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अफगान लड़ाकों का इस्लामाबाद पर ड्रोन अटैक... क्या फिर फेल हो गए चीनी डिफेंस सिस्टम?

अफगान तालिबान ने इस्लामाबाद समेत पाकिस्तान पर ड्रोन हमलों का दावा किया, लेकिन पाकिस्तान ने इन्हें रोकने की बात कही है. इस्लामाबाद के आसपास HQ-9, HQ-16 और FM-90 जैसे चाइनीज मिसाइल सिस्टम तैनात हैं, जो 70-80% चीन से हैं. क्या ये सिस्टम इस बार भी फेल हो गए, जैसे पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में हुए थे.

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पाकिस्तानी डिफेंस सिस्टम HQ-9 और अफगानिस्तान द्वारा लॉन्च किया गया ड्रोन. (Photo: ITG)
पाकिस्तानी डिफेंस सिस्टम HQ-9 और अफगानिस्तान द्वारा लॉन्च किया गया ड्रोन. (Photo: ITG)

अफगान तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने 27 फरवरी 2026 को एक बड़ा दावा किया – उन्होंने पाकिस्तान पर हवाई हमले किए. दावा है कि दोपहर 11 बजे के करीब अफगान एयर फोर्स ने इस्लामाबाद के फैजाबाद के पास मिलिट्री कैंप, नौशेरा के आर्मी कैंटनमेंट, जमरुद के मिलिट्री कॉलोनी और एबटाबाद में हमले किए. 

यह दावा बहुत चौंकाने वाला है क्योंकि अफगानिस्तान के पास मजबूत एयरफोर्स नहीं है – ज्यादातर पुराने हेलीकॉप्टर और कुछ ड्रोन्स. लेकिन पाकिस्तान ने इसे नकार दिया. पाकिस्तानी मंत्री ने कहा – कुछ छोटे ड्रोन्स से हमला करने की कोशिश हुई, लेकिन हमारे एंटी-ड्रोन सिस्टम ने उन्हें गिरा दिया. कोई नुकसान नहीं हुआ. 

यह भी पढ़ें: चीन का JF-17 या अमेरिकी F16? कौन सा पाकिस्तानी जेट गिराया अफगान लड़ाकों ने... सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा

अब सवाल है – इस्लामाबाद के आसपास कौन-कौन से मिसाइल और ड्रोन डिफेंस सिस्टम तैनात हैं? कितने चीन के हैं? क्या ये सिस्टम अफगान ड्रोन हमलों में फेल हो गए? और क्या यह चीन के डिफेंस सिस्टम की नाकामी है?

पहले समझें क्या हुआ – अफगान तालिबान का दावा

तालिबान MoD ने कहा: राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय की एयर फोर्स ने पाकिस्तान पर हवाई हमले किए – इस्लामाबाद के फैजाबाद के पास मिलिट्री कैंप, नौशेरा में आर्मी कैंटनमेंट, जमरुद में मिलिट्री कॉलोनी और एबटाबाद में.

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यह हमले पाकिस्तान के पहले के हवाई हमलों का जवाब थे. पाकिस्तान ने 22 फरवरी को अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिया में हमले किए थे, जिसमें तालिबान ने 18 नागरिकों के मारे जाने का दावा किया.

लेकिन पाकिस्तान कहता है: ड्रोन्स गिराए गए. कोई बड़ा हमला नहीं हुआ. रॉयटर्स, अल जजीरा और अन्य मीडिया ने भी पुष्टि की कि पाकिस्तान ने ड्रोन्स को रोक लिया. कोई जान-माल का नुकसान नहीं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दावे हैं. 

इस्लामाबाद के आसपास तैनात मिसाइल और ड्रोन डिफेंस सिस्टम

इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी है, इसलिए यहां सबसे मजबूत डिफेंस सिस्टम हैं. पाकिस्तान की एयर डिफेंस मुख्य रूप से चाइनीज और कुछ अन्य देशों के सिस्टम पर निर्भर है. यहां मुख्य सिस्टम है... 

यह भी पढ़ें: तीनतरफा संकट में फंसे आसिम मुनीर! भारत से तनाव, बीएलए के अटैक और अब अफगान तालिबान से जंग

HQ-9 (लॉन्ग-रेंज सर्फेस-टू-एयर मिसाइल)  

  • रेंज: 200-300 किमी तक. 
  • क्या करता है: दुश्मन के जेट, मिसाइल और ड्रोन्स को दूर से मार गिराता है.  
  • तैनाती: इस्लामाबाद के आसपास कई बैटरी तैनात. 2021 से पाकिस्तान ने इसे इस्तेमाल करना शुरू किया.  
  • मूल: चीन (CASC कंपनी).

