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जानिये क्यों आ रही भारतीय शेयर बाजार में तेजी, क्या हो निवेशकों की रणनीति?

शेयर बाजार में शुक्रवार को एक नया इतिहास रचा गया, एशिया का सबसे पुराना शेयर इंडेक्स सेंसक्स (Sensex) 60,000 अंक को पार कर गया. आखिर क्या वजह है शेयर बाजारों में पिछले डेढ़ साल से आ रही इस तेजी की और निवेशक इसे लेकर क्या रणनीति बनाएं. जानिए हमारी दिए गए इस खास रिपोर्ट में...

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जानें क्यों आ रही भारतीय शेयर बाजार में तेजी (File Photo) जानें क्यों आ रही भारतीय शेयर बाजार में तेजी (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ‘चीन से आई अच्छी खबर से उत्साहित शेयर बाजार’
  • ‘कोरोना महामारी के असर से उबर रही अर्थव्यवस्था’
  • ‘बीते दो साल में IPO बाजार को लगे चार चांद’

पिछले डेढ़ साल से भारतीय शेयर बाजार में हर दिन नई तेजी देखने को मिल रही है. इस तेजी ने शुक्रवार को एक नया इतिहास रच दिया जब सेंसेक्स (Sensex) 60,000 अंक को पार कर गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 18,000 अंक के आस-पास पहुंच गया है. आखिर क्या वजह है शेयर बाजारों में आ रही इस तेजी की और निवेशक इसे लेकर क्या रणनीति बनाएं. जानिए हमारी दिए गए इस खास रिपोर्ट में...

शेयर बाजार में आई तेजी की अहम वजह

अमेरिका के सेंट्रल बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ के फैसले का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ता है. फेडरल बैंक ने अपनी नीतिगत ब्याज दरों में हालिया तौर पर कोई बदलाव नहीं किया है जिससे भारत समेत दुनिया के अन्य शेयर बाजारों में अच्छा माहौल है. वहीं उसने आने वाले समय में दरें बढ़ाने के संकेत भी नहीं दिए हैं, इससे भी निवेशकों का कॉन्फिडेंस मजबूत बना हुआ है. फेडरल बैंक के नीतिगत ब्याज दरें तय करने का कोई तय रोडमैप नहीं है, इस वजह से बाजार में पर्याप्त कैश फ्लो बना हुआ है. गौर किया जाए तो जनवरी 2021 से अब तक डाउ जोंस में 9.89 फीसदी और नैस्डैक में 10.09 फीसदी की तेजी देखने को मिली है. जबकि भारतीय बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी में जनवरी 2021 से अब तक 22.16 फीसदी और सेंसेक्स में 20.68 फीसदी की तेजी आई है.

कोरोना महामारी से उबर रहा देश

साल 2020 के बाद से अब तक देश ने कोरोना महामारी की दो लहरें देखी हैं, और अब भारत इससे उबर चुका है. भारतीय अर्थव्यवस्था में दोबारा से मजबूती के संकेत मिल रहे हैं. वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 20.1 फीसदी दर्ज की गई. इससे बाजार को एक पॉजिटिव ट्रेंड मिला. वहीं, चीन में आए एवरग्रैंड संकट से जुड़ी सकारात्मक खबर से भी भारतीय बाजार उत्साहित है. चीन की रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रैंड डेवलपर ने ये ऐलान किया कि वो समय पर ब्याज का भुगतान करेगा. वहीं अर्थव्यवस्था में नकदी यानी लिक्विडिटी की कमी को दूर करने के लिए चीन का पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना चीनी बैंकिंग प्रणाली में 18.8 अरब डॉलर यानी की 1.41 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा. 

वहीं भारत सरकार भी अर्थव्यवस्था के कई सेक्टर की मदद कर रही है. सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर में कई बड़े सुधारों का ऐलान किया है. ये ढांचागत सुधार हैं. इससे निवेशकों के बीच एक उम्मीद भी वापस लौटकर आती दिख रही है.

IPO बाजार को लग रहे चार चांद

पिछले दो साल से IPO बाजार में भी काफी रौनक बनी हुई है. काफी कंपनियां बाजार में अपना IPO ला रही है, विशेषकर हाल में कई स्टार्टअप कंपनियों ने अपना IPO लाया है. इससे निवेशकों खासकर नए निवेशकों में काफी उत्साह हैं और वो निवेश करके पैसे कमा रहे हैं. 

वहीं दूसरी तरफ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में भी तेजी देखने को मिल रही है. अप्रैल से जुलाई के बीच विदेशी निवेश में 27.7 अरब डॉलर की बढ़त हुई है. इससे बाजार और अर्थव्यवस्था को लेकर निवेशकों में सकारात्मक रुझान है. साथ ही जुलाई-सितंबर तिमाही में भी भारतीय कंपनियों के नतीजे अच्छे आने की उम्मीद है.

