भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी है. रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाया गया है और अब ये दर 5.50 फीसदी हो चुकी है. आरबीआई ने यह फैसला महंगाई को कंट्रोल करने और ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता को लेकर लिया है.
रेपो रेट बढ़ाने का मतलब है कि आपके होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन का ब्याज बढ़ सकता है और आपका लोन महंगा हो सकता है. रेपो रेट बढ़ने का असर सोने-चांदी के दाम पर भी देखने को मिला है. सोना ओर चांदी के दाम में गिरावट आई है.
कितना सस्ता हुआ सोना?
सोने की कीमत करीब 600 रुपये गिरकर 149350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई. वहीं चांदी की कीमत 1900 रुपये टूटकर 225236 रुपये प्रति किलो पर आ चुकी है.
इन वजहों से भी सोने-चांदी के भाव में गिरावट
सोने और चांदी के भाव में गिरावट की एक और वजह रही है- मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यीन्ड में बढ़ोतरी. इन दोनों में तेजी के कारण सोने और चांदी के दाम में गिरावट आई. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 4,169.51 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहे थे, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स लगभग 61.17 डॉलर प्रति औंस पर थे.
रेपो रेट का सोने-चांदी से कनेक्शन
सोना और चांदी नॉन-यील्डिंग एसेट्स हैं, जिसका मतलब है कि इसपर नियमित ब्याज नहीं मिलता है. रेपो रेट और सरकारी बॉन्ड यील्ड्स (जैसे 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड करीब 7.2% पहुंचना) बढ़ने से फिक्स्ड इनकम और डेट इंस्ट्रूमेंट्स ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं. इस कारण कीमती धातुओं और शेयर बाजार में गिरावट आती है.
क्या है सोने-चांदी को लेकर नजरिया?
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी एक्सपर्ट्स जतीन त्रिवेदी के अनुसार, सोने को 1.49 लाख रुपये के स्तर के आसपास सपोर्ट मिल रहा है. हालांकि, त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और डॉलर इंडेक्स में मजबूती सोने की कीमतों में और अधिक वृद्धि को सीमित कर सकती है.
त्रिवेदी का अनुमान है कि निकट भविष्य में बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी. उनके अनुमान के अनुसार, सोने की कीमत 1,48,000 रुपये से 1,51,000 रुपये के बीच रह सकती है. चांदी की कीमत भी इसी आधार पर प्रभावित हो सकते हैं.
(नोट- सोना या चांदी किसी भी तरह से निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)