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यूटिलिटी

'स्टाफ हूं...', तो क्या? रेलवे कर्मचारी भी नहीं कर सकता फ्री यात्रा, जानिए Railway Rules

रेलवे कर्मचारियों के लिए हर सफर फ्री नहीं
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भारतीय रेलवे (Indian Railway) में काम करने वाले कर्मचारी को क्या हमेशा ट्रेन में फ्री सफर की सुविधा मिलती है? क्या आप इस सवाल का जबाव जानते हैं? अगर नहीं, तो बता दें कि इंडियन रेलवे ने अपने कर्मचारी-अधिकारियों के ट्रैवल पास से जुड़े कई नियम तय किए हैं और इनके मुताबिक, वे हमेशा बिना पैसे के सफर करने के हकदार नहीं है. कुछ मामलों में उन्हें भी टिकट खरीदने की जरूरत पड़ती है. (Photo: AI Generated)

रेलवे पास की भी है लिमिट
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रेलवे पास की भी है लिमिट
अगर आपको लगता है कि हर रेलवे कर्मचारी Railway Pass दिखाकर किसी भी ट्रेन में मुफ्त में सफर कर सकता है, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. रेलवे के नियमों में पास की स्पष्ट सीमाएं हैं कि कर्मचारी कहां, कितनी बार और ट्रेन की किस श्रेणी में यात्रा कर सकते हैं, मतलब ये सिर्फ एक मिथक है कि उन्हें असीमित मुफ्त यात्राओं का लाभ मिलता है. (Photo: AI Generated)

ज्यादातर ट्रेनों में चलता है पास, लेकिन शर्तें भी
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ज्यादातर ट्रेनों में चलता है पास, लेकिन शर्तें भी
रेलवे द्वारा अपने कर्मचारियों को दिया जाने वाला पास सिर्फ साधारण ट्रेनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पात्र सेवारत और रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी इसका उपयोग राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत, दुरंतो, गतिमान और हमसफर जैसी प्रीमियम ट्रेन सेवाओं पर कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए कई जरूरी शर्तें भी लागू होती हैं. (Photo: AI Generated)

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अपनी मर्जी से नहीं चुन सकता बोगी
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अपनी मर्जी से नहीं चुन सकता बोगी
Indian Railway Rules  के मुताबिक, ऐसे रेलवे कर्मचारी, जिनके पास पास है, अपनी मर्जी से ट्रेन के सबसे आलीशान डिब्बे में बैठकर सफर नहीं कर सकते यानी वे अपनी मर्जी से बोगी नहीं चुन सकते हैं. वंदे भारत और गतिमान जैसी ट्रेनों में जिस श्रेणी में वे पास के तहत यात्रा करने के हकदार हैं, वह उनके पद और सैलरी स्ट्रक्टर से संबंधित होती है और उसी के मुताबिक, कर्मचारी या अधिकारी सफर पूरा कर सकते हैं. यानी स्पेशल पास भी भारतीय रेल नेटवर्क में असीमित और मनचाही फ्री यात्रा की गारंटी नहीं है. (Photo: ITG)

यहां देना होता है एक तिहाई किराया
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यहां देना होता है एक तिहाई किराया
रेलवे यात्रा के सभी लाभों का मतलब मुफ्त यात्रा नहीं होता है. रेलवे कर्मी को पीटीओ (Privilege Ticket Order) सुविधा के तहत लागू किराए का एक तिहाई हिस्सा खुद चुकाना पड़ता है. दरअसल, यह रेलवे कर्मियों को मिलने वाली यात्रा सुविधा है, जिसके जरिए पात्र रेलवे कर्मचारी/परिवार के सदस्य को टिकट में छूट मिलती है. हालांकि, उन्हें तय नियमों के अनुसार PTO जारी होता है और इसीके आधार पर टिकट बुक कराना होता है. ये रेलवे कर्मचारियों के Privilege Pass से अलग होती है. (Photo: File/ITG)

पर्यटक ट्रेनों में नहीं चलता है पास
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पर्यटक ट्रेनों में नहीं चलता है पास
रेलवे कर्मचारियों को जो पास मिलता है, उनमें कई तरह की रियायतें शामिल होती है, लेकिन कुछ ट्रेनों में उनका ये विशेषाधिकार पास किसी काम का नहीं होता है. आईआरसीटीसी (IRCTC) और राज्य पर्यटन निगमों द्वारा संचालित विशेष पर्यटक ट्रेनों (Special Tourist Trains) पर रेलवे पास मान्य नहीं होते हैं. मतलब अगर रेलेवे कर्मी या अधिकारी महाराजा एक्सप्रेस या पैलेस ऑन व्हील्स जैसी ट्रेनों में सफर का मजा लेना चाहता है, तो फिर उन्हें आम यात्रियों की तरह ही टिकट खरीदकर यात्रा करनी होगी. (Photo: File ITG)

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