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Swiggy Hike Platform Fee: आप भी मंगाते हैं ऑनलाइन खाना? Swiggy ने झटके में बढ़ा दी ये फीस, लाखों की कमाई

Swiggy Hikes Platform Fee: ऑनलाइन फूड डिलीवरी अब फिर से महंगी होने लगी है. जोमैटो के बाद स्विगी ने भी बड़ा फैसला लेते हुए अपनी प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा करके ग्राहकों को झटका दिया है.

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स्विगी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर दिया ग्राहकों को झटका. (Photo: Reuters)
स्विगी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर दिया ग्राहकों को झटका. (Photo: Reuters)

मिडिल ईस्ट युद्ध (Middle East War) के बीच जहां तेल-गैस की किल्लत है, तो तमाम खाने पीने की चीजों की कीमतों में तगड़ा इजाफा देखने को मिला है. अब ऑनलाइन खाना मंगाने वालों को भी तगड़ा झटका लगा है. दरअसल, ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी ने भी अपनी फ्लेटफॉर्म फीस में तगड़ा इजाफा (Swiggy Platform Fee Hike) कर दिया है, जिससे खाने के ऑर्डर महंगे हो गए हैं. स्विगी की फ्लेटफॉर्म फीस अब 17.58 रुपये कर दी गई है.  

Swiggy ने 17% बढ़ा दी फीस
ऑनलाइन फूड ऑर्डर बिल एक बार फिर बढ़ने लगे हैं. बीते दिनों Zomato ने अपने यहां प्लेटफॉर्म चार्ज में इजाफा किया था, तो इसके कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अब Swiggy ने भी प्लेटफॉर्म फीस में तगड़ी बढ़ोतरी कर दी है. इसका मतलब है कि अब ग्राहकों को हर बार ऑनलाइन फूड ऑर्डर करते समय ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी. 

Swiggy ने अपना प्लेटफॉर्म चार्ज बढ़ाकर जीएसटी समेत 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया है, जो अब तक 14.99 रुपये प्रति ऑर्डर था. यानी फूड डिलीवरी कंपनी ने इसमें करीब 17% की बढ़ोतरी की है. कंपनी की ओर से स्विगी यूजर्स को जानकारी शेयर की गई है कि बदले हुए चार्ज से प्लेटफॉर्म को संचालित रखने में मदद मिलेगी. ऐप पर भी यह संदेश अब चेकआउट के दौरान दिखाई भी दे रहा है. 

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Zomato पर इतना चार्ज 
स्विगी ने ये कदम जोमैटो द्वारा अपने प्लेटफॉर्म चार्ज में बढ़ोतरी किए जाने के कुछ दिनों उठाया है. बता दें कि कंपनी ने प्रति ऑर्डर शुल्क में 2.40 रुपये का इजाफा किया था और अब इस प्लेटफॉर्म पर GST के बिना शुल्क पहले के 12.50 रुपये से बढ़कर 14.90 रुपये हो गया. वहीं अगर टैक्स को मिलाकर देखें, तो Swiggy-Zomato दोनों अब लगभग समान फीस वसूल कर रहे हैं. 

इन ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्मों द्वारा दिए गए इस झटके से ग्राहकों पर सीधा असर होगा और हर ऑर्डर पर उनका बिल बढ़ेगा. हालांकि, यह बढ़ोतरी मामूली जरूर लग सकती है, लेकिन बार-बार ऑर्डर करने से मंथली खर्च बड़ा हो सकता है. ये चार्ज भले ही फूड बिल का छोटा सा हिस्सा होता है, लेकिन रेग्युलर फूड ऑर्डर करने वालों पर इसका बड़ा असर पड़ने वाला है. 

आखिर क्यों बढ़ाई गई फीस? 
कंपनियां अक्सर प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी को टेक्नोलॉजी कॉस्ट, ऐप मेंटिनेंस जैसे कारण बताकर उचित ठहराती हैं. इस समय इजाफे की बात करें, तो समय दिलचस्प है क्योंकि इस सेक्टर में कड़ा कॉम्पिटीशन देखने को मिल रहा है. राइड-हेलिंग स्टार्टअप रैपिडो (Rapido) जैसे प्लेटफॉर्म्स ने बेंगलुरु में अपनी सर्विस 'ओनली' (Ownly App) लॉन्च की है और ग्राहकों को कई ऑफर दे रही है. 

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