गोवा में ड्रग्स तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED के पणजी जोनल ऑफिस ने करीब 7.17 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है. यह कार्रवाई ड्रग्स तस्करी से जुड़े अपराधों से अर्जित अवैध कमाई के मामले में की गई है. मामला एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत दर्ज अपराधों से जुड़ा हुआ है. ED का कहना है कि यह संपत्तियां ड्रग्स के अवैध कारोबार से कमाए गए पैसे से खरीदी गई थीं.
NCB की शिकायत पर जांच
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत शुरू की. यह जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, गोवा द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर की गई. 7 मार्च 2021 को क्राइम नंबर 01/2021 के तहत मामला दर्ज हुआ था. इस केस में उगोचुक्वू सोलोमन उबाबुको, इन्फिनिटी जॉन उर्फ डेविड उर्फ वेलेंटाइन एजेजी और प्रसाद प्रकाश वाल्के के नाम सामने आए थे. इन सभी पर NDPS एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे.
असगांव में ड्रग्स की बरामदगी
NCB की कार्रवाई के दौरान गोवा के असगांव इलाके से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए थे. जब्त किए गए ड्रग्स में LSD, कोकीन, चरस और गांजा शामिल थे. यह बरामदगी एक परिसर से की गई थी. इसके बाद प्रसाद वाल्के के घर पर भी तलाशी ली गई, जहां से LSD की अतिरिक्त खेप बरामद हुई. NCB ने इसे व्यावसायिक मात्रा में ड्रग्स की तस्करी का मामला बताया था.
वाल्के का आपराधिक रिकॉर्ड
प्रसाद प्रकाश वाल्के का नाम पहले भी ड्रग्स मामलों में सामने आ चुका है. उसे साल 2018 में NCB ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद 2023 में गोवा पुलिस की एंटी-नारकोटिक सेल ने भी एक अलग NDPS केस में उसे पकड़ा था. उस मामले में MDMA, एक्स्टेसी पाउडर और हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई थी. फिलहाल, वह न्यायिक हिरासत में है और अलग-अलग मामलों में उसके खिलाफ जांच जारी है.
बैंक खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
ED की जांच में सामने आया कि ड्रग्स तस्करी से कमाए गए पैसे को बैंकिंग सिस्टम में डाला गया. इसके लिए कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया. ये खाते प्रसाद प्रकाश वाल्के और उनकी पत्नी श्रीमती शीतल प्रसाद वाल्के के नाम पर थे. जांच एजेंसी के मुताबिक इन खातों में भारी मात्रा में नकद जमा कराया गया, जिससे अवैध कमाई को वैध दिखाने की कोशिश की गई.
किन संपत्तियों का हुआ अटैचमेंट?
ED ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है, वे सभी गोवा के बार्देज तहसील के असगांव इलाके में स्थित हैं. इनमें सर्वे नंबर 155/10 पर स्थित तीन मंजिला रिहायशी मकान शामिल है. इसके अलावा सर्वे नंबर 182/56 और 182/47 पर बने दो-दो मंजिला मकान भी अटैच किए गए हैं. इन सभी संपत्तियों की मौजूदा अनुमानित कीमत करीब 7.17 करोड़ रुपये बताई गई है.
अपराध की कमाई से खरीदी गई संपत्ति
जांच एजेंसी के अनुसार ये सभी अचल संपत्तियां NDPS एक्ट, 1985 के तहत दर्ज अपराधों से अर्जित ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ हैं. यानी ड्रग्स के अवैध कारोबार से कमाए गए पैसों से इन्हें खरीदा गया. इसलिए PMLA के प्रावधानों के तहत इन्हें अस्थायी रूप से जब्त किया गया है. यह संपत्तियां प्रसाद वाल्के और उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज हैं.
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सख्ती
ED ने कहा है कि वह ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी. यह कदम ‘नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत उठाया गया है. एजेंसी का मकसद ड्रग्स नेटवर्क की आर्थिक जड़ों पर प्रहार करना है. अवैध कमाई को ट्रेस कर संपत्ति अटैच करना इस अभियान का हिस्सा है. ED ने साफ किया है कि मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और सभी लाभार्थियों व सहयोगियों की पहचान की जाएगी.