अरब सागर में एक बार फिर ड्रग तस्करी की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. गुजरात एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर करोड़ों रुपये की संदिग्ध ड्रग्स जब्त की है. यह कार्रवाई पोरबंदर के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के करीब की गई. एजेंसियों को पहले से इनपुट मिला था कि समुद्र के रास्ते बड़ी खेप भारत पहुंचने वाली है. इसके बाद लगातार निगरानी और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था. आखिरकार एक छोटी स्पीड बोट को चिन्हित कर उसे रोक लिया गया. तलाशी में भारी मात्रा में संदिग्ध केमिकल बरामद हुआ.
ईरान से आई थी स्पीड बोट
जांच में सामने आया कि यह छोटी स्पीड बोट सीधे ईरान से भारतीय समुद्री सीमा की ओर आ रही थी. इतनी छोटी नाव से इतनी लंबी दूरी तय करना सामान्य नहीं माना जाता. अधिकारियों के मुताबिक, आमतौर पर इस तरह की बोट गहरे समुद्र में इतनी दूर तक नहीं आती. इससे शक गहरा गया कि तस्करों का नेटवर्क पहले से सक्रिय हो सकता है. एजेंसियों का मानना है कि ये लोग पहले भी इसी रास्ते का इस्तेमाल कर चुके होंगे. फिलहाल बोट को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच की जा रही है. बोट ईरान में निर्मित बताई जा रही है.
203 पैकेट संदिग्ध केमिकल बरामद
स्पीड बोट की तलाशी के दौरान 203 पैकेट संदिग्ध केमिकल बरामद हुए हैं. शुरुआती अनुमान के मुताबिक यह मात्रा 200 किलो से ज्यादा बताई जा रही है. हालांकि अभी इस केमिकल की लैब में टेस्टिंग की जा रही है. जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह कौन-सी ड्रग है. अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है. बरामद पैकेटों को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दो ईरानी नागरिक गिरफ्तार
इस ऑपरेशन में दो ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. उनकी पहचान अब्दुल मजीद और अब्दुल सत्तार के रूप में हुई है. दोनों इसी स्पीड बोट पर सवार थे. एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके. शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि इन्हें पंजाब में किसी हैंडलर को यह खेप सौंपनी थी. दोनों आरोपियों से यह भी पूछा जा रहा है कि वे पहले कितनी बार इस रूट का इस्तेमाल कर चुके हैं. सुरक्षा एजेंसियां उनके कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं.
पंजाब कनेक्शन की जांच
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों को पहले सूचना मिली थी कि ईरान का हाजी फिदा पंजाब के अपने किसी पहचान वाले को ड्रग्स भेजने वाला है. इसी इनपुट के आधार पर परसों रात से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था. माना जा रहा है कि पंजाब में बैठा एक संदिग्ध हैंडलर इस खेप का इंतजार कर रहा था. फिलहाल उस हैंडलर की तलाश जारी है. जांच एजेंसियां पंजाब और अन्य राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए हैं. ड्रग्स सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं.
ऐसे पकड़े गए आरोपी
अधिकारियों ने बताया कि स्पीड बोट को भारतीय समुद्री सीमा में पूरी तरह घुसने से पहले ही रोक लिया गया. यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास की गई. संयुक्त ऑपरेशन के चलते तस्कर अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके. एजेंसियों का कहना है कि अगर यह खेप अंदर पहुंच जाती तो युवाओं तक बड़ी मात्रा में नशा पहुंच सकता था. समुद्री मार्ग से ड्रग्स तस्करी की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं. इसी वजह से समुद्री निगरानी और कड़ी कर दी गई है.
बड़ा नेटवर्क होने का शक
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है. जब्त केमिकल की रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि यह किस प्रकार की ड्रग है. एजेंसियों को शक है कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क सक्रिय है. इतनी छोटी बोट से इतनी लंबी दूरी तय करना बड़े संगठित गिरोह की ओर इशारा करता है. गुजरात ATS और कोस्ट गार्ड अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क को खंगाल रहे हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि समुद्री रास्ते से नशा तस्करी की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जाएगा.