HQ-16 / LY-80 (मीडियम-रेंज एयर डिफेंस)  

  • रेंज: 40-70 किमी.  
  • क्या करता है: मीडियम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन्स, हेलीकॉप्टर और जेट को निशाना बनाता है.  
  • तैनाती: इस्लामाबाद और सीमा इलाकों में 6 से ज्यादा बैटरी. 2014-15 में 373 मिलियन डॉलर में खरीदा था.   
  • मूल: चीन

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FM-90 / HQ-7 (शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस)  

  • रेंज: 15 किमी तक.  
  • क्या करता है: कम ऊंचाई वाले ड्रोन्स और मिसाइलों को रोकता है.  
  • तैनाती: इस्लामाबाद के आसपास कई जगहों पर.  
  • मूल: चीन

एंटी-ड्रोन सिस्टम  

  • जैसे: स्काई फेंस, ड्रोन जैमर और लेजर सिस्टम.  
  • क्या करते हैं: ड्रोन्स को जैम (सिग्नल ब्लॉक) करके या लेजर से गिराते हैं.  
  • तैनाती: इस्लामाबाद, रावलपिंडी और मिलिट्री बेस के आसपास.  
  • मूल: कुछ चीन से, कुछ तुर्की और अन्य देशों से.

अन्य सिस्टम: पाकिस्तान के पास अमेरिकी F-16 जेट्स भी हैं जो एयर डिफेंस में मदद करते हैं. लेकिन मुख्य एयर डिफेंस सिस्टम चाइनीज हैं. कुल मिलाकर, इस्लामाबाद के आसपास 10-15 बैटरी तैनात हैं, ज्यादातर चाइनीज.

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चीन के कितने सिस्टम हैं?

पाकिस्तान की 70-80% एयर डिफेंस सिस्टम चीन से हैं...

  • HQ-9: कम से कम 4-6 बैटरी (चीन से)  
  • HQ-16/LY-80: 6 बैटरी (चीन से, 2014-15 में खरीदे)  
  • FM-90/HQ-7: कई बैटरी (चीन से)  
  • HQ-19: 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाक संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने चीन से खरीदने की योजना बनाई, लेकिन अभी पूरी तरह तैनात नहीं. यह बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाला है.

पाकिस्तान का सबसे बड़ा डिफेंस पार्टनर चीन है. 2025 में ऑपरेशन सिंदूर भारत से संघर्ष में चाइनीज HQ-9 में फेल रहा था.  

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क्या ये सिस्टम अफगान ड्रोन हमलों में फेल हो गए?

पाकिस्तान के मुताबिक सिस्टम सफल रहे. पाकिस्तानी मंत्री अत्ता उल्लाह तारार ने कहा कि टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) ने ड्रोन्स से हमला करने की कोशिश की, लेकिन एंटी-ड्रोन सिस्टम ने उन्हें गिरा दिया. कोई नुकसान नहीं.
 
स्वाबी, नौशेरा और एबटाबाद में छोटे ड्रोन्स गिराए गए. तालिबान का दावा बड़ा है, लेकिन कोई सबूत नहीं. 2025 के भारत-पाक संघर्ष में चाइनीज HQ-9 में फेल हुआ था. लेकिन यहां कोई फेलियर नहीं. 

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क्या यह चीन के डिफेंस सिस्टम की नाकामी है?

नहीं, क्योंकि सिस्टम ने काम किया. लेकिन सामान्य रूप से...
  
2025 में भारत-पाक संघर्ष में HQ-9 की कमियां दिखीं – भारतीय मिसाइलों को पूरी तरह रोक नहीं सका था. विशेषज्ञ कहते हैं कि चीन के सिस्टम रूसी S-300 की कॉपी हैं, लेकिन उतने मजबूत नहीं. HQ-9 को जंक भी कहा गया क्योंकि यह अनटेस्टेड है.
  
लेकिन पाकिस्तान अभी भी चीन पर निर्भर है क्योंकि सस्ता और उपलब्ध है. अमेरिका ने पाकिस्तान को एयर डिफेंस नहीं दिया. इस्लामाबाद के डिफेंस सिस्टम मजबूत हैं, ज्यादातर चाइनीज. अफगान दावे बड़े हैं, लेकिन पाकिस्तान ने ड्रोन्स रोक लिए. कोई नाकामी नहीं. लेकिन लंबी जंग में सिस्टम की कमियां दिख सकती हैं.

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