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क्या अमेरिका ने वेनेजुएला में चलाया 'सोनिक वेपन'... कान से खून निकाल देते हैं ये हथियार

अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में निकोलस मादुरो को पकड़ने के दौरान एक रहस्यमयी 'सोनिक वेपन' का इस्तेमाल किया, जिससे सैनिकों की नाक से खून बहा, खून की उल्टी हुई. वे जमीन पर गिर गए और हिल भी नहीं पाए. वेनेजुएला के एक सैनिक के दावे के अनुसार, यह तीव्र ध्वनि तरंग ने रडार अक्षम कर दिया.

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टोरंटो पुलिस लॉन्ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस LRAD दिखाती हुई. (File Photo: Getty)
टोरंटो पुलिस लॉन्ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस LRAD दिखाती हुई. (File Photo: Getty)

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में वेनेजुएला के एक सैनिक ने दावा किया है कि अमेरिकी सेनाओं ने निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए की गई रेड के दौरान एक अज्ञात सोनिक या डायरेक्टेड-एनर्जी हथियार का इस्तेमाल किया. इस हथियार ने रडार और सैनिकों को अक्षम कर दिया.

गार्ड ने कहा कि एक समय पर उन्होंने कुछ लॉन्च किया; मैं इसे कैसे बताऊं, पता नहीं. यह एक बहुत तीव्र ध्वनि तरंग जैसा था. अचानक मुझे लगा जैसे मेरा सिर अंदर से फट रहा हो. उन्होंने दावा किया कि प्रभाव तत्काल और गंभीर था. हम सभी की नाक से खून बहने लगा. कुछ लोग खून की उल्टी कर रहे थे. हम जमीन पर गिर गए, हिल भी नहीं पा रहे थे. 

यह दावा सोनिक हथियारों की दुनिया में एक नई बहस छेड़ रहा है, जो गैर-घातक लेकिन बेहद प्रभावी माने जाते हैं. लेकिन क्या ऐसे हथियार वास्तव में मौजूद हैं? वे कैसे काम करते हैं, क्या प्रभाव डालते हैं और किन देशों के पास हैं? आइए समझते हैं.

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सोनिक हथियार क्या हैं?

सोनिक हथियार, जिन्हें कभी-कभी एकॉस्टिक या अल्ट्रासोनिक वेपन्स कहा जाता है, ध्वनि का इस्तेमाल करके दुश्मन को चोट पहुंचाने या अक्षम करने वाले हथियार हैं. ये डायरेक्टेड-एनर्जी वेपन्स (DEW) की एक श्रेणी हैं, जहां ऊर्जा (ध्वनि तरंगें) को एक दिशा में टारगेट करके हमला किया जाता है.

sonic weapon

ये हथियार मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं...

  • उच्च-तीव्रता वाली श्रव्य ध्वनि (Audible Sound Weapons): जैसे लॉन्ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस (LRAD), जो 150 डेसिबल तक की ध्वनि पैदा करता है. यह सामान्य बातचीत से 100 गुना ज्यादा तेज होता है.
  • इंफ्रासाउंड वेपन्स (Infrasound Weapons): 20 हर्ट्ज से कम फ्रीक्वेंसी वाली ध्वनि, जो मानव कान नहीं सुन सकता लेकिन शरीर पर प्रभाव डालती है.
  • अल्ट्रासोनिक वेपन्स (Ultrasonic Weapons): 20 किलोहर्ट्ज से ज्यादा फ्रीक्वेंसी जो लक्ष्य को बिना सुने प्रभावित करती है.

ये हथियार पारंपरिक हथियारों से अलग हैं क्योंकि ये गोली या विस्फोटक के बजाय आवाज का इस्तेमाल करते हैं. वे गैर-घातक (नॉन-लीथल) माने जाते हैं, लेकिन उच्च तीव्रता पर घातक हो सकते हैं.

सोनिक हथियार क्या कर सकते हैं?

सोनिक हथियारों का मुख्य उद्देश्य लक्ष्य को बिना छुए अक्षम करना है. वे निम्नलिखित काम कर सकते हैं...

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दुश्मन को विचलित या अक्षम करना: उच्च-तीव्रता वाली ध्वनि से लोग दिशाहीन हो जाते हैं. संतुलन खो देते हैं और हमला करने में असमर्थ हो जाते हैं. उदाहरण के लिए, LRAD को जहाजों पर समुद्री डाकुओं को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. 

