शेयर बाजार के साथ ही कीमती धातुओं का बाजार भी गिरावट में है. सोना और चांदी के दाम इन दिनों लगातार तेजी गिर रहे हैं. कीमती धातुओं में यह गिरावट ऐसे वक्त में आ रही है, जब करवाचौथ और धनतेरस जैसे त्योहार नजदीक हैं. ऐसे में सोना-चांदी खरीदारों के लिए यह अच्छा मौका माना जा रहा है.
खासकर चांदी में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है. कमोडिटी मार्केट में फ्यूचर चांदी अपने हाई से 2.25 लाख रुपये तक सस्ती हो चुकी है. इस साल जनवरी में चांदी की कीमत अपने रिकॉर्ड हाई 4.20 लाख रुपये प्रति किलो थी, लेकिन आज इसकी कीमत 1.95 लाख रुपये पर आ गई है.
एमसीएक्स पर कितनी सस्ती हुई चांदी?
शुक्रवार, शाम 4 बजे चांदी की कीमत 4279 रुपये या 2.14 फीसदी टूटकर 1,95,300 रुपये प्रति किलो पर आ चुकी है. वहीं गुरुवार को एमसीएक्स पर फ्यूचर चांदी की कीमतों में 8000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई थी.
क्यों चांदी की कीमतों में आ रही गिरावट?
चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट की वजह कच्चे तेल के दाम में तेजी मानी जा रही है. कच्चा तेल तेजी से बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिस कारण कीमती धातुओं में गिरावट आई है. वहीं ग्लोबल स्तर पर चांदी की मांग भी कम हो रही है. खासकर इंडस्ट्रियल डिमांड में गिरावट ने सिल्वर को तेजी से नीचे की ओर खींचा है.
फेडरल रिजर्व की ओर से भी रेट में बढोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है, जिस कारण महंगाई में बढ़ोतरी होने की आशंका पैदा हो गई है. ऐसे में चांदी का भाव नीचे आया है.
अभी क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप चांदी में निवेश के बारे में सोच रहे हैं तो आपको चांदी में और गिरावट का इंतजार करने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके जोड़ना चाहिए. इसमें निकट भविष्य में गिरावट की आशंका बन सकती है, लेकिन लॉन्गटर्म में इसमें तेजी आ सकती है.
दिल्ली में चांदी का रेट
वहीं त्योहारों पर चांदी के बर्तन या ज्वेलरी खरीदने का भी अच्छा मौका है, क्योंकि यह रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे आ चुकी है. IBJA पर चांदी का भाव 194415 रुपये प्रति किलो आ चुका है. जबकि दिल्ली में 1 किलो चांदी का भाव घटकर 2 लाख 20 हजार रुपये पर आ चुकी है.