कोरोना संकट के बीच प्रवासी मजूदरों से रेल किराये लिए जाने का मामला बढ़ता ही जा रहा है. इस मसले पर कांग्रेस लगातार बीजेपी को घेर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बाद अब प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा कि रेल मंत्री पीएम केअर्स फंड में 151 करोड़ रु दे सकते हैं तो फिर मजदूरों को आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते?
प्रियंका ने ट्वीट करके कहा कि मजदूर राष्ट्र निर्माता हैं. लेकिन आज वे दर दर ठोकर खा रहे हैं. यह पूरे देश के लिए आत्मपीड़ा का कारण है. इस कठिन वक्त में कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है कि वो घर लौटने वाले मजदूरों की रेल यात्रा का पूरा खर्च उठाएगी.
आगे उन्होंने कहा कि जब हम विदेश में फंसे भारतीयों को हवाई जहाज से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये खर्च कर सकते हैं, रेल मंत्री पीएम केअर्स फंड में 151 करोड़ रु दे सकते हैं तो फिर मजदूरों को आपदा की इस घड़ी में निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते?
मजदूर राष्ट्र निर्माता हैं। मगर आज वे दर दर ठोकर खा रहे हैं-यह पूरे देश के लिए आत्मपीड़ा का कारण है।
जब हम विदेश में फँसे भारतीयों को हवाई जहाज से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रु खर्च कर सकते हैं.. 1/2
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi)
बता दे कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने सोमवार को एक संदेश जारी किया था, जिसमें ऐलान किया गया था कि कांग्रेस की प्रदेश इकाइयां प्रवासी मजदूरों के टिकट का खर्च उठाएगी.
हाल ही में प्रियंका ने कहा था कि जनता त्राहिमाम कर रही है. राशन, पानी, नकदी की किल्लत है और सरकारी महकमा सबसे 100-100 रुपये पीएम केअर्स के लिए वसूल रहा है. ऐसे में हर नजरिए से उचित रहेगा कि पीएम केअर्स का सरकारी ऑडिट भी हो?
उन्होंने कहा कि देश से भाग चुके बैंक चोरों के 68,000 करोड़ माफ हुए, उसका हिसाब होना चाहिए. संकट के समय जनता के सामने पारदर्शिता महत्वपूर्ण है. इसमें जनता और सरकार की भलाई है.