धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन में सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है. सोने और चंदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है. घरेलू बाजार में 23 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव नीचे आ गए. 24 कैरेट सोना 0.61% गिरकर 1,42,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी की कीमत 1.93% टूटकर 1,96,510 रुपये प्रति किलो पर आ गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना हुआ है. ऐसे में नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले फैसले पर है, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ सकता है.
सोना-चांदी क्यों गिर रहे हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार देर रात सोना दो सप्ताह से ज्यादा के निचले स्तर पर पहुंच गया. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है. इससे निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी अगली घोषणा पर टिक गई है. स्पॉट गोल्ड 2.2% गिरकर 4,051.55 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 2% की गिरावट दर्ज की गई और यह 4,066.20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा.
दरअसल, सोना नियमित ब्याज नहीं देता. ऐसे में जब ब्याज दरें और बॉन्ड यील्ड बढ़ती हैं, तो निवेशकों के लिए सोने के बजाय ब्याज देने वाले विकल्प ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली बैठक से ब्याज दरों की आगे की दिशा के संकेत मिल सकते हैं. इसका असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने की कीमतों पर पड़ सकता है.
23 अक्टूबर को प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतें इस प्रकार रहीं:
वायदा बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर
घरेलू वायदा बाजार में भी शुक्रवार सुबह दोनों कीमती धातुओं में गिरावट देखने को मिली. सुबह करीब 9:13 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव 0.66% गिरकर 1,42,680 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं, चांदी का वायदा भाव करीब 1.99% टूटकर 1,96,390 रुपये प्रति किलो पर आ गया. ध्यान रहे कि वायदा बाजार, घरेलू खुदरा दरों और अलग-अलग शहरों में मिलने वाले भाव में अंतर हो सकता है. ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य लागू शुल्क के कारण अंतिम कीमत भी बदल सकती है.
22 और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल आमतौर पर गहने बनाने में किया जाता है. इसमें दूसरे धातु मिलाए जाते हैं, जिससे गहने ज्यादा टिकाऊ बनते हैं. वहीं, 999 शुद्धता वाली चांदी में 99.9% चांदी होती है और इसका इस्तेमाल सिक्कों, बार और निवेश के दूसरे रूपों में किया जाता है.
सोने और चांदी की चाल आगे कैसे रहेगी
आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, कच्चे तेल की कीमतें, महंगाई की आशंकाएं और डॉलर की चाल कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. अगर ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख के संकेत मिलते हैं, तो सोने पर दबाव बना रह सकता है. इसके उलट, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होने पर सोने को सहारा मिल सकता है.
यह सोने-चांदी में निवेश का सही समय?
सोने की कीमतों में आज आई गिरावट से यह धातु कुछ सस्ती जरूर लग सकती है, लेकिन इससे यह तय नहीं होता कि आने वाले दिनों में भाव फिर बढ़ेंगे. इसलिए खरीदारी से पहले यह समझना जरूरी है कि आप निजी इस्तेमाल के लिए गहने खरीद रहे हैं या लंबे समय के निवेश के तौर पर सोना ले रहे हैं. अगर आप गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 24 कैरेट के बजाय 22 कैरेट सोने का भाव ज्यादा काम का होगा, क्योंकि आमतौर पर इसी शुद्धता के सोने से गहने बनाए जाते हैं. इसके अलावा, अंतिम बिल में मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी जुड़ेंगे.
निवेशकों को केवल एक दिन की गिरावट देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. निवेश की अवधि, अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी और कीमतों में आगे होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है. सिर्फ भाव गिरने से यह साबित नहीं होता कि सोना सस्ता हो गया है या खरीदारी का सही मौका आ गया है. आगे सोने की चाल समझने के लिए मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर नजर रखें.