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पठानकोट हमलाः NIA को शक, किसी अंदरूनी व्यक्ति ने की थी आतंकियों की मदद

पठानकोट हमले की जांच कर रही एजेंसी एनआईए को इस बात का शक है कि किसी अंदर के व्यक्ति ने आंतकवादियों को एयरबेस के अंदर घुसने में मदद की थी. एजेंसी ने इस एंगल से अपनी जांच तेज कर दी है.

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पठानकोट हमले में किसी अंदरूनी का हो सकता है हाथ
पठानकोट हमले में किसी अंदरूनी का हो सकता है हाथ

पठानकोट हमले को लेकर एक नई बात सामने आ रही है. मामले की जांच कर रही एनआईए को इस बात का पूरा शक है कि इस हमले में कोई अंदर का व्यक्ति शामिल था. जांच एजेंसी ने इस एंगल से भी अपनी जांच को तेज कर दिया है.


एयरबेस स्टेशन की 10 फुट ऊंची बाउंड्री पर लगी कोन्सर्टीना तार को बाहर से नहीं बल्कि अंदर से काटा गया था. एक अंग्रेजी अखबार को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हमले के बाद कटी हुई तारें परिसर के अंदर मिली थी. उसके बाद इस बात का शक और गहरा गया कि किसी अंदरूनी व्यक्ति ने आंतकवादियों को अंदर घुसने में मदद की थी.

शक इस बात से और गहरा जाता है कि उस जगह पर लाइट काम नहीं कर रही थी, इसलिए जाहिर तौर पर इस जगह को जान-बूझकर चुना गया. अंधेरे में इस जगह को वही चुन सकता है, जो इससे पहले से वाकिफ हो.

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फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार
जांच से जुड़े एक सूत्र ने बताया, 'हम कोन्सर्टीना तार के फोरेंसिक टेस्ट करा रहे हैं ताकि ये बात प्रमाणित हो सके कि तार को अंदर से काटा गया था. टेस्ट की रिपोर्ट को इस शक के पहले संकेत के तौर पर लिया जा सकता है कि पठानकोट हमले में कोई अंदर का व्यक्ति शामिल था.'

गुरदासपुर के एसपी पर भी शक
पठानकोट हमले को अंजाम देने से पहले आतंकवादियों ने गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह, उनके दोस्त राजेश वर्मा और रसोइये मदन गोपाल को किडनैप कर लिया था. इस दौरान उन्होंने राजेश वर्मा पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था. आतंकवादियों ने बाद में तीनों को छोड़ दिया था, जिसके बाद सलविंदर ने प्रशासन को इसकी जानकारी दी. हालांकि शक की सुई तीनों पर घूम गई कि आखिरकार आतंकवादियों ने तीनों को छोड़ क्यों दिया जबकि वो सभी नीली बत्ती वाली कार में सवार थे.


पंजाब पुलिस ने पठानकोट कैंट के अंदर मजदूर की नौकरी करने के बहाने पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहे एक शख्स को गिरफ्तार किया है. उसके पास मिले स्मार्टफोन में कुछ ऐसी संवेदनशील तस्वीरें पाई गई हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से कैंट के लिए काफी खबतरनाक साबित हो सकती थी.

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पठानकोट हमले का शक जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर पर है. पाकिस्तान को पर्याप्त सबूत दिए गए हैं, जिसके बाद वहां भी इस मामले की जांच तेजी से की जा रही है.

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