नेशनल पेंशन स्कीम को छोड़कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लेने का विकल्प मिल चुका है, लेकिन यह सभी के लिए नहीं है, कुछ ही लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. राज्य सरकार ने इन कर्मचारियों को NPS से OPS के शिफ्ट होने का विकल्प दे दिया है.
यह विकल्प जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने कुछ सरकारी कर्मचारियों को दिया है. राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने के लिए सिर्फ एक बार का विकल्प होगा. यह सुविधा उन कर्मचारियों पर लागू होती है जिनके पद या रिक्तियां केंद्र शासित प्रदेश में एनपीएस लागू होने से पहले थीं.
वित्त विभाग ने 28 सितंबर, 2026 को सरकारी आदेश जारी किया, जिसमें पात्र कर्मचारियों को 28 दिसंबर, 2026 तक विकल्प चुनने का समय दिया गया. एक बार विकल्प चुनने और मंजूर होने के बाद, यह फैसला अंतिम होगा. इसके बाद आप वापस एनपीएस में नहीं आ सकेंगे.
कौन-कौन उठा सकता है लाभ?
यह विकल्प NPS के तहत आने वाले जम्मू कश्मीर सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नहीं है. यह खासतौर से उन कर्मचारियों पर लागू होता है, जिनकी नियुक्ति 24 दिसंबर 2009 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पद या रिक्ति के विरुद्ध हुई थी, लेकिन जिनकी वास्तविक नियुक्ति 1 जनवरी, 2010 को या उसके बाद हुई थी.
ये डेट इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि जम्मू-कश्मीर ने 24 दिसंबर, 2009 को एसआरओ-400 के माध्यम से पेंशन सिस्टम शुरू किया था. यह सिस्टम 1 जनवरी 2010 से नौकरी पर लाए गए कर्मचारियों पर लागू होती है. इससे ऐसी स्थिति पैदा हो चुकी है, जिसमें कुछ भर्ती प्रक्रियाएं पहले के पेंशन ढांचे के तहत शुरू हुई थीं, जबकि नियुक्तियां एनपीएस के लागू होने के बाद पूरी हुईं.
जम्मू-कश्मीर ने यह विकल्प क्यों पेश किया है?
यह फैसला परिवर्तन से प्रभावित कर्मचारियों की शिकायतों के बाद लिया गया है. उन्होंने तर्क दिया था कि एनपीएस लागू होने से पहले ही उनके पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे, जबकि उन्होंने सरकारी सेवा में बाद में कार्यभार संभाला था.
केंद्र ने 2023 में भी इसी तरह के मुद्दे को संबोधित किया था.3 मार्च, 2023 के एक कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से, पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने केंद्रीय सरकारी सिविल कर्मचारियों को एक बार का विकल्प प्रदान किया था, जिनकी नियुक्ति एनपीएस लागू होने से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों या रिक्तियों के खिलाफ की गई थी, लेकिन जिन्होंने इसके लागू होने के बाद सेवा में कार्यभार ग्रहण किया था.