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मसूरी के बोर्डिंग स्कूल में रैगिंग के दौरान यौन शोषण, बाथरूम में दरवाजे तक नहीं

छात्राओं का आरोप है कि रैगिंग के नाम पर सीनियर्स उनका यौन शोषण किया गया. यह पूरा मामला तब सामने आया जब बोर्डिंग स्कूल में नई-नई प्रवेश लेने वाली चार छात्राएं अचानक स्कूल से भागकर अपने-अपने घर जा पहुंचीं.

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रैगिंग के दौरान यौन शोषण
रैगिंग के दौरान यौन शोषण

उत्तराखंड में मसूरी के एक नामी गिरामी बोर्डिंग स्कूल में छात्राओं के साथ यौन शोषण का सनसनीखेज मामला सामने आया है. छात्राओं का आरोप है कि रैगिंग के नाम पर सीनियर्स उनका यौन शोषण किया गया. यह पूरा मामला तब सामने आया जब बोर्डिंग स्कूल में नई-नई प्रवेश लेने वाली चार छात्राएं अचानक स्कूल से भागकर अपने-अपने घर जा पहुंचीं.

बता दें कि यह एक ऐसे इलीट बोर्डिंग स्कूल का मामला है, जहां NRI के बच्चे भी पढ़ते हैं. घटना बीते 6 मई की है, जब चार छात्राएं स्कूल से भागकर अपने-अपने घर जा पहुंचीं और अपने-अपने परिजनों को स्कूल में अपने साथ हुई आपबीती सुनाई.

इनमें से एक छात्रा के माता-पिता ने उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग से इसकी शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद आयोग ने राज्य के शिक्षा मंत्रालय और पुलिस को तत्काल इस गंभीर मामले की जांच कराए जाने का आदेश दिया है.

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शिकायत करने वाले परिजनों का कहना है कि पीड़ित छात्राओं में से एक छात्रा तो खुदकुशी तक का मन बना चुकी थी और सुसाइड नोट भी लिख चुकी थी. शिकायतकर्ता परिजनों का कहना है कि स्कूल को बोर्डिंग में बाथरूम में दरवाजे तक नहीं है, सिर्फ पर्दे लटके हुए हैं.

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के हवाले से कहा गया है कि एक पूरी आपबीती लिख रखी है. शिकायतकर्ता के पास वह डायरी मौजूद है. इसके अलावा शिकायतकर्ता परिजनों ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी कर रखी है.

उन्होंने बताया कि पीड़ित छात्राओं को बिना सस्पेंशन लेटर दिए स्कूल से निकाल दिया गया है. वहीं उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की एक अधिकारी ने बताया कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है और इसकी जांच के लिए संबंधिक विभाग को तुरंत जांच समिति गठित करने के लिए कहा गया है.

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