अगर आप भी ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से खाना मंगवाते हैं, तो जरा सावधान हो जाइए. कहीं ऐसा न हो की ऑनलाइन खाना मंगवाना आपको महंगा ना पड़ जाए. दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में एक फूड डिलीवरी कंपनी के डिलीवरी बॉय द्वारा चोरी करने का अनोखा मामला सामने आया है.
सेक्टर 46 के पॉश इलाके में स्विगी कंपनी का डिलीवरी बॉय मोमोज की डिलीवरी करने पहुंचा था. वहां से निकलते वक्त उसने शू रैक खंगाली और मनपसंद के 10 हजार रुपये कीमत के महंगे जूते चुराकर फरार हो गया. यह घटना मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई.
रात दो बजे देने आया था तंदूरी मोमोज
सेक्टर 46 के मकान की पहली मंजिल पर में रहने वाले एक व्यक्ति 15 अप्रैल रात 1:00 बजे के बाद स्विगी से तंदूरी मोमोज का ऑर्डर दिया. रात 2:00 बजे फूड डिलीवरी बॉय तंदूरी मोमोज का पैकेट लेकर आया. वापस जाते वक्त ग्राउंड फ्लोर पर डिलीवरी बॉय की नजर शू रैक पर पड़ी.
उसके बाद शू रैक को खंगालने लगा और शू रैक से 10,000 रुपये की कीमत वाले जूते उठाकर चलता बना. सीसीटीवी फुटेज में आप देख सकते हैं किस तरह यह डिलीवरी बॉय देखो होकर शू रैक को खंगाल रहा है, जैसे कि इस पर किसी की नजर ही नहीं पड़ेगी. लेकिन इसे नहीं पता था कि सीसीटीवी फुटेज में इसकी ये करतूत कैद हो जाएगी.
कंपनी में शिकायत की, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई
वारदात का खुलासा तब हुआ, जब ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले मनोज अगले दिन शू रैक से जूते निकालने पहुंचे. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज चेक किए, तो इस घटना के बारे में पता चला. पीड़ित ने फूड डिलीवरी कंपनी को शिकायत भी कई बार मेल भी किया और कस्टमर हेल्पलाइन में शिकायत भी की. मगर, कोई कार्यवाही नहीं हुई.
स्विगी में शिकायत करने के बाद भी कंपनी की तरफ से न तो आरोपी राइडर से जूते बरामद कराए गए और न ही उसके खिलाफ कोई कार्यवाही की गई. उसके बाद पीड़ित ने सेक्टर 50 थाने में चोरी की इस घटना की शिकायत की.
पीड़ित ने लोगों से की अपील, घर के बाहर ही लें डिलीवरी
इस घटना के बाद ऑनलाइन ऑर्डर जरिए फूड ऑर्डर करने वालों से पीड़ित ने अपील की घर के बाहर दरवाजे पर ही डिलीवरी लें. किसी भी हाल में डिलीवरी करने वाले को घर के अंदर न बुलाएं, नहीं तो आप भी इस स्विगी वाले चोर का शिकार हो सकते हैं.
डिलीवरी बॉय ने जिस तरह से जूते चोरी किए, ऐसे में यह एक बड़ी वारदात को भी अंजाम दे सकता था. अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है. पीड़ित का कहना है कि बात सिर्फ जूते चोरी की मामूली घटना की नहीं है, बल्कि कस्टमर और स्विगी जैसे ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों पर विश्वास से भी है.