मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. जिस मासूम की तलाश में परिजन पिछले 15 दिनों से दर-दर भटक रहे थे, आज उसकी लाश देवलहा प्रपात में तैरती हुई मिली. इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश की आग भड़क उठी है. परिजनों का सीधा आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग के चलते सोची-समझी हत्या है. पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने घंटों चक्का जाम किया, जिसके बाद प्रशासन को खुद मैदान में उतरना पड़ा.
तारीख 24 फरवरी... जब 16 साल का विवेक विश्वकर्मा अपने भाई को बुलाने अष्टभुजी गया था, लेकिन वो फिर कभी घर नहीं लौटा. जाने से पहले उसने व्हाट्सएप पर आखिरी स्टेटस लगाया- 'मिस यू'. इसके बाद प्रपात के मुहाने पर सिर्फ उसकी साइकिल और मोबाइल मिला.
परिजनों ने फौरन पुलिस को सूचना दी.
देवलहा प्रपात में मिली लाश
बनारस से NDRF की टीम बुलाई गई, लेकिन गहरी खाइयों और पानी में विवेक का कहीं पता नहीं चला. टीम खाली हाथ लौट गई, पर परिजनों की उम्मीदें नहीं टूटी थीं. आज यानी घटना के करीब 15 दिन बाद, देवलहा प्रपात के पानी में विवेक का शव तैरता हुआ मिला, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया.
सड़क पर शव रखकर चक्का जाम
गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने शव को लालगंज मोड़ पर रखकर चक्का जाम कर दिया. प्रयागराज से मऊगंज की ओर जाने वाली सड़क कई घंटों तक बंद रही.
पुलिस ने संदिग्धों को क्यों छोड़ा?
प्रदर्शन में मऊगंज कांग्रेस जिला अध्यक्ष और विश्वकर्मा समाज के लोग भी शामिल हुए. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ा तो था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया.
परिजनों के गंभीर आरोप
उनकी मांग है कि आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो.मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत और समझाइश के बाद परिजन देर शाम पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए. आशीर्वाद हॉस्पिटल की एम्बुलेंस से शव को संजय गांधी अस्पताल रीवा भेजा गया है.
कलेक्टर और SP को खुद उतरना पड़ा मैदान में
कलेक्टर ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया है, वहीं पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) गठित करने का आश्वासन दिया है. अब देखना होगा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच में विवेक की मौत का असली सच क्या निकलकर सामने आता है.