scorecardresearch
 

सावधान! दिल्ली-NCR में हो रही है 'जहरीले जश्न' की तैयारी

म्यूजिक, मौज-मस्ती और डांस तक तो सबकुछ ठीक है, लेकिन उसके बाद छाने लगता है मदहोशी का गुबार. जी हां, दिल्ली-NCR सहित देश के कई शहरों में न्यू ईयर पर रेव पार्टी की खुफिया खबर मिली है. नारकोटिक्स ब्यूरो की टीमें सतर्क हो गई हैं.

Advertisement
X
न्यू ईयर पर रेव पार्टी की खुफिया खबर
न्यू ईयर पर रेव पार्टी की खुफिया खबर

न्यू ईयर का जश्न मनाने के लिए पूरा देश तैयार है. लेकिन जरा सावधान हो जाइए, क्योंकि नए साल के मौके पर कुछ शातिरों ने 3D प्लान बनाया है. ऐसा प्लान जिसके जरिए आपको मदहोश करने की तैयारी है. दिल्ली के लिए देश-विदेश के तस्करों ने ऐसा खतरनाक प्लान बनाया है, जिससे होशियार रहना बेहद जरूरी है. जश्न में थिरकने वालों को प्रतिबंधित ड्रग्स सप्लाई करने की खेप जुटाई जा रही है.

म्यूजिक, मौज-मस्ती और डांस तक तो सबकुछ ठीक है, लेकिन उसके बाद छाने लगता है मदहोशी का गुबार. जी हां, दिल्ली-NCR सहित देश के कई शहरों में न्यू ईयर पर रेव पार्टी की खुफिया खबर मिली है. नारकोटिक्स ब्यूरो की टीमें सतर्क हो गई हैं. खतरनाक और गैरकानूनी ड्रग्स की सप्लाई करने वालों की नजर बार और पब्स में आने वालों पर है. पार्टी का नशा तो ठीक है, लेकिन ड्रग्स की पार्टी से सावधान हो जाइए.

Advertisement


दिल्ली की राजस्व निदेशालय टीम ने राजस्थान के अलवर के भिवाड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में एक दवा फैक्ट्री पर छापा मारा. DRI टीम ने करोड़ों रुपये की नशीली दवा कैटामाइन बरामद की है. अलवर से कैटामाइन को आसपास के महानगरों में बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जाता था. इसको बड़े क्लब, बार, पब में हाईप्रोफाइल रेव पार्टियों में पहुंचाया जाता था. बाजार में कैटामाइन की कीमत साढ़े तीन लाख रुपये प्रति किलो है.


कैटामाइन को पार्टियों में नशे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. राजस्व खुफिया निदेशालय ने दवा फैक्ट्री के मालिक विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. वहां करीब सवा दो करोड़ रुपये की कैटामाइन बरामद की गई है. दिल्ली से कुछ ही घंटों की दूरी पर ड्रग्स की फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद नारकोटिक्स ब्यूरो ने अपनी टीमें पूरे दिल्ली-NCR के बॉर्डर पर लगा दी है. ताकि न्यू ईयर की पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई को रोका जा सके..


डांस में ड्रग्स का डेंजर प्लान तैयार करने वालों ने इस बार नए साल पर एक ऐसी साजिश रची है, जिससे किसी को शक नहीं हो सकता. पुलिस और नारकोटिक्स विभाग को धोखा देने के लिए बाजीराव, द्रोपदी और शिव दर्शन नाम से ड्रग्स की सप्लाई हो रही है. पार्टियों में सप्लाई होने वाली ड्रग्स का नया नाम बाजीराव-मस्तानी है. यहां तक कि दलाई लामा के नाम पर भी ड्रग्स का कोडवर्ड बनाया गया है.

Advertisement


पार्टियों में कोकीन, LSD, मेफेरडोन, MDMA सप्लाई की जाती है. सबसे महंगी ड्रग्स कोकीन होती है. इसको कोक, फ्लेक, चार्ली और स्नो भी कहते हैं. एक ग्राम कोकीन 3 से 12 हजार रुपये में मिलती है. इसके बाद कीमत के मामले में दूसरे नंबर पर है LSD यानी लीसर्जिक एसिड डीथाईलामाइड. इसको एसिड भी कहा जाता है. इसकी एक बूंद की कीमत 1200 रुपये से 4000 रुपये तक होती है.


कीमत के मामले में तीसरे नंबर पर मेफेरडोन ड्रग्स है. इसको म्याऊं-म्याऊं भी कहते हैं. इसकी एक गोली 800 रुपये से 1 हजार रुपये में बेची जाती है. चौथे नंबर पर सबसे सस्ती ड्रग्स केटामाइन है. इसको एनेस्थीसिया वाली दवा माना जाता है. इसकी एक डोज 150 से 300 रुपये में बेची जाती है. महंगे ड्रग्स की खेप अलग-अलग तरह से पहुंचती है. हाल ही में आईजीआई एयरपोर्ट से एक नाइजीरियाई को ग्रिटिंग कार्ड में ड्रग्स ले जाते हुए गिरफ्तार किया गया.


साल 2015 में दिल्ली पुलिस करीब 4425 किलो ड्रग्स जब्त कर चुकी है. इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से करीब 170 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद हो चुकी है. इसके अलावा NDPS एक्ट के तहत 271 केस दर्ज किए गए हैं. देश की राजधानी में हर तरफ ड्रग्स के सप्लायर्स की नजर रहती है. इसलिए हवा से लेकर जमीन तक हर रास्ते से अलग-अलग तरह की ड्रग्स की तस्करी होती है. सबसे ज्यादा ड्रग्स हवाई रास्ते से आती-जाती है.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement