दिल्ली में लगभग ढाई महीने बाद आज धार्मिक स्थल खुल गए हैं. मंदिरों में रौनक हैं लेकिन भक्त सहमे हुए हैं, लेकिन अपने अराध्य के दर्शन को लेकर वे ललायित हैं. सरकार ने मंदिर-मस्जिद में प्रवेश को लेकर गाइडलाइन जारी किए है. इसे लेकर दिल्ली की मस्जिदों, मंदिरों में तैयारियां पूरी हो गई हैं.
सभी धार्मिक स्थलों पर सेनिटाइजेशन किया गया है, साथ ही भक्तों के लिए मंदिरों और मस्जिदों में निशान बनाए गए हैं, जिससे कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके और कोरोना के संक्रमण से भी बचा जा सके.
मंदिर में नहीं बजेगी घंटियां, प्रसाद वितरण भी नहीं
दिल्ली में कालकाजी मंदिर और झंडेवालान मंदिर भक्तों के आगमन लिए पूरी तरह तैयार है. लेकिन इस बार दर्शन पहले की तरह नहीं होंगे. दर्शन करते वक्त भक्तों को नियमों का पालन करना होगा. मंदिरों में लगी घंटियों को कपड़े से ढक दिया गया है. साथ ही मंदिरों में प्रसाद का वितरण भी नहीं होगा. जो भी भक्त दर्शन करने के लिए आएगा, उनको दूसरे भक्तों से दूरी बनानी होगी.
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कालकाजी मंदिर के पुजारी ने बताया, "हमें भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि सभी भक्तों को नियमों के अनुसार दर्शन हो सकें और संक्रमण से भी बचा जा सके. हम मंदिर में समय-समय पर सेनिटाइजेशन भी करना होगा."
दिल्ली की जामा मस्जिद में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर पूरी तैयारियां हो चुकी हैं. जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने कहा है कि, "हमें मस्जिदों में एहतियात बरतनी होगी, ताकि संक्रमण से बचें और आनेवाले नमाजियों को भी बचाएं.
नमाज पढ़ने के लिए घर से लेकर आएं चटाई
शाही इमाम ने लोगों से अपील की है कि मस्जिद में आने से पहले अपने घर से ही हाथ-मुंह धोकर आएं, मस्जिद की किसी भी चीज को न छुएं. नमाज पढ़ने के लिए अपने घर से चटाई भी साथ लेकर आएं. हमने छोटे बच्चों और 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गो को भी मस्जिद में आने से मना कर दिया है."
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मस्जिद में वुजू की सुविधा बंद
दिल्ली की चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद में भी सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करने के लिए जगह-जगह निशान बनाए गए हैं. जहां लोग नमाज पढ़ने से पहले वुजू करते हैं, उस जगह को बंद कर दिया गया है. मस्जिद में 50 फीसदी ही लोग नमाज पढ़ने आएंगे. नमाज पढ़ने के बाद कोई भी शख्स मस्जिद में नहीं रुकेगा और किसी से भी हाथ नहीं मिलाएगा.