रडार या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को प्रभावित करना: कुछ उन्नत सोनिक डिवाइस ध्वनि तरंगों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को हस्तक्षेप कर सकते हैं, जैसा कि वेनेजुएला गार्ड के दावे में रडार के अक्षम होने का जिक्र है.

भीड़ नियंत्रण: प्रदर्शनों में इस्तेमाल होकर लोगों को तितर-बितर कर सकते हैं. सर्बिया में 2025 के विरोध प्रदर्शनों में पुलिस ने ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया, जो कानूनी रूप से अवैध थे.

मनोवैज्ञानिक प्रभाव: कुछ हथियार मतिभ्रम पैदा कर सकते हैं या डर, उदासी, चिंता जैसी भावनाएं उत्पन्न कर सकते हैं.

लंबी दूरी पर हमला: ये हथियार सैकड़ों मीटर दूर से प्रभावी होते हैं, जिससे हमलावर सुरक्षित रहते हैं.

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सोनिक हथियारों के प्रभाव क्या हैं?

सोनिक हथियारों के प्रभाव तीव्रता, फ्रीक्वेंसी और एक्सपोजर समय पर निर्भर करते हैं. सामान्य प्रभाव निम्न हैं...

शारीरिक प्रभाव: कान में तेज दर्द, दिशाहीनता, कान के पर्दे फटना, सुनने की क्षमता खोना. उच्च तीव्रता पर नाक से खून बहना, खून की उल्टी, सिरदर्द, मतली, छाती में दबाव और आंतरिक अंगों को नुकसान. 

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मनोवैज्ञानिक प्रभाव: डर, उदासी, अवसाद, चिंता, मतिभ्रम. क्यूबा में 2016-2017 के हवाना सिंड्रोम में अमेरिकी राजनयिकों ने सिरदर्द, चक्कर और ब्रेन फॉग की शिकायत की, जिसे सोनिक हमलों से जोड़ा गया. 

लंबे समय के प्रभाव: कैंसर का खतरा (कुछ अध्ययनों में दावा), पर्यावरण पर नकारात्मक असर, जैसे जानवरों पर प्रभाव.

घातकता: सामान्यतः गैर-घातक, लेकिन अत्यधिक तीव्रता पर मौत हो सकती है. सर्बिया में इस्तेमाल से कानूनी विवाद हुआ क्योंकि वे स्थाई क्षति पहुंचा सकते हैं. 

ये प्रभाव इंसान के अलावा पर्यावरण और जीवों पर भी पड़ते हैं, जैसे पक्षियों या समुद्री जीवन पर.

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किन देशों के पास हैं सोनिक हथियार?

सोनिक हथियारों का विकास और इस्तेमाल दुनिया भर में हो रहा है, हालांकि कई देश इन्हें गुप्त रखते हैं. मुख्य देश...

  • अमेरिका: LRAD और अन्य DEW विकसित किए हैं. सेना और पुलिस इस्तेमाल करती है. हवाना सिंड्रोम में रूस या चीन पर आरोप लगाया, लेकिन खुद के पास उन्नत संस्करण हो सकते हैं. वेनेजुएला रेड में दावा इसी से जुड़ा है. 
  • चीन: LRAD-जैसे डिवाइस हैं, जो दक्षिण चीन सागर में इस्तेमाल होते हैं. सोनिक हथियारों पर सक्रिय शोध.
  • रूस: हवाना सिंड्रोम में संदिग्ध. इंफ्रासाउंड वेपन्स विकसित किए हैं, जो मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालते हैं. 
  • इजरायल: प्रदर्शनों में एकॉस्टिक हथियार इस्तेमाल करता है. स्कंक जैसे डिवाइस के अलावा सोनिक टेक्नोलॉजी.
  • ग्रीस और सर्बिया: प्रवासियों को रोकने के लिए इस्तेमाल. सर्बिया में 2025 में अवैध घोषित. 
  • अन्य देश: ब्रिटेन, भारत, जर्मनी और फ्रांस में शोध चल रहा है. कई देशों की पुलिस फोर्सेस LRAD इस्तेमाल करती हैं.

क्या यह भविष्य की जंग है?

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वेनेजुएला गार्ड के दावे ने सोनिक हथियारों को सुर्खियों में ला दिया है, लेकिन अमेरिका ने इन्हें खारिज किया है. अगर सही हैं, तो यह DEW के युद्ध में नया अध्याय है, जहां पारंपरिक हथियारों की जगह अदृश्य ऊर्जा ले रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हथियार नैतिक और कानूनी सवाल उठाते हैं,क्योंकि वे अंधाधुंध और स्थाई नुकसान पहुंचा सकते हैं. 

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