टीवीएस (TVS) समूह के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन के परिवार में संपत्ति के बंटवारे और उत्तराधिकार को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. परिवार की लड़ाई अब सार्वजनिक हो गई है. दरअसल, वेणु श्रीनिवासन और उनकी पत्नी मल्लिका श्रीनिवासन के बीच बच्चों सुदर्शन श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु के बीच परिवारिक बिजनेस के विभाजन को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है.
इस पारिवारिक कलह की मुख्य वजह यह तय करना है कि क्या अगली पीढ़ी को दिए गए व्यवसायों का प्रबंधन ही परिवार की कुल संपत्ति में उनके मालिकाना हक को तय करता है या नहीं.
फिलहाल बेटा सुदर्शन श्रीनिवासन TVS मोटर कंपनी और TVS होल्डिंग्स की कमान संभाल रहे हैं. जबकि बेटी लक्ष्मी वेणु सुंदरम क्लेटन (SCL) का प्रबंधन देख रही हैं, जो कि कंपोनेंट्स और डाई-कास्टिंग व्यवसाय से जुड़ी है.
लड़ाई की असली वजह
विवाद का एक बड़ा कारण दोनों कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में आया बड़ा अंतर है. TVS मोटर की मार्केट कैप बढ़कर लगभग ₹1.83 लाख करोड़ तक पहुंच गई है. जिसमें पिछले तीन वर्षों के दौरान लगभग चार गुना बढ़ोतरी हुई है. जबकि सुंदरम क्लेटन (SCL) की मार्केट कैप करीब 24,000 करोड़ रुपये ही है.
वेणु श्रीनिवासन और उनके बेटे सुदर्शन का रुख एक जैसा है, उनका तर्क है कि 21 मार्च 2024 को परिवार के चारों सदस्यों के बीच हस्ताक्षरित एमओयू (MoU) ने परिसंपत्तियों के औपचारिक विभाजन को तय कर दिया था. इसके तहत लक्ष्मी को SCL और सुदर्शन को TVS मोटर सौंपी गई थी. उनका कहना है कि यह व्यवस्था 2020 में TVS परिवार के चार अलग-अलग समूहों के बीच हुए पुनर्गठन और मूल्यांकन पर आधारित थी.
मल्लिका और लक्ष्मी का खेमा
मल्लिका श्रीनिवासन और उनकी बेटी लक्ष्मी वेणु इस दावे को खारिज करती हैं, उनके अनुसार मार्च 2024 का MoU केवल ब्रांड के उपयोग और नॉन-कंपीट शर्तों तक ही सीमित था, न कि संपत्ति के स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए. उनका मानना है कि केवल किसी कंपनी के प्रबंधन का जिम्मा संभालने से स्वामित्व नहीं मिल जाता और दोनों बच्चों का परिवार की संपत्ति पर समान अधिकार है.
इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह विवाद पिछले 18 महीनों से जारी है. इस दौरान परिवार के भीतर और बाहर कई मध्यस्थता प्रयास किए गए, लेकिन वे विफल रहे.
अप्रैल 2025 में, जब स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया गया कि सुदर्शन श्रीनिवासन TVS होल्डिंग्स (जो TVS मोटर में 50.26% हिस्सेदारी रखती है) में 'बेनिफिशियल ओनर' बन गए हैं, तो लक्ष्मी के पक्ष ने इस शेयर ट्रांसफर पर स्पष्टीकरण मांगा था. इसके अलावा सुंदरम क्लेटन में भी उस समय तनाव देखा गया जब वेणु श्रीनिवासन ने चेयरमैन का पदभार संभाला और शासन में बड़ी भूमिका ली, हालांकि लक्ष्मी व्यवसाय का संचालन देखती रहीं.
परिवार में सहमति न बन पाने के कारण अब यह मामला कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ता दिख रहा है. देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों में से एक TVS परिवार का यह उत्तराधिकार विवाद भारतीय कॉर्पोरेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है.