टीम अन्ना के ताजा आरोपों के मद्देनजर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने देर रात मीडिया के सामने सफाई पेश की. प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार के लिए अन्ना का अनशन एक राष्ट्रीय मुद्दा है.
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प्रणब मुखर्जी ने उल्टे अन्ना हजारे की टीम पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि सिविल सोसायटी के लोगों ने बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के तहत ही लोकपाल बिल लाया जाएगा.
केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि बातचीत अभी खत्म नहीं हुई है. संभावित पुलिस कार्रवाई के मद्देनजर सलमान खुर्शीद ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
अन्ना हजारे के अनशन के नौवें दिन सरकार ने टीम अन्ना से यह साफ कर दिया है कि वह न तो संसद का अवमूल्यन करेगी और न ही अपने लोकपाल विधेयक को कमजोर करेगी.
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर एक व्यापक राष्ट्रीय सहमति तक पहुंचना होगा.
अन्ना हजारे टीम के तीन सदस्यों के साथ हुई बैठक के बाद सरकार ने कहा कि उनके बीच बातचीत ‘‘सकारात्मक’’ रही है. इसके अलावा सरकार ने आशा जताई कि ऐसे रास्ते बनाए जाएंगे, जिससे हजारे अनशन तोड़ेंगे.
करीब डेढ़ घंटे तक चली बातचीत के बाद कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘वार्ता सकारात्मक दिशा में चल रही है. कल भी हमारे बीच बात होगी. मुख्य मुद्दा और प्राथमिकता अन्ना के स्वास्थ्य को लेकर है. हम उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं. हमें आशा है कि ऐसी स्थितियां बनेंगी कि हम अन्ना को अनशन तोड़ते हुए देखेंगे.’’
कांग्रेस के सांसद संदीप दीक्षित ने आजतक से बातचीत में कहा कि गुरुवार को भी टीम अन्ना से बातचीत जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि मीटिंग अच्छे माहौल में हुई. उन्होंने यह मानने से इनकार कर दिया कि मीटिंग में कुछ असंवेदनशील तरीके से बात की गई.
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी ने कहा था कि सरकार एक दिन पहले बनी सहमति से पीछे हट गई है. टीम अन्ना ने पूरे घटनाक्रम पर गहरी निराशा भी जाहिर की.