देश में आज से अनलॉक वन के दूसरे फेज की शुरुआत हो गई है. इसी के साथ ही देश के बड़े हिस्से में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च खुलने जा रहे हैं. 24 मार्च को जब लॉकडाउन की शुरुआत हुई थी, तभी से ही देश में धार्मिक स्थल बंद थे. ऐसे में अब करीब दो महीने बाद जब धार्मिक स्थल खुले, तो सोमवार सुबह ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. दिल्ली से लेकर यूपी तक मंदिर, गुरुद्वारों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं.
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोमवार सुबह पूजा-अर्चना की. बता दें कि योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के मुख्य गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
Gorakhpur: Chief Minister Yogi Adityanath offers prayers at Gorakhnath Temple.
Government has allowed re-opening of places of worship from today. pic.twitter.com/tugUioZ59h
— ANI UP (@ANINewsUP) June 8, 2020
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
दिल्ली के मशहूर झंडेवालान मंदिर के गेट आज से श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं. सुबह होते ही यहां पर भक्तों का जमावड़ा लगा, इस दौरान सैनिटाइज़र, टेंपरेचर चेकिंग के बाद ही लोगों को धार्मिक स्थल में प्रवेश मिल रहा है.
Devotees offer prayers at Chamunda Temple in Sambhal as Government has allowed places of worship to reopen from today. pic.twitter.com/wSVnUfXGEw
— ANI UP (@ANINewsUP) June 8, 2020
दिल्ली के ही श्री बंगला साहिब गुरुद्वारा भी सोमवार से खुला और इस दौरान सुबह से ही यहां पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया. ऐसे ही उत्तर प्रदेश के संभल में चामुंडा मंदिर में सुबह-सुबह श्रद्धालु पहुंचे और भगवान के दर्शन किए. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइज़र जैसे नियमों का ध्यान रखा गया.
Delhi: People gather at Jhandewalan Temple to offer prayers; government has allowed reopening of religious places from today. pic.twitter.com/waSMg4XHme
— ANI (@ANI) June 8, 2020
धार्मिक स्थल में प्रवेश के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होगा...
• एक-दूसरे से 6 फीट की दूरी
• मास्क
• सैनिटाइज़र
• आरोग्य सेतु ऐप
• साबुन से हाथ धोने का इंतजाम
• जूते-चप्पल गाड़ी में ही उतारने होंगे.
• प्रार्थना/इबादत के लिए घर से चटाई लाएं.
• मूर्ति-किताब छूने पर मनाही, प्रसाद भी नहीं मिलेगा.
• भजन-कीर्तन का सामूहिक कार्यक्रम नहीं होगा.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें