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सूट बूट पहनकर आते थे और चोरी कर फरार हो जाते थे... गैंग का भंडाफोड़, कई शहरों में कर चुके वारदात

पुलिस का दावा है कि ये आरोपी शातिर चोर हैं और अब तक दिल्ली एनसीआर, ग्रेटर नोएडा और मुम्बई समेत देश के कई शहरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी सूट पहनकर पॉश सोसाइटी के गार्ड्स को धोखा देकर वहां दाखिल होते थे, बाद में चोरी करके फरार हो जाते थे.

स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली, एनसीआर और मुंबई समेत कई शहरों में देता था चोरी को अंजाम
  • सूट पहनकर पॉश सोसाइटी में चोरी करता था गैंग

नोएडा पुलिस ने चोरी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है. ये गैंग दिल्ली, एनसीआर और मुंबई समेत देश के कई शहरों के पॉश इलाकों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से पुलिस ने 20 लाख रुपये के चोरी किये आभूषण समेत 09 एमएम की कार्बाइन समेत कई असलहे बरामद किए हैं. 

पुलिस का दावा है कि ये आरोपी शातिर चोर हैं और अब तक दिल्ली एनसीआर, ग्रेटर नोएडा और मुम्बई समेत देश के कई शहरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी सूट पहनकर पॉश सोसाइटी के गार्ड्स को धोखा देकर वहां दाखिल होते थे, बाद में चोरी करके फरार हो जाते थे. 

गार्ड्स को ऐसे बनाते थे बेवकूफ 
पुलिस के मुताबिक, गैंग गार्ड्स को बेवकूफ बनाते थे. वे MY GATE APP पर अपना फर्जी नाम और मोबाइल नंबर डालकर फ्लैट्स में अंदर एंट्री करते और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते. पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी शहनवाज और इमरान को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग के कई सदस्य वर्तमान में जेल में हैं. अब पुलिस चोरी का सामान खरीदने वाले और हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है. 

पूछताछ में पता चला कि ये गैंग लगभग 15 से 20 सालों से फ्लैटों और मकानों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते आ रहे हैं. इन पर लगभग 2 दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं और यह भी पता चला है कि चोरी किये गये जेवर को सिकंदराबाद में ज्वेलर कैलाश वर्मा के पास बेचता था. पुलिस आरोपी ज्वेलर की तलाश में जुटी है. आरोपी इमरान हाल ही में चोरी के मामले में तीन साल की सजा काटकर आया है. वह दोबारा चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था. 

चोरी की घटनाओं का खुलासा करने के लिए 350 सीसीटीवी कैमरे लगभग 150 संदिग्ध व्यक्तियों से पुलिस टीम द्वारा लगातार पूछताछ की गई. इसके बाद मुखबिरों और तकनीकी सर्विलांस की मदद से गिरफ्तारी की गई और घटनाओ का खुलासा किया.  

 

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