अमेरिका ने ईरान पर हमले की धमकी दी है. उसकी नौसेना का शक्तिशाली बेड़ा USS Abraham Lincoln Carrier Strike Group अरब सागर में तैनात है. इस बीच ईरान अपनी सुरक्षा बढ़ाने में जुट गया है. सैटेलाइट इमेजरी और विशेषज्ञों के विश्लेषण से पता चल रहा है कि ईरान अपने न्यूक्लियर ठिकानों को और गहराई में छिपा रहा है. समुद्र में भी अपनी ताकत बढ़ा रहा है.
यह भी पढ़ें: ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिकी मिसाइल डेस्ट्रॉयर इजरायल के ईलात बंदरगाह पर पहुंचा

ईरान क्यों डर रहा है?
जून 2025 में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के प्रमुख न्यूक्लियर साइट्स – फोर्डो (Fordow) और नटांज (Natanz) – पर हमला किया था. अमेरिका ने फोर्डो पर 12 GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) बम गिराए थे, जो 30,000 पाउंड के थे. इन हमलों से काफी नुकसान हुआ था. अब अमेरिका फिर हमले की तैयारी कर रहा है, इसलिए ईरान सतर्क हो गया है. ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को 'न्यूक्लियर गोल्ड' (यूरेनियम) कहा जा रहा है, जिसे वह अब और गहराई में छिपा रहा है.
यह भी पढ़ें: ईरान पर अमेरिका कहां-कहां हमला कर सकता है? इजरायल और 6 देशों के साथ शेयर की सीक्रेट लिस्ट
जमीन पर क्या हो रहा है?
इस्फाहान न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स: सैटेलाइट इमेजरी (Institute of Science and International Security – ISIS के डेविड अल्ब्राइट की टीम) से पता चला है कि ईरान टनल के प्रवेश द्वारों को और गहराई में दफना रहा है. नए मिट्टी के ढेर दिख रहे हैं. डंप ट्रक मिट्टी ला-ला कर मुख्य प्रवेश द्वार को सील कर रहे हैं.

पुराने नुकसान की मरम्मत: जून 2025 में इजरायली हमले से इस्फाहान में एक इमारत की छत क्षतिग्रस्त हुई थी. दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 की इमेजरी में दिखता है कि ईरान ने छत को चरणबद्ध तरीके से दोबारा बनाया है. मलबा हटाया गया, लेकिन कुछ हिस्से अभी भी बचे हैं.
यह सब दिखाता है कि ईरान पिछले हमलों से सबक ले रहा है. अपने यूरेनियम संवर्धन केंद्रों को और मजबूत बना रहा है.
यह भी पढ़ें: ईरान पर हमला किसी भी वक्त... THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम क्या है जो अमेरिका मिडिल ईस्ट भेज रहा है

समुद्र में ईरान की तैयारी

अमेरिका की स्थिति
USS Abraham Lincoln Carrier Strike Group अरब सागर में तैनात है. यह अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत है, जिसमें कई डेस्ट्रॉयर्स, फाइटर जेट्स और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी मिलिट्री ताकत काफी बढ़ा दी है, जिससे ईरान पर दबाव है. ट्रंप प्रशासन ईरान के प्रदर्शनकारियों की हत्या और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर सख्त रुख अपना रहा है.

ईरान अब सिर्फ डर नहीं रहा, बल्कि अपनी रक्षा कर रहा है. न्यूक्लियर साइट्स को गहराई में छिपाना और नौसेना को तैनात करना दिखाता है कि वह अमेरिकी हमले की पूरी तैयारी में है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रूट में से एक है, इसलिए यहां कोई भी टकराव ग्लोबल इकोनॉमी को प्रभावित कर सकता है. स्थिति बहुत नाजुक है – दोनों तरफ से धमकियां जारी हैं, लेकिन अभी बड़ा हमला नहीं हुआ है.