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ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर मिलेगा चौथा S-400 स्क्वाड्रन, मिसाइल रिफिल जारी... आखिरी यूनिट 2027 में आएगी

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की बैंड बजाने वाले S-400 मिसाइल सिस्टम पर बड़ी खबर आई है. रूस ने पुष्टि की है कि भारत को मई 2026 तक S-400 का चौथा स्क्वाड्रन मिलेगा, जबकि आखिरी (पांचवां) 2027 में आएगा. पहले तीन स्क्वाड्रन पहले ही तैनात हैं. S-400 की मिसाइल रिफिल भी जारी है. यह भारत की वायु रक्षा को मजबूत करेगा और पाकिस्तान-चीन खतरे के खिलाफ निर्णायक डिटरेंस बनेगा.

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रूस मई में एस-400 का चौथा स्क्वाड्रन भारत को देगा. (File Photo: Getty)
रूस मई में एस-400 का चौथा स्क्वाड्रन भारत को देगा. (File Photo: Getty)

भारत की वायु रक्षा प्रणाली में बड़ा मजबूती आने वाली है. रूस ने पुष्टि की है कि S-400 लंबी दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा स्क्वाड्रन मई 2026 तक भारत पहुंच जाएगा. आखिरी (पांचवां) स्क्वाड्रन 2027 में आएगा. मई में ही ऑपरेशन सिंदूर का वर्षगांठ मनाया जाएगा. जिसमें S-400 ने पाकिस्तानी हवाई खतरों को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाई थी.

S-400 क्या है और क्यों महत्वपूर्ण?

S-400 (ट्रायम्फ) दुनिया की सबसे एडवांस सर्फेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम में से एक है. भारत में इसे सुदर्शन चक्र कहा जाता है. यह एक मल्टी-लेयर एयर डिफेंस का हिस्सा है, जो दुश्मन के लड़ाकू विमान, क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन को रोक सकता है.

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  • ट्रैकिंग रेंज: 600 किमी तक लक्ष्य देख सकता है.
  • मारक रेंज: 400 किमी तक (विभिन्न मिसाइलों से: 40N6 - 400 किमी, 48N6 - 250 किमी, 9M96E2 - 120 किमी).
  • एक साथ क्षमता: 100 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है. 6-36 को एक साथ नष्ट कर सकता है.
  • मोबाइल सिस्टम: ट्रक पर लगा. 5-10 मिनट में तैनात हो जाता है.
  • रडार और कमांड: लंबी दूरी का सर्विलांस रडार (91N6E Big Bird), एंगेजमेंट रडार (92N6E Grave Stone) और मोबाइल लॉन्चर.

डील की डिटेल्स

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  • कब साइन हुई: अक्टूबर 2018 में भारत-रूस के बीच 5 S-400 रेजिमेंटल सेट्स (स्क्वाड्रन) की डील हुई.
  • कीमत: करीब ₹40,000 करोड़ (US$5.43 बिलियन).

डिलीवरी स्थिति

  • पहले तीन स्क्वाड्रन पहले ही डिलीवर और ऑपरेशनल हो चुके हैं (2021 से शुरू).
  • चौथा: मई 2026 तक.
  • पांचवां: 2027 तक.
  • देरी का कारण: रूस-यूक्रेन युद्ध से रूसी उत्पादन और सप्लाई चेन प्रभावित हुई, लेकिन अब डिलीवरी तेज हो रही है.

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ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की भूमिका

मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) भारत की एक बड़ी सैन्य कार्रवाई थी, जो अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले (26 नागरिक मारे गए) के जवाब में की गई थी. भारत ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया.

S-400 ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों, ड्रोन और मिसाइलों को रोका. IAF चीफ ने कहा कि S-400 ने 5 पाकिस्तानी फाइटर जेट्स और एक बड़ा एयरक्राफ्ट (AEW&C) को 300 किमी दूर से मार गिराया. यह सिस्टम भारत की मल्टी-टियर डिफेंस का बाहरी लेयर है, जिसमें स्वदेशी आकाश, MR-SAM आदि शामिल हैं. ऑपरेशन में S-400 ने पाकिस्तानी हवाई हमलों को नाकाम किया और भारत की डिटरेंस दिखाई.

Operation Sindoor S-400 squadron

S-400 कहां तैनात हैं?

  • पहला: पंजाब में (दिसंबर 2021 से ऑपरेशनल).
  • दूसरा: सिलीगुड़ी कॉरिडोर (नॉर्थईस्ट को मुख्य भारत से जोड़ने वाला संकरा इलाका) की सुरक्षा के लिए.
  • तीसरा: पठानकोट-पंजाब सेक्टर और पश्चिमी सेक्टर (राजस्थान-गुजरात) में.
  • ये तैनाती पाकिस्तान और चीन दोनों से खतरे के खिलाफ हैं.

मिसाइल रिफिल और भविष्य

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद S-400 की इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक कम हुआ. अब रूस से मिसाइल रिफिलमेंट चल रहा है, ताकि सभी स्क्वाड्रन पूरी क्षमता से तैयार रहें. चौथा स्क्वाड्रन मिलने से भारत की एयर डिफेंस लगभग पूरी हो जाएगी. यह सिस्टम भारत की रणनीतिक डिटरेंस का मजबूत आधार बनेगा. खासकर ऑपरेशन सिंदूर के सबकों से सीखकर. 

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