प्रधानमंत्री सूर्य घर फ्री बिजली योजना के तहत एक बड़ा अपडेट जारी किया गया है, जिसके तहत अभी तक 40 लाख परिवारों से ज्यादा ने फ्री बिजली योजना के तहत रिजस्ट्रेशन कराया है. हर एक लाख लोग अब 8 दिन में सोलर ऊर्जा अपना रहे हैं.
पहले यही समय 47 दिन लगता था. इसका मतलब है कि देश में हर दिन 12 हजार लोग फ्री बिजली योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं. फरवरी 2024 में शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, केंद्र सरकार की प्रमुख रूफटॉप सोलर योजना है जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए घरों के बिजली बिलों को कम करने में मदद करना है.
इस योजना का टारगेट वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है और इसमें सब्सिडी, कम ब्याज वाले लोन और घरों को अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय कमाने का मौका देना है. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के अनुसार, 19 मार्च, 2026 तक इस योजना के तहत 26.19 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके थे.
मुफ्त बिजली योजना क्या है?
इस योजना का उद्देश्य ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर पैनल से पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना है. यह योजना सक्रिय बिजली कनेक्शन वाले आवासीय उपभोक्ताओं के लिए खुली है और इसे पूरी तरह से डिजिटल नेशनल पोर्टल के माध्यम से जारी किया जाएगा.
सरकार सौर पैनल लगाने की शुरुआती लागत को कम करने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) पेश करती है. योजना शुरू होने के बाद से लाभार्थियों को सब्सिडी सहायता के तौर पर ₹17,967 करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है.
क्या-क्या मिलते हैं लाभ?
बिजली के बिल कम: घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा करने से उनके मासिक बिजली बिल में काफी कमी आ सकती है या वे इसे पूरी तरह खत्म भी कर सकते हैं.
300 यूनिट तक मुफ्त बिजली: पात्र लाभार्थी सोलर एनर्जी उत्पादन से अपनी बिजली की खपत की भरपाई कर सकते हैं, जिससे बिजली के खर्च में बचत होगी.
सरकारी सब्सिडी: 2 किलोवाट तक सिस्टम लागत का 60%, 2-3 किलोवाट की अतिरिक्त क्षमता पर अतिरिक्त लागत का 40%, 3 किलोवाट सिस्टम के लिए अधिकतम सब्सिडी ₹78,000 और 3 किलोवाट का सिस्टम लगवाने वाले परिवार को ₹78,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है.
अतिरिक्त ऊर्जा से कमाई: अगर कोई परिवार अपनी खपत से अधिक बिजली पैदा करता है, तो नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में निर्यात किया जा सकता है, जिससे अतिरिक्त आय होती है.
कौन ले सकता है लाभ?
कैसे कर सकते हैं अप्लाई
सरकार का कहना है कि सब्सिडी ट्रांसफर आमतौर पर वैध अप्रूवल मिलने के 15 दिनों के भीतर जारी की जाती है, जिससे यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सबसे तेज डिजिटल सब्सिडी में से एक हो चुका है.