फाइनेंस मिनिस्ट्री छोटी बचत योजनाओं (Small Saving Schemes) को लेकर 30 सितंबर को बड़ा फैसला ले सकती है. यह फैसला स्माल सेविंग स्कीम्स यानी PPF, सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट और पोस्ट ऑफिस आरडी योजना में मिलने वाले ब्याज को लेकर है.
दरअसल, हर तीन महीने के दौरान वित्त मंत्रालय इन छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दर का रिव्यू करता है और अगर उसे लगता है कि इन योजनाओं के तहत ब्याज दर में संशोधन करने की आवश्यकता है तो वह इन योजनाओं के ब्याज दर में बदलाव करता है. इस बार अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए ब्याज दर को लेकर फैसला होने वाला है.
इस तिमाही के दौरान महंगाई में इजाफा और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने ब्याज दरों में इजाफे का संकेत दिया है, लेकिन मजबूत सिनारियो ये है कि सरकार ब्याज दर को अनचेंज रख सकती है. अगर दरों में वृद्धि की जाती है, तो यह दिसंबर 2024 के बाद पहला बदलाव होगा, जब सरकार ने सुकन्या समृद्धि खाते और तीन साल की डाकघर सावधि जमा की दरों में वृद्धि की थी.
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स महंगाई अप्रैल 2026 में 3.48 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 4.82 फीसदी हो गई है. हालांकि महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक की 6 फीसदी ऊपरी लिमिट से नीचे बनी हुई है, लेकिन यह बढ़ोतरी कुछ नए प्राइस दबाव का संकेत देती है.
सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाली ब्याज दर में भी बढ़ोतरी हुई है. हाल के महीनों में 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड की ब्याज दर 7 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है. श्यामाला गोपीनाथ समिति ने सिफारिश की थी कि लघु बचत ब्याज दरों को संबंधित परिपक्वता अवधि के लिए औसत जी-सेक यील्ड से जोड़ा जाए, जिसमें योजना के आधार पर 25-100 बेसिस पॉइंट्स का अतिरिक्त स्प्रेड शामिल हो.
किस योजना में कितना ब्याज?
डाकघर बचत खाता 4.00%, 1- साल की एफडी 6.90%, 2 साल की एफडी 7 फीसदी, 3 साल की एफडी 7.10 प्रतिशत ब्याज, 5 साल की एफडी 7.50 फीसदी ब्याज, आरडी पर ब्याज 6.70 फीसदी, MIS पर ब्याज 6.70 फीसदी, एनएससी पर ब्याज 7.70 फीसदी, पीपीएफ पर ब्याज 7.10 फीसदी, SCSS पर ब्याज 8.20 फीसदी और सुकन्या समृद्धि योजना 8.20 फीसदी.