ा रहे हैं. एक पोस्ट में लिखा गया, “पाकिस्तान आर्मी चीफ को सुजुकी लियाणा से उतरते हुए सोचो!” कई यूजर्स ने आम पाकिस्तानियों की 70सीसी मोटरसाइकिल और जनरलों की लग्जरी कारों का कंट्रास्ट दिखाया.
ये चर्चा साफ दिखाती है कि पाकिस्तान में आम लोग अपने मिलिट्री एलीट की अय्याशी से नाराज हैं. भारत में ‘मेड इन इंडिया’ कार का इस्तेमाल गर्व की बात बन गया, तो वहां अपने जनरलों की महंगी आदतों पर सवाल उठने लगे.
जनरल धीरज सेठ जून 2026 के अंत में आर्मी चीफ बने हैं. कारगिल विजय दिवस पर उनका द्रास जाना और सादगी भरा अंदाज अब सीमा पार भी चर्चा का विषय बन गया है.
पाकिस्तान आर्मी का बिजनेस साम्राज्य!
किताब Military Inc. की लेखक और पाकिस्तानी स्कॉलर आयेशा सद्दीका लंबे समय से यही दलील देती आई हैं कि पाकिस्तान की सेना सिर्फ डिफेंस फोर्स नहीं है, बल्कि एक बड़े कॉर्पोरेट साम्राज्य की तरह काम करती है. सेना के पास बैंक, बीमा कंपनियां, फैक्ट्रियां, पेट्रोल पंप, शॉपिंग मॉल और जमींदारों की तरह जमीन के बड़े-बड़े टुकड़े हैं. इतना ही नहीं, पाकिस्तानी आर्मी इंटरटेनमेंट सेक्टर में भी काम करती है, और वो फिल्में फाइनेंस करती है और टीवी सीरियल तक बनाती है. ये सब ‘मिलबस’ नाम के सिस्टम के तहत चलता है, जिसमें अधिकारियों को निजी फायदा पहुंचता है, लेकिन ये बजट में नहीं दिखता.
आयेशा सद्दीका कहती हैं कि इसी कॉर्पोरेट कल्चर की वजह से फौज के ऊंचे अफसरों में अय्याशी और लग्जरी का रिवाज बढ़ता गया है. आम जनता गरीबी और महंगाई से जूझ रही होती है, लेकिन जनरलों को महंगी कारें, बड़े मकान और रिटायरमेंट के बाद भी कारोबारी फायदे मिलते रहते हैं. यही वजह है कि आज जब भारतीय आर्मी चीफ दस लाख रु कीमत वाली सिंपल कार में दिखते हैं, तो पाकिस्तान के लोगों को अपने जनरलों की विलासिता नजर आने लगती है.