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बदायूं हत्याकांड: नौकरी से निकाले जाने की खुन्नस या कोई रंजिश... क्यों पूर्व कर्मचारी ने HPCL प्लांट के डिप्टी जीएम और एजीएम को गोलियों से भूना?

Budaun Murder Case: बदायूं में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक सिरफिरे वेंडर ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के एथेनॉल प्लांट के अंदर घुसकर जनरल मैनेजर की गोली मारकर हत्या कर दी. बीच-बचाव में आए एजीएम पर भी फायरिंग की गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.

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जीएम सुधीर गुप्ता और एजीएम हर्षित मिश्रा (File Photo)
जीएम सुधीर गुप्ता और एजीएम हर्षित मिश्रा (File Photo)

यूपी के बदायूं जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के एथेनॉल प्लांट में खूनी खेल खेला गया. पूर्व कर्मचारी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू ने अवैध असलहे के साथ कार्यालय में घुसकर डिप्टी जनरल मैनेजर (GM) सुधीर कुमार गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी. इस हमले में सहायक जनरल मैनेजर (AGM) हर्षित मिश्रा भी घायल हुए जिन्होंने भी बाद में दम तोड़ दिया. इस खौफनाक वारदात की वजह आरोपी को नौकरी से हटाए जाने की पुरानी रंजिश बताई जा रही है. 

आपको बता दें कि पूरा मामला कोतवाली दातागंज क्षेत्र के ग्राम सहजनी का है जहां गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे सुधीर कुमार गुप्ता और हर्षित मिश्रा को गोली मार दी गई. इस हमले में दोनों की दर्दनाक मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अवनीश राय और एसएसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए. 

क्यों मारी गोली? छंटनी बनी हत्या की मुख्य वजह

इस डबल मर्डर के पीछे की मुख्य वजह 'नौकरी की खुन्नस' निकलकर सामने आई है. जिलाधिकारी अवनीश राय के मुताबिक, आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू इसी प्लांट में वेंडर के तौर पर कार्यरत था. कुछ समय पहले काम में लापरवाही बरतने के कारण डिप्टी जीएम सुधीर कुमार गुप्ता ने प्लांट में बड़ी छंटनी की थी, जिसमें अजय प्रताप को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. काम से निकाले जाने के बाद से ही आरोपी जीएम सुधीर कुमार से बुरी तरह नाराज था और उन्हें सबक सिखाने की फिराक में था.

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डिप्टी जीएम ने पहले ही जताई थी हत्या की आशंका

मृतक डिप्टी जीएम सुधीर कुमार गुप्ता को अपनी जान पर मंडराते खतरे का अंदाजा पहले से ही था. आरोपी उन्हें लगातार धमकियां दे रहा था, जिसकी शिकायत सुधीर कुमार ने जिलाधिकारी और एसएसपी से लिखित में की थी. इस शिकायत के आधार पर दातागंज थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था. लेकिन प्रशासन की सतर्कता के बावजूद आरोपी गुरुवार को सीधे जीएम के केबिन में घुस गया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी जान ले ली.

सुरक्षा के कड़े इंतजामों की खुली पोल

एचपीसीएल जैसे अति-संवेदनशील प्लांट के अंदर हथियार लेकर घुस जाना सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी विफलता माना जा रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि सिक्योरिटी गेट पर आरोपी की तलाशी क्यों नहीं ली गई और वह हथियारों के साथ सीधे उच्च अधिकारियों के चैम्बर तक कैसे पहुंच गया? इस वारदात ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है. फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है. गोलीकांड से इलाके में सनसनी फैल गई है. 

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