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क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार ने बढ़ाया कदम, 10 साल में छप्पर फाड़कर कमाई!

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कानून बनाने की तैयारी
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केंद्र सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है. वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार एक क्रिप्टोकरेंसी बिल को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है. इसे जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल को भेजा जाएगा. 

विधेयक लाने की तैयारी
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दरअसल, अनुराग ठाकुर ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी के संबध में केंद्र सरकार जल्द ही एक विधेयक लाएगी. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक, सेबी आदि जैसी नियामक संस्थाओं के पास क्रिप्टोकरेंसी को सीधे रेगुलेट करने के लिए कोई कानूनी ढांचा नहीं है, क्योंकि वे न तो मुद्राएं हैं और न ही संपत्ति और न ही प्रतिभूतियां.
 

मौजूदा कानून सक्षम नहीं
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उन्होंने कहा कि मौजूदा कानून इस विषय से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और सरकार ने इस संबंध में एक अंतर-मंत्रालय समिति का गठन किया, जिसने अपनी रिपोर्ट दी. साल 2018 में भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित लेनदेन बैंकों को प्रतिबंधित कर दिया था. हालांकि, पिछले साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध हटा दिया था.

क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में जबरदस्त उछाल
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वहीं इस बीच क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में पिछले 3 दिनों में जबरदस्त उछाल आई है. खासकर बिटक्वॉइन, लाइटक्वॉइन और डॉगक्वॉइन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है. पिछले 24 घंटे में दुनिया की सबसे ज्यादा चर्चित क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई है. एक बिटक्वॉइन की कीमत 47,553 डॉलर यानी 34.66 लाख रुपये से अधिक पर ट्रेड कर रही है. 

टेस्ला का Bitcoin में बड़ा निवेश
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पिछले 24 घंटे में बिटक्वॉइन की कीमतों में 21.47% की तेजी आई है. इसके पीछे एलन मस्क की कंपनी टेस्ला का Bitcoin में बड़ा निवेश है. एलन मस्क की कंपनी Tesla ने सोमवार को जानकारी दी है कि उसने Bitcoin में 1.5 बिलियन डॉलर इन्वेस्ट किया है. ये खबर आते ही बिटक्वॉइन की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई. 
 

लोक्रपिय हुई है क्रिप्टोकरेंसी
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लोकप्रिय हुई क्रिप्टोकरेंसी

पिछले दिनों RBI ने अपनी पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम इन इंडिया रिपोर्ट में कहा है कि ‘निजी डिजिटज मुद्रा (PDC), वर्चुअल करेंसी या क्रिप्टोकरेंसी हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हुई हैं. ऐसे में RBI रुपया का डिजिटल संस्करण लॉन्च करने की संभावनाएं तलाश रहा है. इस रिपोर्ट में देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों पर भी चर्चा की गई है. 

क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी
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क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी
क्रिप्टो का मतलब ऐसी चीज जो रियल न हो. क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी मुद्रा है जो कंप्यूटर एल्गोरिद्म पर बनी होती है. यह सिर्फ इंटरनेट और कंप्यूटर पर उपलब्ध होती है. यह एक स्वतंत्र मुद्रा है, जिसका कोई मालिक नहीं होता. यह करेंसी किसी भी एक अथॉरिटी के काबू में भी नहीं होती. डिजिटल या क्रिप्टोकरेंसी इंटरनेट पर चलने वाली एक वर्चुअल करेंसी हैं. बिटक्वॉइन के अलावा दुनिया में सैकड़ों अन्य क्रिप्टोकरेंसी भी मौजूद हैं जैसे- रेड कॉइन, सिया कॉइन, सिस्कॉइन, वॉइस कॉइन और मोनरो. 

क्रिप्टोकरेंसी में रिटर्न यानी मुनाफा काफी अधिक
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क्रिप्टोकरेंसी में रिटर्न यानी मुनाफा काफी अधिक होता है, ऑनलाइन खरीदारी से लेन-देन आसान होता है. क्रिप्टोकरेंसी के लिए कोई नियामक संस्था नहीं है, इसलिए नोटबंदी या करेंसी के अवमूल्यन जैसी स्थितियों का इस पर कोई असर नहीं पड़ता. साल 2009 में जब बिटकॉइन को लॉन्च किया गया था तब उसकी वैल्यू 0 डॉलर थी. 2010 में भी इसकी वैल्यू 1 डॉलर तक नहीं पहुंची. लेकिन आज बिटकॉइन का रेट हजारों डॉलर में पहुंच गया है.
 

कैसे होता है बिटक्वाइन से लेनदेन
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कैसे होता है बिटक्वाइन से लेनदेन
बिटक्वाइन (Bitcoin) के लेनदेन का एक लेजर बनाया जाता है. दुनिया में लाखों व्यापारी भी बिटक्वाइन से लेनदेन करते हैं. हालांकि किसी भी केंद्रीय बैंक ने अभी इसको मान्यता नहीं दी है. अमेरिका की कई दिग्गज कंपनियां भी बिटक्वॉइन को स्वीकार करती हैं. इंटरनेट की दुनिया में इसकी खरीद-फरोख्त कराने वाले कई एक्सचेंज हैं. इंटरनेट की कई वेबसाइट और ऐप के माध्यम से इसकी खरीद-फरोख्त होती है. इसमें खरीद-फरोख्त करने वालों की जानकारी छुपी रहती है.

क्या होता है बिटक्वाइन
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क्या होता है बिटक्वॉइन

बिटक्वॉइन (Bitcoin) एक क्रिप्टोकरेंसी है. इसे सातोशी नकामोति ने साल 2008 में बनाया था. आजतक यह नहीं पता चल पाया है कि सातोशी नकामोति कौन है? कोई इंसान है या संस्था? कहां का है? इसे पहली बार 2009 में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में जारी किया गया था. इसको कोई बैंक या सरकार कंट्रोल नहीं करती है. भारत में रिजर्व बैंक ने इसे मान्यता नहीं दी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल करेंसी के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में लेन देन की इजाज़त दे दी है. यानी भारत में भी बिटक्वॉइन की खरीद-फरोख्त हो सकती है.