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ईरान जंग के बीच इंडियन एयरफोर्स कर रही बड़ी तैयारी... एकसाथ उड़ेंगे कई देशों के फाइटर जेट

भारतीय वायुसेना 'तरंग शक्ति 2.0' की तैयारी में जुटी है, जो सितंबर-अक्टूबर 2026 में राजस्थान के जोधपुर में होगी. यह बहुराष्ट्रीय अभ्यास दो हफ्ते चलेगा, जिसमें कई देशों के उन्नत फाइटर जेट्स भारतीय विमानों के साथ जटिल हवाई युद्ध अभ्यास करेंगे. 2024 के सफल संस्करण के बाद यह अभ्यास इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाएगा और भारत की वायुसेना की ताकत दिखाएगा.

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2024 में सुलूर में तरंग शक्ति अभ्यास में उड़ते फाइटर जेट. (File Photo: PTI)
2024 में सुलूर में तरंग शक्ति अभ्यास में उड़ते फाइटर जेट. (File Photo: PTI)

भारतीय वायुसेना (IAF) ने इस साल के अंत में अपनी सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति 2.0' की तैयारी शुरू कर दी है. यह अभ्यास राजस्थान के जोधपुर में होगा, जो भारत की पश्चिमी सीमा के बहुत करीब है. यह अभ्यास सितंबर-अक्टूबर 2026 के आसपास दो हफ्ते तक चलेगा. इसमें कई दोस्त देशों के फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के विमानों के साथ मिलकर जटिल हवाई युद्ध अभ्यास करेंगे.

तरंग शक्ति क्या है और पहला संस्करण कैसा रहा?

तरंग शक्ति भारत की अब तक की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है. पहला संस्करण 2024 में दो चरणों में हुआ था. पहला चरण 6 से 14 अगस्त तक तमिलनाडु के सुलुर एयर फोर्स स्टेशन पर हुआ, जिसमें यूरोपीय देशों की वायुसेनाएं शामिल हुईं. फ्रांस के राफेल, जर्मनी, स्पेन और ब्रिटेन के यूरोफाइटर टाइफून जेट ने हिस्सा लिया. 

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Exercise Tarang Shakti 2.0

दूसरा चरण 29 अगस्त से 14 सितंबर तक जोधपुर में हुआ, जिसमें ऑस्ट्रेलिया का EA-18G ग्राउलर, ग्रीस और UAE के F-16, अमेरिका के A-10 थंडरबोल्ट II और F-16 शामिल हुए. कुल 27 विदेशी फाइटर जेट्स ने अभ्यास किया. भारतीय वायुसेना ने अपने लगभग सभी प्रमुख विमान उतारे – राफेल, सुखोई Su-30MKI, मिराज 2000, जगुआर, तेजस, मिग-29 और प्रचंड हेलीकॉप्टर.

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2024 में क्या खास हुआ?

अभ्यास में कई ऐतिहासिक पल देखने को मिले. तीनों सेनाओं के उपाध्यक्षों (आर्मी, नेवी और एयर फोर्स) ने एक साथ स्वदेशी HAL तेजस में उड़ान भरी. उस समय तेजस फॉर्मेशन की अगुवाई अमर प्रीत सिंह ने की थी, जो तब वाइस चीफ थे और अब IAF चीफ हैं. फ्रांस और जर्मनी के एयर चीफ्स ने तेजस में उड़ान भरी, जबकि स्पेन के एयर चीफ ने सुखोई Su-30MKI में सॉर्टी की. 

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यह अभ्यास पायलटों को अलग-अलग देशों के विमानों और रणनीतियों के खिलाफ ट्रेनिंग देने का मौका देता है. इसमें एयर टू एयर रिफ्यूलिंग, AWACS और स्पेशल ऑपरेशंस एयरक्राफ्ट भी शामिल हुए. A-10 थंडरबोल्ट II और ग्राउलर जैसे विमानों ने सबका ध्यान खींचा.

Exercise Tarang Shakti 2.0

तरंग शक्ति 2.0 में क्या नया होगा?

दूसरा संस्करण जोधपुर में होगा, जो पश्चिमी सीमा के करीब है. यह अभ्यास और बड़ा और जटिल होगा. कई देशों के एडवांस्ड फाइटर जेट्स हिस्सा लेंगे. इसका मकसद हवाई युद्ध की तैयारियों को और मजबूत करना, विभिन्न विमानों के बीच बेहतर तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) बढ़ाना और युद्ध की रणनीतियों को परखना है.

यह अभ्यास भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दिखाएगा. भारतीय वायुसेना दुनिया की कुछ सबसे उन्नत वायुसेनाओं के साथ मिलकर काम करेगी.

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इस अभ्यास का महत्व क्या है?

तरंग शक्ति सिर्फ एक ट्रेनिंग नहीं है. यह भारत और दोस्त देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करती है. पायलट अलग-अलग विमानों के खिलाफ लड़ने की प्रैक्टिस करते हैं, जिससे वास्तविक युद्ध में तैयारियां बेहतर होती हैं. 

Exercise Tarang Shakti 2.0

भारत के लिए यह मौका है कि वह अपनी वायुसेना की क्षमता दुनिया को दिखाए और राफेल, तेजस, Su-30 जैसे विमानों की ताकत साबित करे. साथ ही, यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत की तैयारियों का संदेश भी देता है.

तरंग शक्ति 2.0 भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक बनेगी. जोधपुर में होने वाला यह अभ्यास न सिर्फ पायलटों की स्किल बढ़ाएगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और भरोसेमंद सैन्य साझेदार के रूप में स्थापित करेगा. 2026 में दुनिया के कई फाइटर जेट्स भारतीय आसमान में एक साथ उड़ान भरेंगे – यह एक बड़ा और ऐतिहासिक क्षण होगा.

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