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अन्ना हजारे और दिल्ली पुलिस के बीच बातचीत हुई नाकाम

अन्ना हजारे के साथ दिल्ली पुलिस की बातचीत फेल हो गई है. अन्ना को राजी करने के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारी तिहाड़ गए थे लेकिन वो खाली हाथ बाहर लौटे हैं. दरअसल, अनशन की समय सीमा को लेकर दिल्ली पुलिस की पेशकश से अन्ना सहमत नहीं हैं.

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अन्ना हजारे
अन्ना हजारे

अन्ना हजारे के साथ दिल्ली पुलिस की बातचीत फेल हो गई है. अन्ना को राजी करने के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारी तिहाड़ गए थे लेकिन वो खाली हाथ बाहर लौटे हैं. दरअसल, अनशन की समय सीमा को लेकर दिल्ली पुलिस की पेशकश से अन्ना सहमत नहीं हैं.
 

दिल्ली पुलिस ने अनशन के लिए अन्ना को रामलीला मैदान देने की पेशकश तो की, लेकिन इस शर्त पर अन्ना सात दिन ही अनशन करेंगे. हालांकि, इसमें नुक्ता ये भी है कि हालात की समीक्षा के बाद ये समय सीमा बढ़ाई जा सकती है. लेकिन, अन्ना इस पेशकश पर दस्तखत करने को तैयार नहीं.

अन्ना कम से कम 30 दिन का वक्त चाहते हैं. अन्ना के तेवर से साफ है कि उन्हें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं. उन्हें लगता है कि एक बार सात दिन पर सहमति जताने पर दिल्ली पुलिस इसका बेजा इस्तेमाल कर सकती है. हालात खराब बताकर सात दिन बाद उनके अनशन की मंजूरी रद्द कर सकती है.

अन्ना हजारे तिहाड़ जेल से बाहर क्यों नहीं आ रहे हैं? दिल्ली पुलिस और अन्ना हजारे के बीच कौन-सी पेंच फंसी है, जिस वजह से अन्ना तिहाड़ से बाहर निकलने को तैयार नहीं.

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खबरों के मुताबिक पेंच अनशन की समय सीमा को लेकर फंसा हुआ है. दिल्ली पुलिस अन्ना को रामलीला मैदान में सात से दस दिन अनशन करने की इजाजत देने को तैयार है. यहां तक हालात की समीक्षा के बाद दिल्ली पुलिस ने इस समय सीमा को बढ़ाने का भी भरोसा दिया है. लेकिन, अन्ना इस पेशकश पर दस्तखत करने को तैयार नहीं. वो कम से कम तीस दिन का वक्त चाहते हैं.

ऐसी खबरें हैं कि दिल्ली पुलिस की पेशकश पर टीम अन्ना के सारे सदस्य राजी थे लेकिन अरविंद केजरीवाल इस पर सहमत नहीं थे. इसी वजह से मामला अटक गया.

अन्ना हजारे और उनके समर्थकों के तेवर को देखते हुए आज दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह यू-टर्न ले लिया.

अन्ना ने जेपी पार्क की जगह अनशन के लिए बड़े मैदान की मांग की थी. दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान दे दिया. यही नहीं, अनशन के लिए आने वाले लोगों की संख्या पर कोई पाबंदी ना हो, इसे भी दिल्ली पुलिस ने मान लिया.

उधर, अन्ना के आंदोलन से तिहाड़ जेल के कैदियों को हो रही है असुविधा के संबंध में किरण बेदी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया. उन्होंने लोगों से अपील की कि वो गेट नंबर तीन खाली कर दें क्योंकि ये रास्ते जेल में कैदियों के लिए दूध, सब्जी और रसद पहुंचाने का है. लोगों की भीड़ की वजह से मंगलवार से जेल के भीतर कोई सामान नहीं गया है इससे कैदियों को असुविधा हो रही है.

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उधर बुधवार देर शाम अन्ना और पुलिस के बीच बातचीत समाप्त होने का बाद यह खबर आई कि अन्ना की तबीयत खराब हो गई है और उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की है. बाद में अन्ना की टीम ने अन्ना की तबीयत खराब होने की खबर को अफवाह देकर इसे सिरे से खारिज कर दिया है.

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