अमेरिका के साथ भारत के अच्छे रिश्ते हैं, खासतौर पर व्यापारिक मामले में. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश और अमेरिका के बीच तेजी से द्विपक्षीय व्यापार बढ़ा है. खासकर टेक्सटाइल को लेकर बांग्लादेश को अमेरिका का बड़ा बाजार हाथ लग गया है, और अमेरिका भी खुलकर मदद कर रहा है.
दरअसल, टैरिफ टेंशन के बीच इसी महीने अमेरिका ने पहले भारत पर टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया. उसके बाद बांग्लादेश के साथ ट्रेड डील (Trade Deal) करते हुए अमेरिका ने प्रस्तावित टैरिफ को 20 फीसदी से घटाकर 19 फीसदी कर दिया. लेकिन कहा जा रहा है कि बांग्लादेश के गारमेंट्स के कुछ सेगमेंट में अमेरिका ने टैरिफ घटाकर जीरो कर दिया है. जिससे बांग्लादेश की इंडस्ट्रीज को भारत के मुकाबले ज्यादा लाभ मिल सकता है. इसी कड़ी में आज हम जानने की कोशिश करेंगे, कि आखिरी बांग्लादेश में कितना बड़ा टेक्सटाइल कारोबार है, और भारत के मुकाबले में कहां हैं? इसके अलावा किस देश का अमेरिका को ज्यादा एक्सपोर्ट है?
टेक्सटाइल इंडस्ट्री की तुलना
वैसे तो भारत और बांग्लादेश दोनों ही वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में बड़े खिलाड़ी हैं, लेकिन दोनों की ताकत अलग-अलग है. बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेडीमेड गारमेंट (RMG) निर्यातक है, तीसरे नंबर पर वियतनाम और पहले पायदान पर चीन है. बांग्लादेश सालाना 40 से 45 अरब डॉलर का रेडीमेड गारमेंट एक्सपोर्ट करता है, जबकि भारत टॉप-5 निर्यातकों में शामिल है. गारमेंट्स निर्यात में भारत और बांग्लादेश चीन से पीछे है. टेक्सटाइल और अपैरल मिलाकर को भारत सालाना करीब 40 से 50 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट करता है. लेकिन इसमें यार्न, फैब्रिक, होम टेक्सटाइल और टेक्निकल टेक्सटाइल भी शामिल हैं.
बांग्लादेश को तरजीह के पीछे अमेरिका का ये खेल
अब बात कपास की करते हैं, यहां बांग्लादेश पर भारत भारी पड़ जाता है. बांग्लादेश अपनी जरूरत का 90% से अधिक कच्चा कपास आयात करता है. बांग्लादेश मुख्य तौर पर भारत, अमेरिका, ब्राजील और अफ्रीकी देश से आयात करता है. हालांकि बांग्लादेश में कपास की खेती मुख्य रूप से राजशाही, रंगपुर, खुलना और चिटगांव इलाके में की जाती है. इस कड़ी में अमेरिका ने अपना कपास बांग्लादेश को बेचने के लिए कुछ विशेष गारमेंट्स पर टैरिफ जीरो का प्रस्ताव रखा है, खासकर जो अमेरिका से आए कच्चे माल से बनाए जाएंगे. यानी टैरिफ की आड़ में अमेरिका बांग्लादेश को अपना कपास बेचने की रणनीति पर भी काम कर रहा है. बाकी टेक्सटाइल पर अमेरिका 19% तक टैरिफ लगा रहा है.
वहीं कपास उत्पादन में भारत दुनिया में टॉप पर काबिज है. कपास उत्पादन में गुजरात देश में पहले स्थान पर है. यहां के सौराष्ट्र, राजकोट और कच्छ में सबसे ज्यादा कपास का उत्पादन होता है. इसके बाद महाराष्ट्र का स्थान आता है, जहां विदर्भ और मराठवाड़ा इलाके में बड़े पैमाने पर खेती होती है. इसके अलावा तेलंगाना और मध्य प्रदेश भी प्रमुख उत्पादक राज्यों में शामिल हैं. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान भी कपास की खेती के लिए जाने जाते हैं.
भारत किन-किन देशों को करता है एक्सपोर्ट
बता दें, भारत बीटी कपास (Bt Cotton) पैदा करने वाले देशों में शामिल है. भारत कपास का एक्सपोर्ट भी करता है. हालांकि टेक्सटाइल उद्योग को कभी-कभी लंबे रेशे (Long Staple Cotton) या हाई क्वालिटी की कपास चाहिए होती है, जो आयात भी करना पड़ता है. भारत मुख्य रूप से अमेरिका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, मिस्र और अफ्रीकी देशों से हाई क्वालिटी के कपास आयात करता है. अगर निर्यात की बात करें तो भारत बांग्लादेश, चीन, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों में कपास भेजता है.
हालांकि रेडीमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश में बड़ा उद्योग है. गारमेंट्स एक्सपोर्ट में बांग्लादेश चीन के बाद दुनिया में दूसरा स्थान रखता है. टेक्सटाइल और गारमेंट्स करीब 80% से अधिक देश के कुल निर्यात का हिस्सा है. टेक्सटाइल सेक्टर बांग्लादेश की GDP में करीब 11 से 13% का योगदान देता है. इस इंडस्ट्री से करीब 50 लाख लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं. टेक्सटाइल इंडस्ट्री कुल औद्योगिक GDP का करीब 40% हिस्सा बनाती है.
अगर भारत की बात करें तो टेक्सटाइल का GDP में योगदान महज 2 से 3% तक सीमित है. भारत में टेक्सटाइल सेक्टर करीब 4 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देता है.
किससे ज्यादा कपड़े खरीदता है अमेरिका?
अगर अमेरिका से टेक्सटाइल सेगमेंट भारत और बांग्लादेश के कारोबार को देखें तो रेडीमेड गारमेंट (कपड़े) अमेरिका भारत की तुलना में बांग्लादेश से ज्यादा आयात करता है. आंकड़े बताते हैं कि बांग्लादेश अमेरिका के लिए टॉप गारमेंट सप्लायर्स में शामिल है, बांग्लादेश केवल अमेरिका को सालाना करीब 8 से 10 अरब डॉलर के आसपास गारमेंट निर्यात करता है. जिसमें मुख्यतौर पर टी-शर्ट, जींस और बेसिक अपैरल हैं.
जबकि भारत टेक्सटाइल और अपैरल मिलाकर अमेरिका को करीब 9 से 11 अरब डॉलर का सालाना निर्यात करता है. भारत रेडीमेड के अलावा होम टेक्सटाइल (बेडशीट, तौलिया), यार्न और फैब्रिक भी निर्यात करता है. अगर सवाल सिर्फ कपड़ों का है, तो अमेरिका ज्यादा खरीद बांग्लादेश से करता है.