तेजी के बीच ये हो निवेशकों की रणनीति

बाजार में आ रही लगातार तेजी को देखते हुए हमने अपने सहयोगी चैनल बिजनेस टुडे टीवी में निवेशकों के शेयर बाजार से जुड़े सवालों को लेना शुरू किया. उन्हें ऐसे माहौल में सही रणनीति तय करने में मदद की शुरूआत की. इसके जरिए हमने ये देखा कि ज्यादातर सवाल तेजी भरे बाजार में मुनाफा कमाने से जुड़े आ रहे हैं. इसके साथ ही कुछ सवाल हमें मिले कि- पर्याप्त कैश मौजूद है पर ये नहीं पता की बाजार में किन शेयरों में या सेक्टर में पैसा निवेश करना चाहिए.

वहीं लंबे समय के लिए निवेश करने वाले निवेशक इस बात से डर रहे हैं कि उन्हें अब बाजार से मुनाफावसूली करके निकल जाना चाहिए या कुछ समय और मौजूद रहना चाहिए? इससे ये अनुमान लगाया जा सकता है कि लोगों में वापस से एक उत्साह लौटकर आया है और शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक रुझान है.

ये राय है एक्सपर्ट्स की

हमने इस बारे में कुछ बाजार विशेषज्ञों से बात की और पता किया कि आखिर ऐसे माहौल में मौजूदा निवेशक क्या करें और नए निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए-

एस्कॉर्ट्स सिक्योरिटी के हेड ऑफ रिचर्स –आसिफ इकबाल का कहना है कि- ‘निवेशकों को अभी सावधान रहना चाहिए. किसी भी निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स को ध्यान से देखना चाहिए, उसके बाद निवेश करना चाहिए. वह अफवाह से जुड़ी खबरों के बेसिस पर किसी भी शेयर में पैसा न लगाएं. साथ ही, उन कंपनियों पर निवेश करें जिसके ऊपर कर्ज ना के बराबर हो या कर्ज नहीं हो. सबसे अहम बात है कि निवेशकों को किसी भी शेयर में निवेश से पहले उसके कॉरपोरेट गवर्नेंस यानी की प्रमोटर्स कितने बेहतर हैं ये देखना चाहिए.’

हमारे पास कई सवाल ऐसे आए जिनमें निवेशकों ने ये पूछा है कि- उनके पास 5 से 25 लाख रुपये हैं. ऐसे में कौन से शेयर या सेक्टर हैं जिनमें निवेश करना चाहिए?

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के डायरेक्टर रिसर्च-संजीव भसीन मानते हैं कि-‘बाजार में फिलहाल इक्विटी रिकॉर्ड तेजी पर है. इक्विटी एसेट क्लास में तेजी का ये माहौल अगले 3-4 साल तक और देखने को मिल सकता है. ऐसे में जो लंबी अवधि के निवेशक हैं उन्हें अच्छी तरह से पोर्टफोलियो ऐलोकेशन करने की जरूरत है. उन्हें एक साथ बाजार में पैसा न लगाकर अभी SIP की तरह इंफ्रा, रियल एस्टेट, बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टर में निवेश कर होल्ड करना चाहिए. ट्रेडर्स को बाजार में अच्छा रिटर्न मिल रहा है. इसलिए उन्हें या तो हेज करके चलना चाहिए या फिर ऑप्शन्स को ध्यान में रखना चाहिए.’

वहीं,आसिफ कहते हैं कि- ‘निवेशक पहले अपने निवेश के विजन को क्लियर करें और उसके बाद ही निवेश करें. बाजार में फिलहाल तेजी है और ऐसे में गिरावट का इंतजार करना कोई समझदारी नहीं. निवेशकों को सलाह है कि- SIP की तरह थोड़े-थोड़े रकम को अच्छी ब्लू चिप कंपनियों या फिर फंडामेंटल में मजबूत कंपनियों में निवेश करना शुरू करें. अगर गिरावट आए भी तो निवेशकों को हर गिरावट का फायदा लेकर अच्छी कंपनियों में निवेश कर गिरावट का फायदा उठाना चाहिए. वहीं अगर ट्रेडिंग करना है तो मोमेंटम पर ध्यान देते हुए हमेशा स्टॉपलॉस तय करके अच्छी कंपनियों में ही निवेश करना चाहिए.’

बाजार में तेजी का रुझान कायम रहने की उम्मीद जताई जा रही है. ऐसे में निवेशकों को अपने निवेश सलाहकार से सलाह लेकर ही निवेश करना चाहिए. साथ ही, एक साथ पूरा पैसा बाजार में नहीं लगाना चाहिए. बाकी एसेट क्लास की बात करें तो अभी इक्विटी में निवेश से ही लोगों को मुनाफा मिल रहा है. ऐसे में सही फंडामेंटल्स वाले शेयरों में ही पैसा लगाना चाहिए.

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