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Gold Loan Demand: तिजोरी में रखा सोना निकलने लगा, 15 मिनट में अप्रूवल.... और हो गया खेल!

गोल्ड लोन में इजाफा
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सख्ती के बावजूद देश में गोल्ड लोन (Gold Loan) की मांग रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ रही है. NBFC कंपनियों का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो जून 2026 तक सालाना 69.3 फीसदी बढ़कर 3.41 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पूरे रिटेल क्रेडिट सेगमेंट की ग्रोथ से 3 गुना ज्यादा है. (Photo: AI)

लॉकर में रखा सोना हमेशा सबसे बड़ा सहारा
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लॉकर में रखा सोना हमेशा सबसे बड़ा सहारा

घरेलू इमरजेंसी हो या फिर बिजनेस बढ़ाने की जरूरत, भारतीय परिवारों के लिए लॉकर में रखा सोना हमेशा सबसे बड़ा सहारा बनता आया है. अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर बड़ी संख्या में लोग अपने गहनों के बदले लोन लेना ज्यादा आसान समझते हैं. यही वजह है कि देश में गोल्ड लोन की मांग रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ रही है. आरबीआई के ताजा आंकड़े भी इस बढ़ते भरोसे की तस्वीर दिखा रहे हैं. (Photo: Getty)

कितनी तेजी से बढ़ा गोल्ड लोन कारोबार?
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कितनी तेजी से बढ़ा गोल्ड लोन कारोबार?
NBFC कंपनियों का आउटस्टैंडिंग गोल्ड लोन पोर्टफोलियो जून 2026 तक सालाना 69.3 फीसदी बढ़कर 3.41 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. जबकि पूरे रिटेल क्रेडिट पोर्टफोलियो की ग्रोथ सिर्फ 20.3 फीसदी रही है. यानी रिटेल लोन सेगमेंट में गोल्ड लोन की ग्रोथ बाकी कर्जों के मुकाबले में 3 गुना से ज्यादा रही. (Photo: Getty)

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RBI की सख्ती भी नहीं रोक पाई रफ्तार
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RBI की सख्ती भी नहीं रोक पाई रफ्तार
गोल्ड लोन की इस तेजी पर आरबीआई की सख्ती भी ब्रेक नहीं लगा सकी. केंद्रीय बैंक ने पिछले साल इस सेक्टर में कई खामियां पकड़ने के बाद नियम कड़े किए थे. इन नियमों का फोकस वैल्यूएशन, LTV निगरानी और नीलामी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना था. लेकिन कड़े नियमों के बावजूद गोल्ड लोन की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. (Photo: PTI)
 

बैंक भी मैदान में उतरे, तेज अप्रूवल पर जोर
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बैंक भी मैदान में उतरे, तेज अप्रूवल पर जोर
ग्राहकों की इसी बढ़ती मांग को देखते हुए बैंक भी गोल्ड लोन कारोबार में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं. जहां NBFC कंपनियां तेज प्रोसेसिंग के दम पर आगे बढ़ रही हैं, वहीं बैंक भी डिजिटल प्रोसेस और तेजी से अप्रूवल की सुविधा पर जोर दे रहे हैं. इंडियन बैंक ने 725 शाखाओं को विशेष गोल्ड लोन सेंटर के तौर पर विकसित किया है, जहां 15 मिनट में गोल्ड लोन अप्रूवल की सुविधा पर जोर दिया जा रहा है. वहीं यूनियन बैंक और फेडरल बैंक जैसे बैंक भी गोल्ड लोन कारोबार का तेजी से विस्तार कर रहे हैं. (Photo: Getty)

गोल्ड वैलुअर्स की संख्या में भी बड़ा इजाफा
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गोल्ड वैलुअर्स की संख्या में भी बड़ा इजाफा
मांग में आई तेजी का असर ब्रांचों में काम करने वाले गोल्ड वैलुअर्स की संख्या पर भी दिख रहा है. इंडियन बैंक ने बीते छह महीनों में 982 नए अप्रैजर्स जोड़े हैं, जिससे कुल अप्रैजर्स की संख्या बढ़कर 3,538 हो गई है. वहीं इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी अपने पैनल का विस्तार किया है. यानी एक तरफ उद्योग और सर्विस सेक्टर में कर्ज की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, दूसरी तरफ सोने के बदले कर्ज लेने की मांग लगातार बढ़ रही है. इससे साफ है कि भारतीय परिवारों के लिए तिजोरी में रखा सोना आज भी मुश्किल वक्त का सबसे भरोसेमंद आर्थिक सहारा बना हुआ है.

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