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यूटिलिटी

EPFO में कई बड़े बदलाव... सिर्फ 3 दिन में क्‍लेम सेटलमेंट, अकाउंट ट्रांसफर भी आसान

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन
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कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) ने पाइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की सुविधा को और आसान करने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं. इसमें क्‍लमे सेटलमेंट से लेकर पेंशन संबंधी समस्‍याएं शामिल हैं. अगर आप भी पीएफ कंट्रीब्‍यूटर कर्मचारी हैं, तो आइए जानते हैं आपके लिए क्‍या-क्‍या बदला गया है. 

ईपीएफओ के नियमों में बदलाव
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श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में ईपीएफओ के नियमों पर बोलते हुए कहा कि हमरा मकसद सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है. इससे क्‍लेम सेटलमेंट फास्‍ट हो जाएगा, प्रोसेस आसान हो जाएगा और डिजिटली एक ही जगह पर सभी सुविधाएं मिल सकेंगी.

ऑटोमैटिक पेंशन ट्रांसफर
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ऑटोमैटिक पेंशन ट्रांसफर: सबसे बड़ा बदलाव सेंट्रलाइज्‍ड पेंशन पेमेंट सिस्‍टम (CPPS) को लेकर हुआ है. मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से सभी फील्‍ड ऑफिसर ने इस सिस्‍टम को अपना लिया है. इस सिस्‍टम के आने से हर महीने बिना परेशानी और गलती है 70 लाख से ज्‍यादा पेंशनर्स को समय पर पेंशन दी जा रही है. 

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क्‍लेम सेटमेंट फास्‍ट
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क्‍लेम सेटमेंट फास्‍ट: सरकार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 25 फरवरी 2026 तक 5 लाख रुपये तक के कुल 3.52 करोड़ रुपये से ज्यादा क्लेम ऑटो मोड में सेटल किया जा चुका है. कुल एडवांस क्‍लेम में से करीब 71.37% ऑटोमैटिक तरीके से सेटल किए जा चुके हैं. इन सेटमेंट्स के जरिए करीब 51,620 करोड़ रुपये की राशि दी गई है. ऐसे में यह क्लियर है कि लोगों को ज्‍यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है. 

अकाउंट ट्रांसफर आसान
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अकाउंट ट्रांसफर आसान: नौकरी चेंज करने पर अब आसानी से ईपीएफ अकाउंट ट्रांसफर हो जाता है, जबकि पहले नियोक्‍ता की मंजूरी और कई स्‍टेप्‍स लगते थे, लेकिन अब केवाईसी अपडेट होने पर यह काम ऑटोमैटिक हो जाता है. 25 फरवरी 2026 तक 70.5 लाख ऑटो ट्रांसफर क्‍लेम्‍स बिना किसी दखल के प्रोसेस हो चुके हैं. 

3 दिन में क्‍लेम सेटमेंट
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3 दिन में क्‍लेम सेटमेंट: कागजी काम कम करके पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और ऑटोमेटेड बनाने की कोशिश की गई है. पहले जहां क्लेम सेटलमेंट में 20 दिन तक लग जाते थे, लेकिन अब ये काम 3 दिन से भी कम समय में हो जा रहा है. इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों के लिए बड़ी राहत है. 

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