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बिहारः पहले करते थे ATM क्लोन से ठगी, बाद में बच्चों को करने लगे अगवा

गया के एसएसपी आदित्य कुमार के मुताबिक तीन नवंबर 2021 को इन अपराधियों ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रसलपुर गांव निवासी वाल्मिकी सिंह के सात वर्षीय बेटे मोहित कुमार का अपहरण कर लिया था.

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पुलिस ने गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार कर गैंग का पर्दाफाश कर दिया पुलिस ने गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार कर गैंग का पर्दाफाश कर दिया
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सूट-बूट पहनकर देते थे वारदात को अंजाम
  • पहले साइबर क्राइम करता था गैंग
  • फिर बच्चों का अपहरण कर वसूली फिरौती

बिहार के गया में पुलिस ने बच्चों को अगवा कर फिरौती ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पकड़े गए सभी अपराधी पहले साइबर ठगी को अंजाम देते थे. लेकिन अचानक एक दिन बच्चा अगवा करने का आइडिया उनके दिमाग में आया. उसमें उन्हें मोटी रकम मिलने की संभावना दिखाई दी. उसके बाद ये गैंग बच्चों को अगवा कर फिरौती वसूलने वाला गैंग बन गया. सूट-बूट पहनकर स्कॉर्पियों में सवार होकर वारदातों को अंजाम देने इस गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

मासूम बच्चे का किया था अपहरण
गया के एसएसपी आदित्य कुमार के मुताबिक तीन नवंबर 2021 को इन अपराधियों ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रसलपुर गांव निवासी वाल्मिकी सिंह के सात वर्षीय बेटे मोहित कुमार का अपहरण कर लिया था. अपहरण के बाद इन शातिरों ने परिजनों को फोन कर छह लाख रुपया देने की मांग की. अन्यथा मोहित को जान से मार देने की धमकी दी. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को तो सकुशल बरामद कर लिया था, लेकिन शातिर पुलिस के हत्थे से काफी दूर थे.

SIT के गठन से हुआ फायदा
एसएसपी के मुताबिक इस घटना ने गया पुलिस की नींद उड़ा दी थी. उसके बाद पुलिस ने इन अपरहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठ किया. फिरौती मांगने वाले के मोबाइल की ट्रेसिंग शुरू की गई. उसके बाद मोबाइल से जानकारी मिली की जब फिरौती के लिए फोन किया गया था तब मोबाइल नवादा के वारसलिगंज में एक्टिव था. पुलिस ने वहां पहुंचकर सत्यम कुमार उर्फ नेपाली नाम के अपराधी को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक नेपाली की निशानदेही पर पुलिस ने अपहरण के मुख्य आरोपी और पूरे गैंग का सरगना वजीरगंज थाना क्षेत्र के दखिनगांव के रहने वाले रोशन कुमार को गिरफ्तार किया. एसएसपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. बाकी दो अपराधियों में छोटू कुमार सिंह उर्फ कमांडो और शिवम कुमार मिश्रा शामिल हैं.

पांच लाख के गहने बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से अपहरण में उपयोग होने वाले स्कॉर्पियो और दो मोबाइल फोन के अलावा दो सीम कार्ड भी बरामद किया है. इनके पास से यूपी से लूटे गए 5 लाख के आभूषण भी बरामद हुए हैं. एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त यूपी के अलावा बिहार के सभी जिलों में घटना को अंजाम देते थे. इनलोगों का मूल धंधा एटीएम को क्लोन कर लोगों को लूटना था. साथ ही ये लोग कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर मोबाइल पर विज्ञापन देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे. पुलिस ने इन सभी आरोपियों को यूपी के शाहबाजपुर गांव से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक बिहार में घटनाको अंजाम देकर यूपी में भाग जाते थे और गांव में अपना डेरा डालते थे. जबकि यूपी में घटना को अंजाम देकर नवादा और बाकी जिलों में चले जाते थे.

लूट के पैसे से करते थे ऐश
पुलिस के मुताबिक सभी अपराधी पूरी तरह प्रोफेशनल हैं. कई घटनाओं में इनकी संलिप्तता है. ये लूट और अपराध की घटनाओं को अंजाम देने के बाद उसी पैसे से पार्टी एंज्वाय करते थे. सभी अपराधियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उनसे और भी कई कांडों में संलिप्तता का पता लगा रही है.

 

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