जम्मू-कश्मीर से जुड़ी एक महिला क्रिकेटर और उसके साथियों पर सेक्स्टॉर्शन और उगाही का गंभीर आरोप लगा है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला क्रिकेटर, उसके भाई और एक अन्य साथी को गिरफ्तार किया है. यह पूरा मामला ऑनलाइन चैट, ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपये की उगाही से जुड़ा है, जिसने एक बार फिर साइबर अपराध के खतरनाक रूप को उजागर कर दिया है.
मुंबई क्राइम ब्रांच ने जम्मू-कश्मीर T-20 लीग से जुड़ी एक महिला क्रिकेटर को सेक्स्टॉर्शन के मामले में गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला फरखंदा खान (30) है, जिसे उसके भाई बाज़िल खान (27) के साथ नई दिल्ली के एक होटल से पकड़ा गया. यह गिरफ्तारी लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई. पुलिस को इस केस में एक बड़े उगाही रैकेट का शक है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं.
इस मामले में तीसरे आरोपी के रूप में उद्दीन इम्तियाज़ वानी (22) को भी गिरफ्तार किया गया है. उसे जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से पकड़ा गया. पुलिस का कहना है कि ये तीनों मिलकर एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे. इनका मकसद लोगों को फंसाकर उनसे पैसे वसूलना था. गिरफ्तारी के बाद तीनों से पूछताछ जारी है और पुलिस इनके नेटवर्क की जांच कर रही है.
शिकायतकर्ता मुंबई के कोलाबा इलाके का रहने वाला 28 वर्षीय कारोबारी है. पुलिस के मुताबिक, साल 2024 में वह फरखंदा खान के संपर्क में आया था. उस समय वह पश्चिमी उपनगरों में रह रहा था. मोबाइल चैट के जरिए दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई. इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उससे अश्लील बातचीत शुरू कर दी.
पुलिस के अनुसार, फरखंदा ने बाद में शिकायतकर्ता का परिचय अपने भाई बाज़िल खान और साथी उद्दीन वानी से करवाया. इसके बाद तीनों ने मिलकर एक साजिश रची. आरोपी महिला ने अपनी आर्थिक जरूरतों का हवाला देते हुए कारोबारी से पैसे मांगने शुरू कर दिए. जब उसने पैसे देने से इनकार किया, तो उसे उसकी निजी चैट सार्वजनिक करने की धमकी दी गई.
धमकियों के दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने पैसे देने शुरू कर दिए. पुलिस जांच में सामने आया है कि 30 अप्रैल 2024 से लेकर 13 जनवरी 2026 के बीच उसने 32 अलग-अलग बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 23.61 लाख रुपये फरखंदा के खाते में ट्रांसफर किए. यह रकम धीरे-धीरे दबाव बनाकर वसूली गई थी.
जांच में यह भी सामने आया कि इस रकम का एक बड़ा हिस्सा उद्दीन इम्तियाज़ वानी के खाते में भेजा गया. इसके अलावा कुछ पैसे फरखंदा के पिता अब्दुल अज़ीज़ खान के बैंक खाते में भी ट्रांसफर किए गए. पुलिस अब इन सभी बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि पूरे पैसों के लेन-देन का पता लगाया जा सके.
इतना ही नहीं, पुलिस के मुताबिक बाज़िल खान और वानी ने भी शिकायतकर्ता को धमकाया. उन्होंने दावा किया कि उनके पास उसकी निजी चैट के स्क्रीनशॉट हैं और अगर उसने पैसे नहीं दिए तो उसे जेल तक भिजवा सकते हैं. इन धमकियों से डरकर शिकायतकर्ता ने जनवरी 2026 में आरोपियों को अतिरिक्त 40 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए.
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहला ट्रांजैक्शन अप्रैल 2024 में 20 हजार रुपये का हुआ था. आरोपी फरखंदा दिल्ली NCR के अंकुर विहार की रहने वाली है, जबकि वानी खलापुर (जम्मू-कश्मीर) और बाज़िल खान नूरखाव गांव के निवासी हैं. शिकायत के आधार पर पश्चिम क्षेत्र साइबर पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 308(2), 308(6), 351(2), 351(3) और IT एक्ट की धाराओं 61(2) व 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई है. फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.