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सिर्फ 3 महीने में 10 टन सोने की खरीदारी, RBI ने बताया- क्या है प्लान!

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर के सभी सेंट्रल बैंकों ने 2022 में 1136 टन सोने की खरीदारी की है जो 1967 के बाद सबसे ज्यादा है. RBI ने जिस हिसाब से खरीदारी की रफ्तार बढ़ाई है, उसके बाद सोने का कुल भंडार 800 टन के करीब पहुंच गया है.

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भारत का स्वर्ण भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर
भारत का स्वर्ण भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर

भारत वैसे तो गोल्ड के दीवानों के देश के तौर पर दुनियाभर में मशहूर है. अब गोल्ड ज्वैलरी के साथ साथ अब निवेश के लिए भी सोने के प्रति भारतीयों का लगाव बढ़ने लगा है. यहां तक की निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड के अलावा डिजिटल गोल्ड में भी भारतीय पैसा लगा रहे हैं. लेकिन गोल्ड खरीदने की ये चाहत अकेले भारत के नागरिकों तक सीमित नहीं रह गई है. देश का सेंट्रल बैंक यानी रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया दुनिया के 5 सबसे बड़े गोल्ड खरीदारों में शुमार हो गया है. RBI ने ये खरीदारी जनवरी-मार्च तिमाही में की है. इन 3 महीनों में RBI ने करीब 10 टन गोल्ड खरीदा है. इसकी वजह है कि सेंट्रल बैंक्स ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अपने भंडारों का डायवर्सिफिकेशन शुरू कर दिया है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक दुनियाभर के सभी सेंट्रल बैंकों ने 2022 में 1136 टन सोने की खरीदारी की है जो 1967 के बाद सबसे ज्यादा है.   

बढ़ गया RBI का गोल्ड रिज़र्व

गोल्ड खरीदारी की RBI ने जिस हिसाब से रफ्तार बढ़ाई है उसके बाद इसका कुल भंडार 800 टन के करीब पहुंच गया है जो कि एक नया रिकॉर्ड है. इसके पहले अप्रैल-दिसंबर 2022 के बीच भी RBI ने 27 टन गोल्ड की खरीदारी की थी. लेकिन ये किस्सा केवल 2022-23 का नहीं है. इसके पहले भी करीब 5 साल से RBI अपने स्वर्ण भंडार में बढ़ोतरी करता जा रहा है. जिस तरह से वैश्विक आर्थिक हालात चल रहे हैं उसे देखते हुए माना जा रहा है कि गोल्ड की खरीदारी का ये चलन अभी आगे भी जारी रह सकता है. 

RBI के पास है वैश्विक गोल्ड रिज़र्व का 8%

दुनियाभर में गोल्ड रिजर्व का 8 फीसदी सोना RBI के पास है. इसकी वजह है कि कोरोना महामारी के बाद बढ़ी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के साथ ही महंगाई के असर से RBI ने गोल्ड खरीदारी की रफ्तार बढ़ाई है. मार्च 2020 से लेकर मार्च 2023 यानी 3 साल में RBI ने 137.19 टन सोने की खरीदारी की है. केवल तीन साल में ही RBI के स्वर्ण भंडार में 79 फीसदी की बंपर बढ़ोतरी हुई है. 

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दुनिया के सेंट्रल बैंकों में 8वें नंबर पर पहुंचा RBI 

मार्च 2020 से लेकर मार्च 2023 के दौरान RBI समेत दुनिया के ज्यादातर सेंट्रल बैंकों ने गोल्ड की जमकर खरीदारी की है. इन 3 साल में RBI ने 137 टन से ज्यादा सोना खरीदा है. इस खरीदारी की बदौलत RBI गोल्ड रिजर्व के मामले में दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों में आठवें नंबर पर जा पहुंचा है. मार्च 2020 में RBI के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड रिजर्व की हिस्सेदारी 6 फीसदी थी जो अब बढ़कर 7.85 फीसदी के करीब जा पहुंची है. यही वजह है कि RBI का स्वर्ण भंडार बढ़कर 800 टन के नजदीक पहुंच चुका है. 

कैसे कैसे बढ़ा RBI का गोल्ड रिज़र्व?

मार्च 2019 तक RBI के पास कुल 612.56 टन गोल्ड रिज़र्व था जो मार्च 2020 में बढ़कर 653 टन पर पहुंच गया था. मार्च 2021 में RBI का कुल स्वर्ण भंडार 695.31 टन था. वहीं मार्च 2022 में RBI के पास कुल 760.42 टन सोने का रिजर्व था जो मार्च 2023 में बढ़कर 790 टन के पार निकल गया है. इस तरह RBI ने अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक 1 साल में करीब 37 टन सोने की खरीदारी की है. बीते 4 साल में RBI ने 178 टन गोल्ड खरीदा है.  

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क्यों बढ़ी सोने की खरीदारी?

मंदी जैसे हालात में अक्सर हेजिंग के लिए गोल्ड इंवेस्टमेंट में इजाफा होता है. इसकी वजह है कि गोल्ड एक करेंसी के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. खासकर अगर सेंट्रल बैंक ज्यादा करेंसी छापेंगे तो उन्हें गोल्ड रिजर्व भी बढ़ाना होगा. वैसे भी विदेशी करेंसी के मुकाबले गोल्ड ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है जिससे सेंट्रल बैंक गोल्ड की खरीदारी को बढ़ा देते हैं.

 

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