हैदराबाद में साइबराबाद पुलिस ने चर्चित मीना देवी हत्याकांड का खुलासा कर दिया. इस कत्ल की साजिश किसी और ने नहीं बल्कि खुद मीना के पति अनिल कुमार साह ने रची थी. इस खूनी वारदात को अंजाम देने के लिए अनिल ने बिहार से सुपारी किलर बुलाए थे. शातिर आरोपी ने 36 साल की मीना के मर्डर को सड़क किनारे हुए एक वारदात दिखाने की कोशिश कीथी, लेकिन यह मामला एक सुनियोजित हत्या का निकला.
हैदराबाद के आईडीए बोलारम थाना क्षेत्र के गांडीगुडेम गांव के बाहरी इलाके में 30 मई की रात 36 वर्षीय मीना देवी मृत अवस्था में मिली थीं. उनका गला रेता गया था और मामला शुरू में किसी अज्ञात हमलावर की करतूत जैसा लग रहा था. सूचना मिलने के बाद पुलिस को मौके पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल शुरू की.
उस वक्त मीना देवी के पति अनिल कुमार साह ने पुलिस को बताया था कि वे दोनों मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, तभी सड़क किनारे झाड़ियों से तीन लोग निकले और उसकी पत्नी का अपहरण कर लिया. विरोध करने पर बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी. अनिल ने दावा किया था कि हमलावरों ने उस पर भी हमला किया था और मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए.
पति की कहानी सुनकर शुरुआती जांच में पुलिस को डकैती के दौरान हत्या या यौन अपराध की आशंका हुई. लेकिन मौके से मिले साक्ष्यों और अनिल के बयान में कई विरोधाभास सामने आने लग. इसी कारण जांच का रुख बदल गया. इस मामले की जांच के लिए आठ विशेष टीमों का गठन किया गया. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, आवागमन के पैटर्न और गवाहों के बयानों को जोड़कर इस पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.
जांच के दौरान यह सामने आया कि हत्या पहले से योजना बनाकर की गई थी. पुलिस के अनुसार अनिल कुमार साह पिछले लगभग तीन वर्षों से अपनी पत्नी से नाराज था. जांचकर्ताओं का कहना है कि मीना देवी अपने माता-पिता को पैसे भेजती थीं और एक दुर्घटना के बाद अनिल के शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण दंपती के रिश्ते भी खराब हो गए थे. अनिल की यही नाराजगी एक खूनी साजिश में तब्दील हो गई और उसने हत्या की साजिश रच डाली.
पुलिस का दावा है कि अनिल ने बिहार के रहने वाले अपने परिचित रिंकू कुमार से संपर्क किया और पत्नी की हत्या के लिए दो लाख रुपये देने की पेशकश की. रिंकू ने यह सौदा स्वीकार कर लिया और अपने साथ रंजन तथा नीरज नाम के दो अन्य लोगों को शामिल कर लिया. जांच में पता चला कि रिंकू, रंजन और नीरज 29 मई को बिहार से हैदराबाद पहुंचे. जहां उन्होंने अनिल कुमार से मुलाकात की और हत्या की पूरी योजना बनाई.
पुलिस के अनुसार हमले की जगह, समय और भागने का रास्ता पहले से तय कर लिया गया था. 30 मई की रात गांडीगुडेम के पास सुनसान इलाके में योजना के मुताबिक मीना देवी पर हमला किया गया. उनका गला रेता गया और हत्या के बाद आरोपियों ने मोटरसाइकिल लेकर शहर के बाहरी इलाके में छोड़ दी. इसके बाद वे निजी बस से बिहार भाग गए ताकि सबूत मिटाए जा सकें.
जांचकर्ताओं का कहना है कि हत्या के बाद अनिल ने पूरी कहानी गढ़ी. उसने खुद को मामूली चोटें पहुंचाईं ताकि ऐसा लगे कि उसने पत्नी को बचाने की कोशिश की थी. पुलिस के मुताबिक उसके शरीर पर मिले कट केवल दिखावे के लिए थे, ताकि शक अज्ञात अपराधियों पर चला जाए. पुलिस ने बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित चनपटिया गांव से रंजन को गिरफ्तार कर लिया और उसे ट्रांजिट वारंट पर हैदराबाद लाया गया.
पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल कुमार साह को भी हिरासत में ले लिया. वहीं रिंकू कुमार और नीरज की तलाश जारी है. पुलिस के अनुसार रिंकू कुमार का आपराधिक इतिहास रहा है. उस पर गांजा और शराब तस्करी, अपहरण तथा बिहार, पंजाब और हरियाणा में अन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं. नीरज भी बिहार में कई आपराधिक मामलों में शामिल बताया जा रहा है.
साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर ने जांच टीमों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसी हत्या का पर्दाफाश किया है, जिसे सामान्य सड़क किनारे हमला दिखाने की कोशिश की गई थी. पुलिस का कहना है कि आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है और मामले की आगे की जांच जारी है.