निर्भया गैंगरेप के दोषियों का डेथ वारंट जारी कर दिया गया है और अब इन चारों दोषियों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी. लेकिन फांसी दिए जाने से पहले तिहाड़ में फांसी की डमी तैयारी की जाएगी. हालांकि डमी की यह प्रक्रिया आज बुधवार को नहीं होगी, लेकिन आने वाले किसी भी दिन इसे अंजाम दिया जा सकता है, हालांकि अभी इसके लिए तारीख तय नहीं की गई है.
तिहाड़ जेल के अधिकारी दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने से पहले डमी तैयारी करेंगे और यह डमी प्रक्रिया जेल नंबर 3 में ही की जाएगी. डमी प्रक्रिया के समय पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, अधीक्षक और अन्य जेल अधिकारी मौजूद रहेंगे. 22 जनवरी को तिहाड़ जेल के कक्ष 3 में सुबह 7 बजे फांसी दी जाएगी.
कोर्ट के फैसले के बाद मेरठ के पवन जल्लाद ने कहा, 'मैं उन्हें फांसी पर लटकाने के लिए तैयार हूं. फांसी से पहले उनका वजन लिया जाएगा.' पवन ने आगे कहा कि रेत से भरे बोरे का परीक्षण फांसी के एक या दो दिन पहले किया जाता है. इस दौरान डॉक्टर और सुपरिटेंडेंट भी मौजूद रहते हैं. इससे पहले आजतक के मंच पर भी कि वह निर्भया केस के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए पूरी तरह से तैयार है. यह उसका खानदानी काम है.Tihar Jail officials: Tihar to conduct dummy execution in coming days but not today. It will be done in jail 3, where the execution will take place. At the time of the dummy execution, the executive engineer of PWD, superintendent and other jail officials will be present.
— ANI (@ANI)
पटियाला कोर्ट ने सुनाया फैसला
राजधानी दिल्ली में साल 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप कांड को लेकर मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चारों दोषियों (पवन गुप्ता, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर) से बात की और फिर उनको 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाए जाने का फरमान सुना दिया.
कोर्ट की ओर से दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने की तारीख का ऐलान करने के बाद मंगलवार को ही तिहाड़ जेल पहुंच गई. डेथ वारंट की कॉपी तिहाड़ प्रशासन ने प्राप्त कर ली है. पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों की फांसी की तारीख तय कर दी. जाएगी.
कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि दोषियों को कानूनी मदद पाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन वो इसे बचने के लिए टूल की तरह इस्तेमाल करते रहे, उन्हें अब और समय नहीं दिया जा सकता. कोर्ट दोषियों के लिए 22 जनवरी सुबह 7 बजे फांसी की सजा मुकर्रर करता है.
क्या है पूरा मामला?
16 दिसंबर, 2012 को 23 वर्षीय लड़की के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया, बाद में उसकी मौत हो गई थी. मामले में 6 आरोपियों को पकड़ा गया. इन सभी में से एक आरोपी नाबालिग था. उसे जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया. वहीं, एक अन्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर दी थी.
शेष बचे चारों आरोपियों को ट्रायल कोर्ट ने दोषी माना और आरोपियों को दोषी मानते हुए सितंबर 2013 को सुनाई. फैसले के खिलाफ 2014 में दिल्ली की हाईकोर्ट ने फैसले को बरकरार रखा और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्णय को सही माना. सुप्रीम कोर्ट ने मामले में पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी थी.